चक्रवात ‘मोंथा’ के असर से बिलासपुर में भी मौसम का मिजाज बदल गया है। 30 अक्टूबर को दिन भर बदली छाई रही और हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं, शाम से लेकर रात तक लगातार बारिश होती रही। बदली और बारिश की वजह से अधिकतम तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग के मुताबिक आज भी हल्की बारिश हो सकती है। दूसरी तरफ चक्रवात के चलते रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दो दिन पहले परिवर्तित रूटों पर भेजी गई कई यात्री ट्रेनें अब तक अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई हैं। हाल यह है कि कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनें 29 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। अगले 24 घंटे में फिर बदलेगा मौसम चक्रवात ‘मोंथा’ का प्रभाव मौसम पर दिखने लगा है। यह निम्न दाब के रूप में पूर्वी विदर्भ और उससे लगे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर स्थित है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह उत्तर उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ तो ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला है। आगे यह उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ते हुए पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर जा सकता है। साथ ही इसके निम्न दाब के क्षेत्र के रूप में अगले 24 घंटे में बदलने की संभावना है। पूरे दिन छाई रही बदली, बूंदाबांदी के बाद रात में हुई बारिश चक्रवात के असर से 30 अक्टूबर की सुबह आसमान पर घने बादल नजर आए। इससे हल्की ठंड भी महसूस हो रही थी। धूप नहीं निकली और सुबह 10 बजे शहर के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी होने लगी। हालांकि, फिर यह बंद भी हो गई लेकिन सुबह 11:30 बजे फिर तेज बूंदाबांदी हुई। दोपहर में भी आसमान को बादलों ने ढंके रखा। अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो कि सामान्य से 2.7 डिग्री कम रहा। एक दिन पहले दो दिन शहर का अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था। शाम को 5:30 बजे से शहर के तोरवा, पुराना हाईकोर्ट के पास, गांधी चौक, सदर बाजार, गोल बाजार, पुराना बस स्टैंड, मंगला के साथ ही सरकंडा के कई इलाकों में थोड़ी देर के लिए तेज बारिश हुई। बारिश थोड़ी देर बाद बंद हो गई। जिसके बाद रात में भी अच्छी बरसात हुई। इससे मौसम और ठंडा हो गया। चक्रवात के असर से रात में चढ़ा पारा इन दिनों शहर में रात का पारा लुढ़कने की बजाय बढ़ रहा है। अक्टूबर का महीना गुजरने को हैं और रात का पारा नहीं लुढ़कने से ठंड शुरू नहीं हो सकी है। ऐसा चक्रवात के असर से हो रहा है। गुरुवार को न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री रहा जो कि सामान्य से 4.8 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं, 29 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 25 डिग्री दर्ज हुआ था जे कि सामान्य से 5.6 डिग्री ज्यादा था। रेल यातायात प्रभावित, यात्रियों की बढ़ी परेशानी रेलवे विभाग के मुताबिक, विलंबित ट्रेनों के गंतव्य तक पहुंचते-पहुंचते यह देरी बढ़कर 35 से 40 घंटे तक हो सकती है। विलंब का मुख्य कारण यह है कि डायवर्ट किए गए रूटों पर पहले से ही नियमित यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों का भारी दबाव है। इस ज्यादा दबाव के चलते सामान्य रूट की ट्रेनों की चाल भी बिगड़ने की आशंका है। इसके अलावा, तूफान के असर से कुछ हिस्सों में भूस्खलन होने से भी यातायात प्रभावित हुआ है। जिसके कारण ट्रेनें विलंब से चल रही है। इसके चलते यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई है। मोंथा के असर से प्रभावित प्रमुख ट्रेनें
‘मोंथा’ का असर, 29 घंटे देरी से चल रही ट्रेनें:बिलासपुर में दिन भर छाया रहा बादल, रात में हुई बारिश


















Leave a Reply