राजधानी रायपुर से 37 किमी दूर आरंग के गांधी इंग्लिश मीडियम हायर सेकंडरी स्कूल ने एक अनूठी पहल शुरू की है। स्कूल सुबह 7 बजे शुरू होता है, जिसमें पहला पहला पीरियड अखबार पढ़ने के साथ शुरू होता है। स्कूल संचालक यशवंत चतुर्वेदी ने भास्कर को बताया कि न्यूजपेपर के माध्यम से सामान्य ज्ञान में वृद्धि, भाषा और शब्दावली का विकास, सोचने और विश्लेषण करने की क्षमता में सुधार होता है। साथ ही करियर जागरूकता में मदद, आत्मविश्वास और प्रस्तुतीकरण कौशल में वृद्धि होती है। मोबाइल और टैबलेट पर खबरें पढ़ते समय अन्य एप्स और विज्ञापन ध्यान भटका सकते हैं। सोशल मीडिया और कई वेबसाइटों पर ‘फेक न्यूज’ (झूठी खबरें) व भ्रामक का खतरा बना रहता है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों की थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में अखबार पढ़ने की आदत डालना है। इससे वे देश-दुनिया की गतिविधियों से अवगत रहेंगे और उनमें सोचने-समझने की क्षमता भी विकसित होगी। बच्चे इस नए अनुभव से उत्साहित नजर आए। यशवंत चतुर्वेदी ने बताया कि नई पीढ़ी मोबाइल की आदी है। इसमें बहुत समय उनका खर्च हो जाता है। मोबाइल पर मिलने वाली सामग्री की विश्वसनीयता की गारंटी भी नहीं रहती। छात्रों का करिअर बनाने के लिए सोशल मीडिया की जानकारी काम नहीं आ सकती। हम उन्हें प्रामाणिक खबरों का महत्व बताने का प्रयास करेंगे। उन्हें उस दिशा में मोड़ेंगे, जो उनका भविष्य बनाने के काम आएगी। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में थकान आ जाती है। नए शब्द सीख सकेंगे कक्षा नवमी की याशिका ठाकुर ने बताया कि पहले नियमित अखबार पढ़ते नहीं थे। आज अखबार पढ़ने से कई नए शब्द सीखने को मिले। हिन्दी के नए शब्द पढ़े तो अच्छा लगा। इसी तरह मोक्ष चंद्राकर ने कहा कि आज अखबार में राजनीति, टेक्नोलॉजी और दूसरे विषयों की खबरों को पढ़ा और शिक्षकों की मदद से उन्हें समझा भी। आत्मविश्वास बढ़ेगा: स्कूल के शिक्षकों ने कहा कि न्यूज पेपर के माध्यम से सामान्य ज्ञान बढ़ता है, सोचने-समझने की क्षमता बढ़ती है।
सोशल मीडिया पर फेक और भ्रामक खबरें, इसलिए आरंग के स्कूल की अनूठी पहल… अखबार पढ़ने के साथ शुरू होगा पहला पीरियड

















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