छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में वृद्धि के विरोध में दुर्ग कांग्रेस ने आंदोलन की घोषणा की है। दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी 25 सितंबर को बिजली कार्यालय की तालाबंदी करेगी। पूर्व विधायक अरुण वोरा के नेतृत्व में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। अरुण वोरा ने कहा कि प्रदेश में ट्रिपल इंजन सरकार होने के बावजूद जनता को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। स्मार्ट मीटर के कारण उपभोक्ताओं को दोगुने से तीन गुना तक बिजली बिल मिल रहे हैं। कांग्रेस शासन में एकल बत्ती कनेक्शन का बिल 100 रुपए था। अब गरीब परिवारों को 500 से 1000 रुपए और मध्यम वर्गीय परिवारों को 2500 से 3000 रुपए तक के बिल आ रहे हैं। कोयला और बिजली बाहर बेची जा रही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। यहां सबसे कम लागत पर बिजली का उत्पादन होता है। उनका आरोप है कि जनता को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। प्रदेश का कोयला और बिजली बाहर बेची जा रही है। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र साहू ने कहा कि भाजपा सरकार का दो साल का कार्यकाल विफल रहा है। किसान, महिला, छात्र और व्यापारी सभी परेशान हैं। पूर्व महापौर आरएन वर्मा ने कहा कि सरकार ने महंगाई कम करने का वादा किया था। लेकिन अब जनता पर बोझ बढ़ाया जा रहा है।
दुर्ग में बिजली बिल बढ़ोतरी का विरोध:कांग्रेस 25 सितंबर को करेगी बिजली कार्यालय की तालाबंदी,पूर्व विधायक बोले-जनता को महंगाई का सामना करना पड़ रहा

















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