कांग्रेस जिलाध्यक्ष चुनने पुजारी, व्यापारी, संगठनों से ले रही फीडबैक:रायपुर ग्रामीण में पर्यवेक्षक ने की वन-टू-वन चर्चा, कल शहर के दावेदारों से होगी मुलाकात

छत्तीसगढ़ में जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया अब अपने निर्णायक दौर में है। पार्टी इस बार परंपरागत दायरे से बाहर निकलकर जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए आम जनता, सामाजिक संगठनों, मंदिरों के पुजारियों, व्यापारियों और मीडिया से भी फीडबैक ले रही है। गुरुवार को रायपुर में पार्टी के पर्यवेक्षक प्रफुल्ल गुडाधे ने रायपुर ग्रामीण के दावेदारों से वन-टू-वन चर्चा की। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह बैठक शाम 4 बजे तक चली। खास बात यह रही कि सिर्फ दावेदारों से नहीं, बल्कि शहर के कई प्रभावशाली सामाजिक संगठनों, मंदिर-मठ से जुड़े प्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और मीडिया के लोगों से भी राय ली गई। फीडबैक का नया फॉर्मूला
कांग्रेस इस बार जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में केवल सीनियरिटी या गुटबाजी के आधार पर फैसला नहीं कर रही है। पार्टी का कहना है कि ऐसा चेहरा चुना जाए जो सभी को स्वीकार्य हो, सभी वर्गों को जोड़े और मैदान में सक्रिय भी रहे। रायपुर ग्रामीण के दावेदारों से चर्चा के बाद अब शुक्रवार को रायपुर शहर के दावेदारों से मुलाकात की जाएगी। इन बैठकों के बाद 6-6 नामों का पैनल तैयार कर AICC (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) को भेजा जाएगा। वहां से जिलाध्यक्ष का अंतिम नाम तय किया जाएगा। दिवाली के बाद घोषित हो सकते हैं नाम
प्रदेश में कांग्रेस के सभी 41 नए जिलाध्यक्षों का चयन किया जाना है। माना जा रहा है कि दिवाली के बाद पूरी लिस्ट जारी कर दी जाएगी। तीन नामों पर बन सकता है फॉर्मूला
सूत्रों के अनुसार, जहां संगठनात्मक सहमति नहीं बनती, वहां AICC तीन नामों पर विचार करगी। इसके बाद फीडबैक के आधार पर सबसे उपयुक्त उम्मीदवार को चुना जाएगा।

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