कागजों में नदी से रेत खनन पर रोक…:हकीकत- धमतरी के बुडे़नी घाट से रात में रोज रायपुर तक पहुंचाई जा रही 150-200 हाइवा रेत

प्रदेश में रेत खनन पर 10 जून से 15 अक्टूबर तक रोक है। रायपुर, धमतरी में भी सभी रेत घाट की लीज रद्द है, लेकिन खनन कारोबारी सरकारी नियम ताक पर रखकर घाटों से रेत निकाल रहे हैं। राजधानी से महज 50 किमी दूर पैरी नदी से सीधे मशीनों से रेत निकाली जा रही है। रायपुर जिले के नवापारा से सटे धमतरी जिले के बुडेनी घाट से रोज रात पोकलेन से खुदाई कर 200 हाइवा से ज्यादा रेत रायपुर लाई जा रही है। यह खुलासा 2 अगस्त से 31 अगस्त के बीच पैरी और महानदी के रेत घाटों से रेत सप्लाई और खनन को लेकर की गई भास्कर की पड़ताल में हुआ है। जिस तरह से 3 जिलों के अलग-अलग शहरों के तीन थाने और कई चौक चौराहे पार कर अवैध खनन में लगे ये वाहन दौड़ते नजर आते हैं, वह अवैध रेत खनन को रोकने के लिए धमतरी से रायपुर के बीच तैनात खनिज और जिला प्रशासन के अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। रेत कारोबारियों ने नदी से रेत निकालने का पूरा सिस्टम तैयार किया हुआ है। इसके तहत रेत निकालने के लिए मशीनों को नदी में हर रोज रात 10 बजे के बाद उतारा जाता है। रिकार्ड में स्टॉक, सप्लाई सीधे नदी से
खनन कारोबारी द्रोणेश प्रकाश सोनवानी ने पैरी नदी के बुड़ेनी घाट पर रेत भंडारण की साइट बनाई है। जहां 10 हजार घनमीटर (करीब 500 हाइवा) रेत स्टॉक की है। भंडारण साइट पर पोकलेन व एक डंपर पैक कर रखा है। इसी साइट से 3 किलाेमीटर आगे 4 पॉकलेन मशीनें और एक डंपर रखा गया है। यही पोकलेन मशीनें रात में पैरी नदी से रेत निकालती है। 4 पोकलेन से खनन, एक मशीन 7 मिनट में भर देती है हाइवा राजिम- अभनपुर रोड पर रेत से भरे डंपर, हाइवा तेज रफ्तार में रायपुर आ रहे हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी नदी महानदी से सटे और पैरी नदी के बुड़ेनी घाट पर अवैध रेत खनन करने और डंपर, हाइवा को भरने के लिए पांच अलग-अलग स्थानों पर खनन माफिया की 4 पोकलेन मशीन खनन माफिया ने लगाई हैं। यहां मशीन एक डंपर को पांच मिनट और हाइवा को 7 मिनट में रेत से भर देती हैं। यह स्थिति तब है जबकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देश पर राज्य सरकार ने 10 जून से 31 अक्टूबर तक चार माह के लिए नदियों से रेत खनन पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। 31 अगस्त, रात: 1 बजे पीछा किया तो हाइवा ने दिया चकमा अभनपुर बस स्टैंड , अभनपुर बस स्टैंड की अधिकांश शॉप बंद हो गई हैं। बस स्टैंड के नजदीक ही बने गणेश पंडाल में तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम पर भजन बज रहे हैं। पंडाल के पीछे मैन रोड पर संचालित दो टी स्टॉल पर तीन ड्राइवर चाय की चुस्कियां ले रहे हैं। सभी ने अपने हाइवा , सड़क किनारे पार्क किए हुए हैं। तभी अचानक एक ड्राइवर के पास मोबाइल पर कॉल आता है। फोन पर करीब 35 सेकेंड की बातचीत के बाद ड्राइवर तेजी से अपने हाइवा को राजिम की और दौड़ाने लगता है। इसी हाइवा का पीछा रिपोर्टिंग टीम करती है। करीब 25 किलोमीटर बाद हाइवा गोबरा नवापारा बस्ती के बीच से चकमा देकर निकल गया है। जो साढ़े तीन तीन घंटे बाद तड़के 3:30 बजे गोबरा नवापारा के बाजार के बीच से रेत लेकर रायपुर जाता दिखा। अवैध खनन-परिवहन की कहानी 6 पॉइंट में समझें 1 रायपुर से आने वाले हाइवा रात 8 बजे से अभनपुर पहुंचने लगते हैं। ये कई जगहों पर ढाबों-सड़क के किनारे खड़े होते हैं।
2 अभनपुर से नवापारा होते हुए महानदी का पुल पार कर गरियाबंद जिले के राजिम से होते हुए ये वाहन पैरी नदी के बुडेनी घाट तक पहुंचते हैं …
3 अंधेरे में वाहन… अवैध खनन कर रेत माफिया के कॉल करने पर दो से चार की संख्या में घाट तक जाते हैं।
4 रेत भर कर 2-3 वाहन 5-7 मिनट के अंतराल से निकलते हैं, यह सिलसिला सुबह 4 बजे तक जारी रहता है।
5 रायपुर के लिए रेत वाले वाहन बुड़ेनी घाट से 200 मीटर दूर महानदी के पुल से नवापारा के बीच से होते हुए बाया अभनपुर बोरियाकला या नवा रायपुर होते हुए रायपुर से सटे गावों तक पहुंचाए जाते हैं।
6 यहीं रेत का अवैध तरीके से भंडारण किया गया है। बुड़ेनी घाट पर फिलहाल इस वक्त नदी में काफी पानी है। नदी से सीधे रेत नहीं निकाल रहे हैं। रेत का भंडारण किया हुआ है, उसी स्टॉक से रेत बेच रहा हूं।
– द्रोणेश प्रकाश सोनवानी, रेट कॉन्ट्रैक्टर, बुड़ेनी, धमतरी अभी नदी से सीधे रेत नहीं निकाली जा रही है। लाइसेंसी सप्लायर, डंपिंग साइट (भंडारण) से रेत की सप्लाई कर रहे हैं। जिले में अगर किसी नदी से रेत निकाली जा रही है? तो संबंधित नदी के घाट पर टीम भेजकर कार्रवाई करेंगे।
– अविनाश मिश्रा, कलेक्टर, धमतरी

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