प्रार्थना सभा में धर्मांतरण…हिंदू-ईसाई समुदाय में मारपीट,VIDEO:दुर्ग में चर्च के बाहर भजन-कीर्तन, महिला कार्यकर्ता से बदसलूकी, 10 घंटे प्रदर्शन; बिलासपुर में भी बवाल

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में धर्मांतरण पर जमकर बवाल हुआ। ईसाई समाज की सभा में करीब 300 लोगों की मौजूदगी थी। इस दौरान हिंदू संगठनों ने जमकर बवाल किया। सीपत पुलिस ने ईसाई समाज के 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। इससे समाज भड़क गया। थाने का घेराव कर दिया। वहीं ईसाई समुदाय के खिलाफ हिंदू संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया। मसीही समाज के लोगों पर कार्रवाई की मांग पर थाने का घेराव कर दिया। 10 घंटे तक प्रदर्शन किया। पुलिस प्रशासन और ईसाई समुदाय के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं दूसरी ओर दुर्ग में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने चर्च का घेराव कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी से लेकर मारपीट तक की नौबत आ गई, जिससे माहौल और बिगड़ गया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति पर काबू पाया। फिलहाल बिलासपुर और दुर्ग—दोनों जगहों पर धर्मांतरण विवाद ने तनाव को और गहरा कर दिया है। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। देखिए पहले ये तस्वीरें… पहला मामला- बिलासपुर में सभा पर बवाल पहला मामला बिलासपुर के सीपत थाना क्षेत्र का है। यहां एक मकान में प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुंचे। इसके अलावा पास की खाली सरकारी जमीन पर भी टेंट लगाया गया था। पड़ोसियों ने आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण कराया जा रहा है और इसकी सूचना हिंदू संगठनों को दी। सूचना मिलते ही कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा करते हुए प्रार्थना सभा को रुकवा दिया। माहौल बिगड़ता देख पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को काबू में लिया और सभा आयोजकों को थाने ले आई। इसके बाद प्रार्थना सभा में मौजूद ईसाई समुदाय के लोगों ने सीपत थाने का घेराव कर दिया। ईसाई समुदाय के 7 लोगों के खिलाफ FIR
वहीं हिंदू संगठनों ने भी थाने के बाहर धरना देते हुए हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। SSP रजनेश सिंह ने कहा कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण की सूचना मिली थी। जांच के बाद ईसाई समुदाय के 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। दूसरा मामला- दुर्ग में मारपीट, तनाव का माहौल वहीं दूसरा मामला दुर्ग के पद्मानभपुर थाना क्षेत्र का है। यहां ईसाई समुदाय के लोग चर्च में प्रार्थना के लिए जुटे थे। इस दौरान चर्च के आसपास में रहने वाले लोगों ने प्रेयर मीटिंग की आड़ में धर्म परिवर्तन की सूचना हिंदू संगठन को दी। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इस दौरान विरोध जताते हुए भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीएम मौके पर पहुंचे। प्रार्थना सभा में मौजूद सभी लोगों के नाम और पता डायरी में दर्ज किए गए। मौके पर जॉन नाम का शख्स मौके पर पहुंचा तो स्थिति और बिगड़ गई। ईसाई समुदाय ने किया थाने का घेराव विवाद बढ़ता देख पुलिस ने दोनों ही पक्षों के लोगों को लेकर थाने ले गई। इसके बाद ईसाई समुदाय के लोगों ने थाने का घेराव कर दिया। उनका कहना था कि संविधान में अधिकार है कि कोई भी किसी भी धर्म को मान सकता है। हिंदू संगठन लगातार परेशान कर रहा है। हालांकि पुलिस ने कोई केस दर्ज नहीं किया है। बाहर से फंड मिलने का आरोप हिंदू जागरण मंच की ओर से ज्योति शर्मा ने बताया कि जॉन को बाहर से फंडिंग हो रही है। वह लगातार धर्मांतरण की गतिविधियों में शामिल है। जॉन के बैंक खातों की जांच हो। उसे जिला बदर किया जाए। ज्योति शर्मा ने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेंगे। जॉन अपने गुर्गों को साथ बदसलूकी की, फिर हमने भी पीटा बजरंग दल के प्रांत संयोजक रतन यादव ने बताया कि ईसाई समाज के जॉन ने गुर्गों के साथ गाली-गलौज की। मारपीट की। बजरंग दल की महिला कार्यकर्ता निर्मित कौर को धक्का दिया, जिससे उसके कपड़े फट गए। महिला पुलिसकर्मी को भी धक्का मारा। इसके बाद हमने भी जॉन को पीटा। हमारी मांग है कि पुलिस जॉन की पूरी जांच करे। शांति बनाए रखें की अपील- ASP एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि हमें प्रार्थना सभा की सूचना मिली थी। जब हम मौके पर पहुंचे तो दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया था। पुलिस ने बीच-बचाव किया और सभी को थाने ले आई। दोनों पक्षों की काउंसलिंग की गई है। कुछ लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। हम सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं। अब समझिए धर्मांतरण और मतांतरण के बारे में धर्मांतरण: धर्मांतरण किसी ऐसे नये धर्म को अपनाने का कार्य है, जो धर्मांतरित हो रहे व्यक्ति के पिछले धर्म से अलग हो। धर्मांतरित व्यक्ति के साथ-साथ धर्मांतरण कराने वाले शख्स द्वारा जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष 60 दिन पहले “धर्मांतरण के इरादे की घोषणा” करनी होती है। पूरी प्रक्रिया के होने के बाद धर्मांतरण होता है। इसमें दूसरा धर्म अपनाने वाला व्यक्ति को अपना सरनेम बदलना होता है। मतांतरण: मतांतरण यानि मत में परिवर्तन होने की क्रिया या भाव को मत परिवर्तन, धर्म परिवर्तन कहते हैं। लेकिन सरकारी कागजों में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं होता। कई बार किसी ‘विशेष जाति’ के लोग, जो ये महसूस करते हैं कि समाज में उन्‍हें उचित दर्जा नहीं मिल रहा है, तो वे मतांतरण कर लेते हैं। मतांतरण के बाद शख्‍स अपनाए गए धर्म की आस्‍था और मान्‍यताओं का पालन करने लगता है। ………………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… धर्मांतरण के आरोप में रायपुर-बिलासपुर में बवाल,VIDEO:हिंदू संगठन के कार्यकर्ता और पुलिस के बीच झड़प, कहा- विरोध करने पर TI ने किया दुर्व्यवहार छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर में रविवार को धर्मांतरण के आरोप में जमकर बवाल हुआ है। न्यायधानी के कोनी में हिंदूवादी संगठनों ने धर्मसभा की आड़ में भोले-भाले लोगों से धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया। विरोध करने पहुंचे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। जिसका वीडियो भी सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…

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