अजय चंद्राकर बोले- कांग्रेसी चाटना और काटना जानते हैं:मुख्यमंत्री पर हमले के बाद बीजेपी का पलटवार, MP नेता-प्रतिपक्ष ने साय पर की थी टिप्पणी

कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक और मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि मध्यप्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी ‘पर्ची वाले मुख्यमंत्री’ हैं। वे सीएम कम, प्रधानमंत्री का असिस्टेंट ज्यादा दिखते हैं। वहीं इस टिप्पणी के बाद भाजपा की ओर से पलटवार भी सामने आया है। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा, “कांग्रेस चाटने और काटने वाली पार्टी बन चुकी है। उनके नेता जनता के नहीं, दिल्ली के दरबारी हैं। यहां एक-दूसरे को काटते हैं और फिर दिल्ली जाकर चाटते हैं।” वहीं बेलतरा से भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा, “जो खुद को हिंदू नहीं मानते और अपनी महिला मित्र को न्याय नहीं दिला सके, उन्हें छत्तीसगढ़ की राजनीति पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है।” बिलासपुर दौरे के दौरान सिंघार ने दावा किया कि भाजपा सरकार अपने दो साल के कार्यकाल में हर मोर्चे पर विफल रही। उन्होंने कहा, “कांग्रेस एक समुद्र है, जो हर तरह के जहाज को लेकर चल सकती है। हम 2028 में इसी समुद्र के सहारे सत्ता में वापसी करेंगे।” ईवीएम पर सवाल उठाते हुए सिंघार बोले, जिस दिन ईवीएम बंद होगी, उस दिन भाजपा 50 सीट भी नहीं जीत पाएगी। ​​​भास्कर की टीम ने उमंग सिंघार से मौजूदा राजनीति, 2028 की तैयारी और कांग्रेस की रणनीति पर खास बातचीत की है। पढ़िए पूरा इंटरव्यू:- केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाए गए है सिंघार छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान चल रहा है, जिसके तहत जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। बिलासपुर जिले के पर्यवेक्षक और मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार यहां नेताओं और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी करने पहुंचे। सवाल: संगठन सृजन अभियान में जिलाध्यक्ष बनाने के लिए क्या क्राइटेरिया है। जवाब: कांग्रेस संगठन को आगामी 2028 में मजबूती दिलाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव राहुल गांधी ने संगठन सृजन अभियान शुरू किया है, इसे लेकर कांग्रेस में उत्साह है। नया जोश, नई सोच और नए नेतृत्व के साथ बदलाव की आवश्यकता है। साथ ही नई पीढ़ी को मौका देने का समय है। सवाल: कांग्रेस हाईकमान ने कहा है कि जो चुनाव लड़ेगा उसे संगठन में जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, कैसे तय होगा? जवाब: चुनाव लड़ने की प्राथमिकता अलग होती है और संगठन चलाने की अलग। चुनाव में अलग-अलग समीकरण को देखते हुए टिकट दी जाएगी। कांग्रेस अब नई सोच के साथ आगे लड़ाई लड़ेगी, जिन्हें चुनाव लड़ना है, उन्हें पहले पद छोड़ना पड़ेगा। चुनाव नहीं लड़ने वाला संगठन में काम करेगा। संगठन सृजन की यही क्राइटेरिया है। सवाल: कांग्रेस में हर बार कार्यकर्ताओं की रायशुमारी लेने का दावा किया जाता है, लेकिन आखिरी में सबकुछ हाईकमान तय करता है। जवाब: कांग्रेस को मजबूत करने के लिए यही परेशानी थी, जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने समझा है, जिसे दूर करने के लिए हमको भेजा है। साथ ही नए सिरे से नए तरीके से आम कार्यकर्ताओं की बातों को सुना जा सके। अब निश्चित ही अब पार्टी के प्रति समर्पित है और काम करना चाहता है, उन्हें मौका मिलेगा। सवाल: मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों जगह कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में है, भाजपा से किस तरह मुकाबला करने की रणनीति है। जवाब: दो साल में मध्यप्रदेश में 64 विधायकों ने हर मुद्दे पर सरकार को घेरा है। भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। छत्तीसगढ़ में भी सरकार बड़े उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। आम लोगों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस तरह बिजली के बिल आ रहे हैं आम जनता में बोझ डाला जा रहा है। स्मार्ट मीटर का रिमोट विदेशी कंपनियों के हाथ में है। जिससे जनता परेशान हैं। सवाल: छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार को लेकर क्या कहेंगे। जवाब: छत्तीसगढ़ में नहीं लगता कि मुख्यमंत्री हैं वो तो प्रधानमंत्री के असिस्टेंट लगते हैं। जिस तरह से मध्यप्रदेश में पर्ची वाले सीएम हैं वैसे ही छत्तीसगढ़ में भी है। न तो वे बोलते हैं और बात करते नहीं हैं। न ही जनता के बीच उनका कोई समन्वय संवाद हो पाता है। सवाल: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लगातार छत्तीसगढ़ का दौरा कर रहे हैं, आपको क्या लगता है। जवाब: प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद जिस तरह से अमित शाह छत्तीसगढ़ का दौरा कर रहे हैं, इससे लगता है कि वो मुख्यमंत्री को बचाने के लिए आए या फिर कोयला खदानों का काम कराने के लिए दौरा किया। क्योंकि, यहां की सरकार बड़े उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है आम लोगों के लिए काम नहीं कर रही है। अब जानिए क्यों कहा- पर्ची वाले मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीएम मध्यप्रदेश में कांग्रेस में डॉ. मोहन को पर्ची वाले सीएम का नाम दिया गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि डॉ. मोहन सिंह यादव को जनता ने विधानसभा चुनाव में अपना मत नहीं दिया था। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान को चुना था। लेकिन पर्ची के जरिए अचानक डॉ. मोहन सिंह यादव को मुख्यमंत्री बना दिया गया। यही वजह है कि कांग्रेस उन्हें पर्ची वाले मुख्यमंत्री कहते हैं। कोटा में संगठन सृजन की बैठक, कार्यकर्ताओं से की रायशुमारी संगठन सृजन अभियान के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से नियुक्त पर्यवेक्षक और मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश पर्यवेक्षक धनेश पाटिला, नरेश ठाकुर के साथ कोटा पहुंचे। जहां कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ रायशुमारी की गई। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशानुसार संगठन सृजन अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जिलाध्यक्ष पद उम्मीदवारों की जानकारी ली और कहा के पार्टी के मापदंडों के बारे में बताया। बैठक की अध्यक्षता विधायक अटल श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी और ब्लॉक अध्यक्ष आदित्य दीक्षित ने की। उन्होंने बैठक की समुचित व्यवस्था की और कार्यकर्ताओं को संगठन सृजन अभियान से अवगत कराया। इस मौके पर सुरेश चौहान, अरुण त्रिवेदी, संतोष गुप्ता संदीप शुक्ला, मनोज बाजपेयी, कुलवंत सिंह समेत अन्य मौजूद रहे। उमंग सिंघार के बयान पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

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