33 जिलों में अलर्ट, बस्तर संभाग के जिले भीगेंगे:3 दिन तेज पानी बरसेगा, रायपुर में बिजली गिरने से एक ही दिन में तीन मौतें

छत्तीसगढ़ में आने वाले तीन दिनों तक तेज बारिश हो सकती है। पिछले 36 घंटों की बात करें तो पांचों संभागों के ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। वहीं बस्तर के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है। इसके अलावा रायपुर में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। रायपुर एयरपोर्ट का नेविगेशन सिस्टम खराब हो गया। जिसके चलते सर्विस 24 घंटे से अधिक समय तक प्रभावित रही। इस दौरान कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई, वहीं कई रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड ही नहीं कर पाई। फिलहाल नेविगेशन सिस्टम सुधार लिया गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिलों में गरज चमक के साथ बिजली गिरने का यलो अलर्ट जारी किया है। जबकि बस्तर संभाग के जिलों में भारी बारिश हो सकती है। मानसून की बात करें तो 8 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का 88% प्रतिशत कोटा पूरा हो चुका है। सामान्य तौर पर औसत 1143.3 मिमी बारिश होती है, जबकि अब तक 1006.7 मिमी वर्षा हो चुकी है। इस साल अगस्त के महीने को छोड़ दें तो मानसून अब तक सामान्य रहा है। रायपुर में बिजली गिरने से तीन मौत बुधवार को बिजली गिरने से रायपुर में तीन लोगों की मौत हो गई। पहला मामला रायपुर के राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र के सेंट जोसेफ स्कूल का है। जहां क्लास 10th के स्टूडेंट प्रभात साहू पर बिजली गिर गई। हादसे के वक्त प्रभात स्कूल के मैदान में फ्रिसबी खेल रहे थे। दूसरा मामला मुजगहन थाना क्षेत्र का है। जहां दोपहर के वक्त खेत में काम कर रही 27 वर्षीय सुशीला साहू पर बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई। सुशीला बारिश से बचने के लिए खेत से लौट रही थीं तभी उन पर बिजली गिर गई। वहीं अभनपुर के ग्राम पंचायत सलौनी में 17 साल की खम्महन भारती की मौत बिजली गिरने से हुई है। खम्महन भी सुशीला की तरह खेत से लौट रही थी। इसी दौरान हादसा हो गया। परिजन और ग्रामीण खम्महन को हॉस्पिटल लेकर पहुंची, लेकिन देर हो चुकी थी। मौसम से जुड़ी बाकी अपडेट जानने से पहले इन स्लाइड से होकर गुजर जाइए बिजली गिरने का कारण भी जान लीजिए बादलों में मौजूद पानी की बूंदें और बर्फ के कण हवा से रगड़ खाते हैं, जिससे उनमें बिजली जैसा चार्ज पैदा होता है। कुछ बादलों में पॉजिटिव और कुछ में नेगेटिव चार्ज जमा हो जाता है। जब ये विपरीत चार्ज वाले बादल आपस में टकराते हैं तो बिजली बनती है। आमतौर पर यह बिजली बादलों के भीतर ही रहती है, लेकिन कभी-कभी यह इतनी तेज होती है कि धरती तक पहुंच जाती है। बिजली को धरती तक पहुंचने के लिए कंडक्टर की जरूरत होती है। पेड़, पानी, बिजली के खंभे और धातु के सामान ऐसे कंडक्टर बनते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनके पास या संपर्क में होता है तो वह बिजली की चपेट में आ सकता है। चलिए, अब आपको मौसम से जुड़े दूसरे अपडेट्स भी देते हैं पहले ये तस्वीरें देख लीजिए… बलरामपुर में सबसे ज्यादा पानी बरसा प्रदेश में अब तक 1006.7MM बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 472 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 50% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, बेमेतरा, जगदलपुर में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। वहीं, बलरामपुर जिले में 1365.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 55 अधिक है। आंकड़े 1 जून से 10 सितंबर 2025 तक के हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कत अभी बरकरार पिछले हफ्ते उत्तरी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हुई। बस्तर संभाग के 4 जिलों में कई पुल टूट गए, 200 से ज्यादा घर ढह गए। नदियां-नाले उफान पर आ गए और बाढ़ जैसे हालात बन गए। प्रशासन को राहत और बचाव कार्य चलाना पड़ा। प्रभावितों को राहत शिविर में रखा गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य की ओर बढ़ रही है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिक्कतें अब भी बरकरार हैं। बलरामपुर में बांध फूटने से 6 लोगों की मौत इसके अलावा बलरामपुर में बांध फूटने की घटना में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। 6 लोगों के शव मिल चुके हैं। 1 लापता बच्ची की तलाश जारी है। बता दें कि लगातार बारिश से लबालब बांध बह गया था। जिसकी चपेट में आकर निचले इलाके के 4 घर बह गए थे। बस्तर में 200 से ज्यादा घर ढहे बस्तर संभाग में पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद चार जिलों दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर में बाढ़ से 200 से ज्यादा मकान ढह गए। 2196 लोग राहत शिविर में शिफ्ट किए गए। इन्हें स्कूल, इंडोर स्टेडियम, आश्रम जैसे जगहों पर ठहराया गया है। अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। अब बाढ़ के बाद की तस्वीरें भी सामने आई हैं। बारसूर में स्टेट हाईवे 5 पर पुल टूट गया, टूटे पुल पर अब सीढ़ी बांधकर ग्रामीण आना जाना कर रहे हैं। बता दें कि नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर के 55 से 60 गांवों के ग्रामीण अपनी रोजमर्रा के सामानों के लिए बारसूर साप्ताहिक बाजार पहुंचते हैं।

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