प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य के मुख्य सचिव और एसीबी-ईओडब्ल्यू को पत्र लिखकर अवैध कोयला परिवहन केस में फंसे पांच अधिकारियों पर कार्रवाई करने की अनुशंसा की है।
ईडी ने पत्र में घोटाले का विवरण और सबूत भी दिए हैं, जिनके आधार पर कार्रवाई करनी है। इसमें आरोप है कि कारोबारी सूर्यकांत तिवारी की डायरी में 80 करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन का जिक्र है। यह पैसा पिछली सरकार के प्रभावशाली अधिकारियों द्वारा पहुंचाया गया है। इसमें दो आईपीएस, दो आईएएस और एक एडिशनल एसपी का नाम सामने आया है। डायरी में दर्ज है कि एक अधिकारी ने सूर्यकांत को 11.5 करोड़ रुपए नकद दिए। एक अधिकारी ने 5.67 करोड़ रुपए उनसे लिए हैं। एक अन्य अधिकारी ने सूर्यकांत को 2.65 करोड़ रुपए दिए हैं, जबकि एक अधिकारी ने 75 लाख रुपए पहुंचाए हैं। पत्र के आधार पर ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू कर दी है। पिछली सरकार में भी ईडी ने इन अधिकारियों की सूचना दी थी। दो माह पहले फिर से पत्र लिखकर कार्रवाई की अनुशंसा की है। ईडी ने पत्र में बताया कि इस डायरी में दर्ज लेन-देन की तारीख, राशि और पक्षों के नाम सहित पूरी जानकारी दी गई है। इसमें 5 प्रमुख लोगों से जुड़े लेन-देन का ब्योरा सामने आया है। जानिए क्या है मामला
ईडी का आरोप है कि कोयले के परिचालन, ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन करने समेत कई तरीकों से करीब 570 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वसूली की गई है। कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर विश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था। घोटाले में 2 पूर्व मंत्रियों, विधायकों समेत 36 पर केस
छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाले मामले में ईडी की रिपोर्ट पर ACB /EOW ने दो पूर्व मंत्रियों, विधायकों सहित 36 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। इस मामले में IAS रानू साहू के अलावा IAS समीर विश्नोई, सौम्या चौरसिया, जेडी माइनिंग एसएस नाग और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी को गिरफ्तार किया गया था।
कोल घोटाला:5 अफसरों पर कार्रवाई के लिए ईडी ने लिखी चिट्ठी


















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