CAF अभ्यर्थी बोले-क्यों न हम नक्सली बन जाएं:अमित शाह को लिखा पत्र, कहा-सरेंडर करने पर सभी सुविधाएं मिल रही,हम पढ़ें-लिखे क्वालिफाई,लेकिन नौकरी नहीं मिली

छत्तीसगढ़ आर्म्स फोर्स (CAF) की 2018 भर्ती प्रक्रिया में चयनित वेटिंग लिस्ट के 417 अभ्यर्थियों की नियुक्ति अभी तक नहीं हो पाई हैं। ये 8 साल से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। अब एक सितंबर को इन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा। कहा है कि, हम भी क्यों न नक्सली बन जाएं। अभ्यर्थी ओवरएज होते जा रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि, छत्तीसगढ़ सरकार की सरेंडर पॉलिसी के तहत नक्सलियों को जमीन, आवास, सरकारी नौकरी और करोड़ों का फंड दिया जाता है, लेकिन पढ़ें-लिखे क्वालिफाई और योग्य युवाओं को आज तक नौकरी नहीं मिल सकी, तो हम भी क्यों न नक्सली बन जाएं, उन्हें सरेंडर करने पर सारी सुविधाएं दी जा रही हैं। ​​​​​​अभ्यर्थी बोले- नक्सलियों से भी गए-गुजरे हो गए हैं हम अभ्यर्थियों का कहना है कि, सरेंडर करने वाले नक्सलियों को जहां सरकारी योजनाओं का लाभ, जमीन, आवास और नौकरी दी जा रही है, वहीं पढ़े-लिखे युवाओं को 8 साल से धक्के खाकर भी कुछ नहीं मिला। हम नक्सलियों से भी गए-गुजरे हो गए हैं। हम ईमानदारी से अपना हक मांग रहे हैं, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही। कहीं मजबूर होकर हमें नक्सलियों के राह पर चलना न पड़ जाए। केंद्र से मिला सकारात्मक जवाब अभ्यर्थियों ने दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में बताया कि, उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री को कलेक्टर के माध्यम के पत्र भेजा था। इस पत्र में उन्होंने सारी बातें बताई। वहां से रिसिविंग मिलने के साथ ही सकारात्मक जवाब भी मिला है। युवाओं का कहना है कि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने माना कि प्रक्रिया इतनी लंबी नहीं होनी चाहिए थी। जल्द ही इसका निराकरण करने की बात कही है। प्रदेश के एक अफसर को इस मामले का निराकरण करने और जवाब दिल्ली भेजने की बात भी कही गई है। 2018 में 1786 पदों पर निकली थी भर्ती CAF में 2018 में 1786 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। उस समय मेरिट और वेटिंग लिस्ट एक साथ जारी की गई थी। मेरिट लिस्ट वालों की नियुक्ति हो गई, लेकिन वेटिंग लिस्ट वाले अभ्यर्थियों को पद रिक्त न होने का हवाला देकर रोक दिया गया। जबकि भर्ती के बाद कई चयनित मेडिकल में फेल हो गए और कई युवाओं ने दूसरी नौकरी मिलने पर पद छोड़ दिया। इसके बाद भी खाली हुए पदों पर वेटिंग लिस्ट के युवाओं को नियुक्ति नहीं दी गई। जबकि आज सीएएफ में 3326 पद खाली हैं। ओवरएज होते जा रहे अभ्यर्थी इस भर्ती से जुड़े 417 उम्मीदवार अभी भी वेटिंग लिस्ट में है। इनमें से ज्यादातर ओवरएज हो चुके हैं। वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों में दुर्ग संभाग के अभ्यर्थी बड़ी संख्या में हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि 7 साल से वे मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि, हम राजनीति का शिकार हो चुके हैं। क्वालिफाई होकर भी बेरोजगार भटक रहे हैं। नक्सलियों को नौकरी और जमीन दी जाती है, लेकिन हमें हमारे हक की नौकरी नहीं मिल रही।

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