डॉ.वेलेंटाइन- एक्सट्रा प्रोटीन सप्लीमेंट्स बंद करें, इससे किडनी पर दबाव पड़ता है, सिक्स पैक्स बनाने से बचें किडनी से जुड़ी बीमारियों की चुनौतियां बढ़ रही हैं। खासतौर पर ऐसी बीमारियां जिनके बारे में लोग वक्त रहते जान (अननोन क्रॉनिक किडनी डिसीज या सीकेडीयू) ही नहीं पाते हैं। किडनी रोग संबंधी क्रिटिकल केयर पर रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में नेशनल कांफ्रेंस हुई। इसमें इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. वेलेंटाइन लोबो भी शामिल हुए। भास्कर के लिए रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के एमडी एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. संदीप दवे ने उनसे बातचीत की। यहां पढ़िए पूरा इंटरव्यू… पेट दर्द को हल्के में न लें, समय रहते जांच कराएं तो किडनी की गंभीर बीमारी से बच सकते हैं डॉ. दवे- युवा जिम में घंटों बिताते हैं। प्रोटीन सप्लीमेंट्स कितने घातक?
डॉ. वेलेंटाइन – किडनी का काम शरीर से यूरिया, क्रिएटिनिन यानी टौक्सिक एलीमेंटस को बाहर निकालना है। मगर, जैसे ही हम एक्स्ट्रा प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेते हैं तो शरीर में यूरिया, क्रिएटिनिन की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है। इससे किडनी पर दबाव पड़ता है। ऐसे में एक्सट्रा प्रोटीन सप्लीमेंट्स को बंद करें। मसल्स, सिक्स पैक्स बनाने से बचें।
बच्चों में स्कूल टाइम से ही ओबेसिटी (मोटापा) बढ़ रही है। इसके चलते किडनी पर कितना असर पड़ता है?
जवाब- देखिए, स्कूलों से प्लेग्राउंड गायब हो चुके हैं। अब स्पोर्ट्स मोबाइल में आ गए हैं। ऐसे में मोटापा, डायबिटीज, बीपी की शिकायतें बढ़ रही हैं। इसका सीधा असर किडनी पर पड़ रहा है। स्कूलों में प्लेग्राउंड, स्पोर्ट्स पीरियड अनिवार्य हों।
भारत में डायबिटीज, बीपी जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में किडनी से संबंधी बीमारियों का खतरा कितना बढ़ रहा है?
जवाब- डायबिटीज बीपी जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों में किडनी की बीमारियों का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है। देखा जाए तो किडनी की बीमारी की ये एक बड़ी वजह भी है। अगर किडनी की पांच तक बड़ी वजहों की बात करें तो पहले, दूसरे दोनों ही नंबर पर डायबिटीज एक बड़ा कारण आएगी।
एंटीबॉयोटिक से भी क्या किडनी की समस्या बढ़ रही है?
जवाब- नहीं, इसका बहुत ज्यादा असर नहीं हैं। हां, डॉक्टर के बिना प्रिस्क्रिप्शन (ओवर द काउंटर) के दवा लेने से, इन दवाओं का असर किडनी पर पड़ रहा है।
किडनी में स्टोन बड़ी समस्या बन रहा है? इसका निदान क्या है?
जवाब – किडनी में स्टोन एक बड़ी समस्या है, क्योंकि ज्यादातर को वक्त रहते पता नहीं चल पाता है। अगर अर्ली स्टेज में इसे डायग्नोज कर लिया जाए तो गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। पेट दर्द को कभी हल्के में न लें। पेट दर्द होने पर सोनोग्रॉफी करवा लें तो स्टोन है या नहीं पता चल जाता है। अधिकांश लोग जांच करवाने से ही डरते हैं। ऐसे में सबसे पहले ये जरूरी है कि जांच को लेकर सभी में जागरूकता बढ़ाई जाए। हर 6 महीने में शुगर बीपी और किडनी संबंधी जांच नियमित रूप से करवाते रहें। पानी का दूषित होना कितना बड़ा कारण है?
जवाब – दूषित पानी पानी में हैवी मेटल्स की मौजूदगी से किडनी का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी है कि स्वच्छ पानी ही पिया जाए। जिस पानी को आप पीते हैं। उसकी समय समय पर जांच करवाते रहें। किडनी रोगों से बचने के लिए जीवनशैली ऐसी हो {सुबह जल्दी उठें, जल्दी सोएं। कम से कम 7 घंटे की नींद जरूर लें। {30 मिनट योगा, एक्सरसाइज, वॉक करें। {घर का बना खाना खाएं। {रोज 1.5 लीटर से 2 लीटर पानी पीएं। कौन हैं डॉ. वेलेंटाइन लोबो
डॉ. लोबो पुणे के केईएम हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट में कंसलटेंट हैं। वे एक्यूट किडनी डिसीज के विशेषज्ञ हैं। उनके 29 रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं।
प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. वेलेंटाइन लोबो रायपुर में:डॉ. दवे- आज की जीवन शैली में युवा किडनी रोग से कैसे बचें?

















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