साय कैबिनेट में विस्तार और सरकार में 14 मंत्रियों की नियुक्ति के बाद सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 14 मंत्रियों वाली कैबिनेट को अवैध करार दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा ने वरिष्ठ विधायकों की अनदेखी की है। वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि भाजपा के आंगन में तांकझांक न करें कांग्रेस के नेता। पूर्व सीएम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि क्या 14 मंत्री के लिए केंद्र सरकार से अनुमति ली गई है? हमारे कार्यकाल में भी अनुमति मांगी गई थी, लेकिन मंजूरी नहीं मिली थी। अब अगर केंद्र से अनुमति दी गई है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। वरिष्ठ विधायकों की अनदेखी हुई है। अगर उनमें आत्मसम्मान है तो उन्हें पार्टी के भीतर और बाहर खुलकर लड़ाई लड़नी चाहिए। वहीं, पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पसंद के बिना ही तीन नए मंत्रियों की नियुक्ति की गई है। बैज ने भविष्यवाणी की है कि इस विस्तार से भाजपा में अंतर्कलह और बढ़ेगी और संभव है कि सरकार अपना कार्यकाल ही पूरा न कर पाए। कांग्रेस के चरमराते संगठन की फिक्र करें दीपक बैज : ठाकुर
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि भाजपा में अंतर्कलह और प्रदेश सरकार की उल्टी गिनती शुरू होने की कपोल कल्पना करके भाजपा के आंगन में ताकझांक करने की अपनी लत से कांग्रेस बाज नहीं आ रही है। कांग्रेस के लोग अपनी पार्टी के घमासान को तो थाम नहीं पा रहे हैं। ठाकुर ने कहा कि बैज के पहले अपनी और अपनी कांग्रेस के चरमराते संगठन की फिक्र करनी चाहिए। कांग्रेस में अब कोई किसी की सुनने को तैयार ही नहीं है। प्रदेश में विकास की गति को और मिलेगी तेजी: किरण सिंह देव
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि सरकार मोदी की गारंटी के तहत व्यक्त संकल्पों को पूरा करते हुए सुशासन व गरीब कल्याण के अपने लक्ष्य को धरातल पर साकार करेगी। मंत्रिमंडल विस्तार में छत्तीसगढ़ को संवारने की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति व्यक्त हुई है। केन्द्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में भाजपा सरकार एक सशक्त और स्थिर सरकार देकर ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प की दिशा में और तेजी से लेकर जाएगी। मंत्रालय में 13वें मंत्री का कमरा जुगाड़ से तैयार कराया साय कैबिनेट में 13वें मंत्री की एंट्री के साथ ही मंत्रालय में मंत्रियों के कमरों का गणित गड़बड़ा गया है। मिनिस्ट्रियल ब्लॉक में 13वें मंत्री के लिए कमरा ही नहीं बनाया गया है। दरअसल जब मंत्रालय बनाया गया था तब विधानसभा सीटों के हिसाब से 12 मंत्रियों के लिए मिनिस्ट्रियल ब्लॉक में कमरे बनाए गए थे। राज्य बनने के बाद जोगी, रमन और भूपेश सरकार में 12 मंत्री ही रहे, इसलिए दिक्कत नहीं हुई। साय सरकार में पहली बार मंत्रियों की संख्या बढ़ाकर 13 की गई है। इसलिए नए मंत्री के लिए कमरे की समस्या खड़ी हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के अफसरों ने तत्काल में जैसे तैसे 13वें मंत्री के लिए छोटे कमरों का जुगाड़ किया है। चर्चा है कि अफसर इस बात को लेकर चिंतित हैं कि छोटा कमरा आवंटित होने से मंत्री नाराज न हो जाएं। हालांकि छोटे कमरे का जुगाड़ करने के पहले उच्च स्तर पर मार्गदर्शन मांगा गया था। उसके बाद ही कमरे आवंटित किए गए हैं। अफसरों के अनुसार फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। वहीं कुछ संसदीय सचिवों के कमरे खाली जरूर हैं लेकिन उनमें अफसर बैठ रहे हैं।
कंट्रोवर्सी:मंत्रिमंडल विस्तार में वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा पर भाजपा-कांग्रेस में जुबानी-जंग


















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