छत्तीसगढ़ 2029 तक बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई से मुक्त हो जाएगा। राज्य सरकार ने गांवों और शहरों से इस बुराई को दूर करने के लिए लक्ष्य तय किया है। दो साल (2023-24 और 2024-25) तक जिन गांवों और शहरों में एक भी बाल विवाह नहीं होगा उन ग्राम पंचायतों और निकायों को बाल विवाह मुक्त होने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। बाल विवाह मुक्त घोषित करने और सर्टिफिकेट देने से पहले हर जिले के कलेक्टर द्वारा इसकी जांच भी कराई जाएगी। राज्य सरकार ने अगले साल तक 4678 गांवों और 77 शहरों को बाल विवाह मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। दरअसल, राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से बाल विवाह की बुराई को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके तहत 2025-26 में 40 प्रतिशत गांवों और शहरों को बाल विवाह मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। बाल विवाह मुक्त घोषित करने से पहले होगी जांच गांवों और शहरों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने और प्रमाण पत्र जारी करने से पहले इनकी जांच की जाएगी। इसके लिए ग्राम पंचायत में प्रस्ताव लाया जाएगा। ग्राम सभा में चर्चा और प्रस्ताव पारित होने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी करने की कार्यवाही की जाएगी। इसी प्रकार नगरीय निकाय के लिए नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों की सामान्य सभा में चर्चा के बाद कलेक्टर द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। बाल विवाह रुकवाने के लिए पोर्टल पर की जा सकती है शिकायत प्रदेश में कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिलने पर इसकी शिकायत बाल विवाह मुक्त अभियान पोर्टल पर की जा सकती है। आम नागरिक भी अपने इलाके में होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए इस पर जानकारी दे सकते हैं। इस पोर्टल के जरिए महिला व बाल विकास विभाग समेत सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय रखा जाएगा। ताकि शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई हो सके। विभाग ने ग्राम पंचायतों के 11664 पंचायत सचिव को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया है। अगले साल तक छत्तीसगढ़ के 4678 गांव और 77 शहर को बाल विवाह मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलों में हर साल 20 प्रतिशत की वृद्धि महिला व बाल विकास विभाग ने बाल विवाह मुक्त करने का जो लक्ष्य तय किया है, उसमें प्रत्येक जिले में साल दर साल 20 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। राज्य के प्रत्येक जिले में वर्ष 2026-27 तक 60 प्रतिशत, 2027-28 तक 80 प्रतिशत और 2028-29 तक शत-प्रतिशत ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त किया जाएगा। तैनात की गई 13794 लोगों की टीम बाल विवाह रोकने के लिए गांव से लेकर शहर तक 13794 लोगों की टीम तैनात की गई है। इसमें 44 जिला कार्यक्रम अधिकारी, 220 बाल विकास परियोजना अधिकारी, 1886 सेक्टर पर्यवेक्षक और 11664 ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।
अभी हर 100 में से बाल विवाह के 12 मामले:जिन गांवों व शहरों में 2 साल तक बाल विवाह नहीं, सरकार देगी सर्टिफिकेट

















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