छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन ने सरकारी अस्पतालों में सप्लाई ओफ्लैक्सासीन ओर्निडजोल टेबलेट के उपयोग पर रोक लगा दी है। राज्यभर के सरकारी अस्पतालों और छोटे हेल्थ सेंटरों में इस टेबलेट का जितना भी स्टॉक है उसे स्टोर में क्वारेंटाइन रखने का निर्देश दिया गया है। उल्टी-दस्त और पेट के संक्रमण सहित सूजन को कम करने में उपयोग होने वाली इस दवा की कवर्धा में राज्य औषधि भंडार में जांच की गई थी। जांच के दौरान उसमें काले धब्बे मिले। उसकी सूचना दवा कार्पोरेशन को दी गई। कार्पोरेशन ने हर जिले में दवा के स्टॉक के जांच के आदेश दिए हैं। सर्जिकल ब्लेड में जंग, ग्लब्स फटे मिले, 3 माह में ऐसी 15 दवाओं व इंस्टूमेंट पर रोक
राज्य के सरकारी अस्पतालों में पिछले 3 माह के दौरान ही सर्जिकल ब्लेड और ग्लब्स से लेकर स्लाइन तक में गड़बड़ी निकली है। किसी सरकारी अस्पताल में सर्जिकल ब्लेड जंग लगा निकला था तो किसी में ग्लब्स ऐसे पहुंचे थे कि पहनने के दौरान ही फट जा रहे थे। काले धब्बे वाली तो टेबलेट के तो कई पत्ते निकल गए हैं। अलग-अलग अस्पतालों से शिकायतें मिलने के बाद सभी के उपयोग पर रोक लगाने के साथ उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। हालांकि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन सीजीएमएससी ने दवा व उपकरणों की खरीदी के बाद उनकी लैब में जांच करवायी थी। लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही अस्पतालों में सप्लाई की गई। अब रोक लगाने के बाद भी उस बैच की सभी दवाओं व उपकरणों के सैंपल दोबारा दो-दो लैब जांच के लिए भेजे गए हैं। दोनों लैब से ओके यानी उपयोग के लिए सेफ की रिपोर्ट आने के बाद ही उपयोग की अनुमति दी जाएगी। हालांकि सीजीएमएससी ने अस्पतालों में सप्लाई करने के पहले भी लैब में जांच करवायी थी, उस समय उपयोग के योग्य की रिपोर्ट आने के बाद ही हेल्थ सेंटरों में भेजा गया था। इससे लैब की जांच पर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर पड़ताल के दौरान पता चला है कि अभी तक जितनी भी दवाओं या उपकरणों के उपयोग पर रोक लगाई गई है, उन सभी के बारे में केवल एक ही अस्पताल या सेंटर से शिकायत मिली थी। पहले मिली ऐसी गड़बड़ी
{खांसी की सिरप मप्र में बच्चों की मौत {सर्जिकल ब्लेड जंग लगे निकले {सर्जिकल ग्लब्स पहनने के दौरान फटे {अल्बेंडाजोल टेबलेट खराब {कंपाउंड सोडियम लेक्टेड से कंपकंपी {फिनाइयल सोडियम बेअसर {प्रेडनी स्लोन बेअसर {एसेक्लोफिनेक पैरासिटामॉल पर काले धब्बे {पैरासिटामॉल पर काले धब्बे। कई कारण हो सकते हैं
^लैब में टेस्टिंग के बाद सप्लाई की गई दवाओं व उपकरणों में शिकायत आने के कई कारण हो सकते हैं। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। अभी तक किसी भी दवा या उपकरण के बारे में केवल एक ही सेंटर से शिकायत मिली है। ये भी जांच का विषय है।
रितेश अग्रवाल, एमडी सीजीएमएससी
दस्त-संक्रमण की दवा ‘ओफ्लैक्सासीन ओर्निडजोल’ में काले धब्बे, राज्य में उपयोग पर रोक


















Leave a Reply