जगदलपुर के बाद अब गरियाबंद में हथियार डालेंगे नक्सली:नक्सल लीडर सुनील बोला-अभी हमारे पास मौका, पहले हमें बचना है, सोनू दादा हथियार सौंप चुके

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में 210 नक्सलियों के सरेंडर के बाद अब गरियाबंद में भी नक्सलियों ने हथियार डालने की घोषणा की है। उदंती एरिया कमेटी के नक्सली लीडर सुनील ने पर्चा जारी कर इसकी जानकारी दी है। साथ ही अपने साथियों से भी हथियार डालने की अपील की है। नक्सल लीडर सुनील ने पर्चा में लिखा कि आज की परिस्थितियों के अनुसार हथियार के साथ लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती। इसलिए हथियार छोड़ रहे हैं। पहले सोनू दादा ने 60 साथियों के साथ महाराष्ट्र में सरेंडर किया। फिर लीडर रूपेश ने 210 साथियों के साथ हथियार छोड़ा। सुनील ने लिखा सशस्त्र आंदोलन को विराम दिया है। इन सभी ने सरकार को अपने हथियारों को सौंप दिया है। हथियार बंद संघर्ष को विराम देने के लिए सोनू ने बुकलेट जारी किया है। जिसमें लिखा है कि आज की परिस्थितियों में सशस्त्र आंदोलन चलाना मुश्किल है। अभी हमारे पास मौका है। पहले हमें बचना है, उसके बाद संघर्ष आगे बढ़ाना है। फोर्स का दबाव ज्यादा बढ़ा नक्सल लीडर सुनील ने पर्चे में आगे लिखा है कि फोर्स का दबाव ज्यादा बढ़ गया है। जिस तरह से क्रांति को चला सकते थे, उस तरह से क्रांति को नहीं चला पाए। सेंट्रल कमेटी सही समय पर निर्णय नहीं ले सकी।सभी साथी हथियार बंद को विराम देकर जनांदोलनों के साथ रहकर जनता की समस्याओं को हल करने का प्रयास करेंगे। गरियाबंद में सशस्त्र आंदोलन को विराम सुनील ने पर्चे में लिखा कि हमारी उदंती टीम गरियाबंद में सशस्त्र आंदोलन को विराम करने जा रही है। सभी यूनिट के साथी इस सशस्त्र आंदोलन को विराम देने के लिए आएं हैं। अभी हमारे पास मौका है। पहले हमें बचना है, उसके बाद संघर्ष आगे बढ़ाना है। सभी यूनिट गोबरा, सीनापाली, एसडीके, सीतानदी से अपील की है कि सोचकर सही फैसला लें। ऐसा न हो कि कहीं देर हो जाए। पहले भी हम अपने कई साथियों को खो चुके हैं। पत्र में मोबाइल नंबर जारी कर 20 अक्टूबर को सभी को एकत्रित होने की अपील की है। गरियाबंद एसपी ने की सरेंडर करने की अपील वहीं गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि, मैंने पहले भी कई बार सरेंडर करने कहा था, जिसका असर दिख रहा है। बचे नक्सलियों से भी हथियार के साथ आत्मसमर्पण करने की अपील की है। मुझसे भी किसी नक्सली को संपर्क करना हो तो कर सकते हैं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी होगी।
जगदलपुर में 210 नक्सलियों का सरेंडर इससे पहले, 17 अक्टूबर को जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है। 153 हथियार भी सौंपे गए हैं। इनमें गुरुवार को बस्तर में सरेंडर करने वाले 140 और कांकेर में पहले आत्मसमर्पण कर चुके 60 से ज्यादा नक्सली शामिल हैं। इनमें महिला नक्सलियों की संख्या पुरुषों से अधिक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि, सरेंडर करने वालों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मकान, जमीन और तीन साल तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। पुलिस लाइन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सभी नक्सलियों को भारतीय संविधान की किताब और एक गुलाब भेंट कर उनका स्वागत किया गया। सरेंडर कार्यक्रम स्थल पर नक्सलियों को 3 बसों के जरिए लाया गया। सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) सतीश उर्फ टी. वासुदेव राव उर्फ रूपेश को अलग से कार से कार्यक्रम स्थल तक लाया गया। रूपेश माड़ डिवीजन में सक्रिय था। उस पर 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था, जबकि अन्य नक्सलियों पर 5 लाख से 25 लाख तक के इनाम थे। बैज बोले- सरकार बताए कि ये नक्सली कौन हैं वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण को कांग्रेस ने सरकार का समर्पण इवेंट बताया है। बैज ने कहा कि सरकार बताए कि ये नक्सली कौन हैं? नाम, पहचान, कौन से आपराधिक मामले इन पर दर्ज हैं? सरेंडर हथियारों के साथ हुआ या बिना हथियार के हुआ। बैज ने कहा कि 2023 तक बस्तर में 40 किमी के दायरे में नक्सलवाद सिमट गया था। ये सरेंडर कांग्रेस सरकार की नीतियों का असर है। इसके पहले बैज ने सरकार आंकड़े बढ़ाने के लिए एक महीने पहले सरेंडर कर चुके नक्सलियों को भी दोबारा सरेंडर करा रही है। विजय शर्मा बोले- ये सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल जैसा गृहमंत्री विजय शर्मा ने बैज के आरोपों पर कहा कि नक्सल सरेंडर पर सवाल उठाना, एयर स्ट्राइक या सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने जैसा है। कांग्रेस को झीरम घाटी की घटना याद होनी चाहिए, जहां उनके बड़े नेता मारे गए थे। पांच साल तक रिपोर्ट जेब में रखकर बैठे रहे। अब जब हम नतीजा ला रहे हैं तो उस पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। ……………………………. इससे संबंधित ये खबर भी पढ़ें सरेंडर्ड नक्सलियों को मकान-जमीन…3 साल तक आर्थिक मदद: 210 माओवादियों ने डाले हथियार, संविधान की किताब-गुलाब से स्वागत, कार से आया सेंट्रल कमेटी मेंबर रूपेश जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है। 153 हथियार भी सौंपे गए हैं। इनमें गुरुवार को बस्तर में सरेंडर करने वाले 140 और कांकेर में पहले आत्मसमर्पण कर चुके 60 से ज्यादा नक्सली शामिल हैं। इनमें महिला नक्सलियों की संख्या पुरुषों से अधिक है। पढ़ें पूरी खबर…

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