छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने आज राज्य के 11 जिलों राजनांदगांव, बालोद, धमतरी, कांकेर, गरियाबंद, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर समेत अन्य इलाकों में यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और आंधी चलने की आशंका भी है। बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना है, जो धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। इसका हल्का असर छत्तीसगढ़ में भी दिखेगा। पिछले 24 घंटे में जगदलपुर, मानपुर, छोटे डोंगर, बस्तर और लोहंडीगुड़ा में करीब 10 मिमी बारिश दर्ज की गई है। तापमान की बात करें तो अंबिकापुर में सबसे अधिक 32.5 डिग्री और सबसे कम 17.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अक्टूबर में अब तक 109% ज्यादा बरसा पानी इस बार अक्टूबर में अब तक सामान्य से 85% अधिक बारिश दर्ज की गई है। आमतौर पर 16 अक्टूबर तक राज्य में औसतन 42.7 मिमी वर्षा होती है, लेकिन इस बार अब तक 79.1 मिमी से ज्यादा बारिश हो चुकी है। 10-12 दिन देरी से लौटा मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, 30 सितंबर तक हुई बारिश को मानसून की बारिश माना जाता है, जबकि इसके बाद की बारिश को ‘पोस्ट मानसून’ यानी मानसून के बाद की बारिश माना जाता है। फिलहाल देशभर से मानसून लौट चुका है। छत्तीसगढ़ में आमतौर पर 5 अक्टूबर के आसपास सरगुजा की तरफ से मानसून लौटना शुरू होता है, लेकिन इस बार वापसी में देरी हुई। इस बार प्रदेश में मानसून सामान्य से करीब 10-12 दिन देरी से लौटा है। बलरामपुर में सामान्य से 52% ज्यादा बारिश प्रदेश में अब तक 1167.4 मिमी औसत बारिश हुई है। बेमेतरा जिले में अब तक 524.5 मिमी पानी बरसा है, जो सामान्य से 50% कम है। अन्य जिलों जैसे बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़ में वर्षा सामान्य के आसपास हुई है। जबकि बलरामपुर में 1520.9 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 52% ज्यादा है। ये आंकड़े 30 सितंबर तक के हैं।
दक्षिणी हिस्से में 5 दिन बारिश के आसार:11 जिलों में यलो अलर्ट, बिजली गिरने, आंधी-तूफान की चेतावनी; बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम


















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