सड़क हादसों को रोकने और लोगों को हेलमेट की अहमियत समझाने के लिए पर्वतारोही के चार सदस्यीय दल भिलाई पहुंचे। यहां पर उन्होंने ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ की टीम के साथ सुपेला स्थित घड़ी चौक पर अनोखा अभियान चलाया। इस दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे लोगों को रोककर न तो चालान काटा गया और न ही किसी तरह की सख्ती दिखाई गई, बल्कि उन्हें फूलों की माला पहनाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने समझाया कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी है। अभियान के दौरान कई वाहन चालकों ने अपनी गलती स्वीकार की और मौके पर ही हेलमेट पहनने का वादा किया। कुछ लोगों ने कहा कि वे जल्दबाजी या लापरवाही में हेलमेट नहीं लगाते, लेकिन अब उन्हें एहसास हुआ है कि छोटी सी चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। पुलिसकर्मियों ने कहा कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें सिर पर चोट लगने से होती हैं, जिसे हेलमेट पहनकर काफी हद तक रोका जा सकता है। ट्रैफिक डीएसपी और आरटीओ अफसरों ने मौके पर मौजूद लोगों से अपील की कि वे खुद भी हेलमेट लगाएं और अपने परिवार व दोस्तों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल दंड देने के लिए नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाने के लिए चलाया जा रहा है। आरटीओ अफसर भी उतरे मैदान में
दुर्ग क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एसएल लकरा ने कहा कि लखनऊ से पर्वतारोही सदस्य आए हैं। सड़क सुरक्षा के बारे में वे यहां लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। इसमें परिवहन विभाग और पुलिस की टीम भी लगातार लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में अवेयर कर रही है। लोगों को हेलमेट पहनने और सीट बेल्ट लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित घर पहुंचने के लिए हेलमेट लगाने की समझाइश दी गई है। जानिए… कौन हैं ये पर्वतारोही जो लोगों को दे रहे सड़क सुरक्षा की जानकारी
पर्वतारोही के चार सदस्यीय दल के सभी सदस्य अलग-अलग टोली के साथ माउंट एवरेस्ट सहित 11 देशों की सर्वोच्च चोटियों पर देश का तिरंगा लहरा चुके हैं। टीम के साहसिक यात्रा को डिस्कवरी चैनल में भी प्रसारित किया जा चुका है। इनके एक साथी की पर्वतारोहण के समय मृत्यु हो चुकी है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड, लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड, यूपी बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड, इंडियां स्टार बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड सहित अन्य रिकॉर्ड इनके नाम दर्ज हैं। इनके अभियान की अब तक की दूरी लगभग 4 लाख 30–37 हजार किलोमीटर तक पहुंच चुकी है। अभी इनकी दल की रथ यात्रा और पदयात्रा महाराष्ट्र होते हुए छत्तीसगढ़ पहुंची है। पर्वतारोही जितेंद्र प्रताप ने बताया कि छत्तीसगढ़ में लोगों को हेलमेट का महत्व समझा रहे हैं। लोग अपना मोबाइल, चश्मा समेत अन्य कोई चीज नहीं भूलते हैं, लेकिन जब उन्हें ट्रैफिक पुलिस पकड़ती है तो वे बहाना बनाते हैं कि वे भूल गए हैं। लेकिन ऐसा करना जीवन के लिए खतरनाक हो सकता है।
हेलमेट की अहमियत बताने भिलाई पहुंचे पर्वतारोही:ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ संग चलाया जागरूकता अभियान, बिना हेलमेट वालों को पहनाई माला

















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