डीएमएफ के पैसे उपकरणों में खपाए:कृषि व खाद कारोबारियों के ठिकानों पर ईडी के छापे

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजिम के आधा दर्जन कृषि, खाद कारोबारियों व चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकाने में बुधवार तड़के छापेमारी की। देर रात तक कारोबारियों के ठिकाने पर जांच चलती रही। कुछ जगह पर कारोबारी नहीं मिले उनके संस्थान और मकान को सील कर दिया गया है। चर्चा है कि डीएमएफ घोटाले की जांच के दौरान इन कारोबारियों का नाम सामने आया है। पिछली सरकार में इन कारोबारियों ने डीएमएफ के तहत कृषि उपकरण की सप्लाई कर बड़ी आर्थिक अनियमितता की है। इनके यहां छापे: ईडी की टीम सुबह रायपुर में शंकर नगर के खाद कारोबारी विनय गर्ग, लॉ विस्टा में कारोबारी पवन पोद्दार, सतपाल छाबड़ा, राजिम में उगम राम कोठारी, भिलाई में शिव कुमार मोदी और दुर्ग में सीए आदित्य अग्रवाल के ठिकानों में छापेमारी की गई। अधिकांश जगह ईडी की रात 10 बजे तक जांच चलती रही। ऑफिस व गोदाम से जांच पूरी कर बाहर आ गए, लेकिन मकान में टीम जांच में जुटी रही।
डीएमएफ घोटाले में अब तक आधा दर्जन गिरफ्तार
ईडी ने 90 करोड़ के डीएमएफ घोटाला में निलंबित आईएएस रानू साहू, आदिम जाति विभाग की अधिकारी माया वॉरियर कारोबारी मनोज द्विवेदी समेत आधा दर्जन को गिरफ्तार किया है। इस मामले में रानू को जमानत भी मिल गई है। ईडी का छापा इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। दुकान में नहीं मिले कारोबारी, ईडी ने किया सील
ईडी की टीम राजिम में उगम राज कोठारी के मकान और दुकान में एक साथ छापा मारा। कोठारी का कृषि उपकरण सप्लाई का काम है। पिछली सरकार में अचानक कोठारी उभरकर सामने आया था। उसे शासन से सप्लाई का बड़ा काम मिला था। पिछले पांच साल कोठारी ने बड़े प्रोजेक्ट में काम किया है। जब ईडी की टीम पहुंची तो उगम नहीं था। ईडी ने उसके दुकान माता दी इलेक्ट्रॉनिक को सील कर दिया है। वहीं घर पर जांच चल रही है।
भिलाई और दुर्ग में घर के अलावा गोदाम की जांच
ईडी की टीम भिलाई के वसुंधरा नगर में अन्ना एग्रो टेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के दफ्तर व मालिक के घर पहुंची। यह कंपनी शिव कुमार मोदी की बताई जा रही है। यह फर्म कृषि उपकरणों की सप्लाई काम काम करती है। पिछली सरकार में इस फर्म ने करोड़ों रुपए के उपकरण की सप्लाई की। शांति नगर में चार्टर्ड अकाउंटेंट आदित्य दिनोदिया अग्रवाल के निवास पर ईडी पहुंची थी। आदित्य का रायपुर में भी ऑफिस है। ईडी ने मकान व दफ्तर की तलाशी ली। उनसे पूछताछ भी की गई है। जानिए, छत्तीसगढ़ में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कौन-कौन सी जांच चल रही कोल घोटाला
540 करोड़ के कोल घोटाले में 14 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए हैं। बिना गिरफ्तार किए 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
शराब घोटाला
3200 करोड़ के शराब घोटाले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। 35 से ज्यादा लोग को बिना गिरफ्तार किए आरोपी बनाए गए हैं।
महादेव सट्टा
10 हजार करोड़ के महादेव सट्टा मामले में ईडी ने 18 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि 14 लोगों को आरोपी बनाया है।
कस्टम मिलिंग
140 करोड़ के कस्टम मिलिंग घोटाला में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले की जांच चल रही है।
मेडिकल उपकरण
650 करोड़ के मेडिकल उपकरण घोटाले में भी ईडी की जांच चल रही है। इसमें आधा दर्जन की गिरफ्तारी हुई है।
नान घोटाला
1000 करोड़ से ज्यादा के नान मामले की भी ईडी जांच कर रही है। इसमें अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई है।

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