छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा दुर्गा पंडाल बिलासपुर में बनाया गया है। जहां महाअष्टमी के दिन आकर्षक झांकियों और लाइटिंग का अद्भुत नजारा देखने को मिला। आदर्श दुर्गोत्सव के साथ ही यहां फायर और लेजर लाइट शो हुआ। वहीं, शहर के अलग-अलग जगहों पर देवी मां की प्रतिमा के साथ दुर्गा पंडालों पर खास सजावट की गई है। रेलवे परिक्षेत्र में नशा और डिप्रेशन को लेकर जागरूकता लाने के लिए पागलखाने की अनोखी झांकी सजाई गई। इसके साथ रामेश्वर मंदिर और शीशमहल के पंडाल पर मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की गई है, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही है। कुछ तस्वीर देखे आप भी… सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रहा दुर्गोत्सव नवरात्र पर्व पर शहर में उत्सव का माहौल है। यहां प्रदेश के सबसे बड़े पंडाल रिवर व्यू में बनाया गया है, जिसकी प्रदेश में चर्चा हो रही है। शहर के दुर्गोत्सव और झांकियों का वीडियो सोशल मीडिया में जमकर ट्रेंड कर रहा है। यही वजह है कि इस बार भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुट रही है। श्रद्धालु गोंड़पारा रिवर व्यू में स्थापित 25 फीट ऊंची देवी प्रतिमा का दर्शन करने पहुंच रहे हैं। वहीं, रांची के मेंटल हॉस्पिटल थीम पर बने पंडाल और झांकियां खूब सुर्खियां बटोर रही है। इसके साथ ही गुपचुप पर विराजित मां अंबे, रामेश्वरम मंदिर और शीलमहल पर विराजित मां दुर्गा लोगों के लिए आकर्षक का केंद्र बना हुआ है। अब देखिए दुर्गा पंडालों-झांकियों का नजारा नशे के खिलाफ बनाई गई झांकी की तस्वीर देखिए रिवर व्यू में 30 मिनट का फायर शो आदर्श दुर्गोत्सव समिति के स्वर्ण जयंती महोत्सव पर अलग-अलग आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार (30 सितंबर) को यहां अरपा तट पर 30 मिनट का फायर शो किया गया, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। इसमें भिलाई विधायक देवेंद्र यादव भी मौजूद रहे। फायर शो में आसमान पर सतरंगी छटा बिखरती रही। वहीं, लेजर लाइट शो भी हुआ, जिससे शहर की सुंदरता देखते ही बन रही थी। नशा और डिप्रेशन से पागलपन, जागरूक करने लगाई झांकी रेलवे के कंस्ट्रक्शन कॉलोनी दुर्गोत्सव समिति के अध्यक्ष प्रकाश यादव ने बताया कि वर्तमान समय में नशा और तनाव के साथ ही अलग-अलग कारणों से मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ रही है। लिहाजा, समिति ने कुछ नया करने और लोगों को जागरूक करने के लिए इस बार रांची के पागलखाने की थीम पर पंडाल बनाया है। जिसमें 22 कलाकार पागलों का किरदार निभा रहे हैं, यह झांकी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। युवाओं और पेरेंट्स को सचेत करने का संदेश सोशल मीडिया पर पागलखाने की थीम पर बने झांकी की जमकर चर्चा हो रही है। इस जीवंत झांकी में पागलखाने के जीवन से जुड़े दृश्य दिखाए गए हैं। जिसमें मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों के संघर्ष और उनकी जीवनशैली को झांकी के माध्यम से प्रस्तुत की गई है। इसके माध्यम से युवाओं और पेरेंट्स को सचेत भी किया जा रहा है। सीएमडी कॉलेज मैदान में शीश महल वाला पंडाल सीएमडी कॉलेज परिसर में इस बार शीशमहल वाला पंडाल सजाकर मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां भूत बंगला वाला झांकी भी सजाई गई है, जिसे देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। यहां मैदान में मेला भी लगा है, जिसके चलते शाम से लेकर रात 3 बजे तक लोग पहुंचते रहे। दुर्गोत्सव और झांकियां देखने उमड़ी भीड़ अष्टमी पर्व पर शहर में दुर्गोत्सव और झांकियां देखने के लिए मंगलवार की शाम से लेकर सुबह 4 बजे तक दुर्गा पंडालों पर लोगों की भीड़ जुटी रही। वहीं, शहर के दुर्गोत्सव पंडालों पर जाम की स्थिति निर्मित होती रही। गोंड़पारा से लेकर राम सेतु पुल, इंदिरा सेतु ब्रिज, नेहरू चौक, राजेंद्र नगर चौक, सीएमडी कॉलेज, तारबाहर, रेलवे परिक्षेत्र के साथ ही दयालबंद, गांधी चौक, गोलबाजार, तेलीपारा और मध्यनगरी चौक में सुबह चार बजे तक लोग देवी दर्शन करने और पंडाल की सजावट देखने के लिए पहुंचते रहे। शहर के इन जगहों पर अलग-अलग थीम पर सजे पंडाल तेलीपारा के चंद्रशेखर आजाद दुर्गोत्सव समिति पिछले 50 साल से दुर्गोत्सव मना रही है। शहर की समितियों द्वारा दुर्गा मां की प्रतिमा स्थापित करने के लिए एक से बढ़कर एक पंडाल सजाए गए हैं। यहां मां का पंडाल राजवाड़ा पैटर्न पर बना है। इसके साथ ही यहां महाभारत युद्ध पर आधारित आकर्षक झांकी सजाई गई है। भगवान शंकर मां दुर्गा को मेहंदी लगाते हुए नजर आए मध्य नगरी दुर्गोत्सव समिति ने कोलकाता थीम पर मां का पंडाल बनाया है। समिति के आशीष सोंथलिया ने बताया कि माता की 12 फीट की मूर्ति स्थापित की गई है। इसमें भगवान शंकर मां दुर्गा को मेहंदी लगाते हुए नजर आ रहे हैं। मध्यनगरी चौक पर आकर्षक सजावट के साथ लाईट शो देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े दुर्गोत्सव का ड्रोन VIDEO:महाष्टमी पर लाइटों से जगमगाया बिलासपुर शहर; PHOTOS में देखिए झांकियों-पंडालों का नजारा

















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