कांकेर शहर से मात्र 35 किमी दूर सुबह जब तिरियारपानी के जंगल में गोलियों की तड़तड़ाहट आने लगी तो वहां मौजूद किसान डर गए। खेत में काम कर रहे किसान गांव की ओर भागने लगे। ऐसा पहली बार हुआ जब कांकेर पुलिस थानांतर्गत इतनी बड़ी पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हुई है। पुलिस को बड़ी कामयाबी भी हासिल हुई है। मुठभेड़ में पुलिस ने कमांडर समेत तीन नक्सलियों को मार गिराया। मुठभेड़ में एक लाख रुपए की इनामी नक्सली बसंती कुंजाम उर्फ हिडमें प्रोटेक्शन टीम मैनपुर-नुआपाड़ा की सदस्य थी। उसका रावस इलाके में काफी दबदबा था। उससे ग्रामीण काफी परेशान थे। वह ग्रामीणों को मुखबिर होने के नाम पर काफी परेशान करती थी। उसके डर से ग्रामीण गांव से बाहर भी नहीं जाते थे। उसके मारे जाने की खबर के बाद इलाके के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रविवार सुबह सरोना इलाके के छिंदखड़क तिरियारपानी में पुलिस नक्सली मुठभेड़ शुरू हुई तो आसपास के गांव मांडाभर्री, रावस, तिरियारपानी, छिंदखड़क में गोलियों की गूंज आने लगी। इलाके में एक घंटे तक मुठभेड़ चली। दोनों से ओर से फायरिंग होती रही। विदित हो छिंदखड़क तिरियारपानी का क्षेत्र वर्तमान में कांकेर थानांतर्गत आता है। यह इलाका शुरू से नक्सल प्रभावित रहा है। यहां नक्सलियों का आना जाना बना रहता है। कुछ साल पहले नक्सलियों ने इस इलाके में मुखबिरी के शक में ग्रामीणों ने हत्याएं भी की थी। पुलिस इस इलाके में गश्त करती रहती है। लेकिन यहां कभी इस तरह पुलिस व नक्सलियों का आमना सामना नहीं हुआ था। मुठभेड़ में दो पुरुष के अलावा मारी गई एक महिला नक्सली पहाड़ी होने से सेफ जोन मानते हैं नक्सली माड़ से दुधावा विश्रामपुरी तक इससे मार्ग में कई बड़ी बड़ी पहाड़ियां है। यह नक्सलियों के लिए सेफ होने के कारण इसे क्रासिंग एरिया बना रखा है। यह इलाका कांकेर, कोंडगांव, धमतरी, गरियाबंद जिला के अलावा ओडिशा से टच होता है। वे इसे सेफ जोन भी मानते हैं। एक ओर से पुलिस आने से वे अपना इलाका बदल दूसरे जिले व राज्य में चले जाते हैं। किसी बड़े नक्सली लीडर को करा रहे थे क्रॉस
मुठभेड़ की घटना में सीतानदी रावस समन्वय एरिया कमेटी व नगरी एरिया कमेटी के सदस्य मारे गए हैं। दोनों कमेटी के सदस्यों यहां मिलने से साफ है वे किसी बड़े नक्सली लीडर को क्रॉस करा रहे थे। जिस तरह से नक्सलियों की ओर से फायरिंग आई है उससे भी स्पष्ट है कि वे बड़ी संख्या में मौजूद थे। माड़ व गरियाबंद दोनों जगह पुलिस का दबाव बढ़ा है। बड़े नक्सली नेता एरिया चेंज कर रहे हैं। उन्हें इसी तरह सुरक्षा देते क्रॉसिंग कराया जा रहा है। संभावना है नक्सली अपने सीसी मेंबर को क्रॉस करा रहे थे। मुठभेड़ में मारे गए ये नक्सली
{सरवन मडकम 8 लाख एसीएम सीतानदी/रावस एरिया कमेटी {राजेश उर्फ राकेश हेमला 5 लाख एसीएम नगरी एरिया कमेटी/गोबरा एलओएस कमाण्डर { बसंती कुंजाम उर्फ हिडमें 1 लाख पीएम समन्वय/प्रोटेक्शन टीम मैनपुर नुआपाड़ा। सालों से रहा है यह नक्सलियों का क्रॉसिंग पाइंट
माड़ से गरियाबंद क्षेत्र में जाने व आने लिए यह नक्सलियों का एकमात्र क्रासिंग पाईंट है। वे केशकाल घाट के नीचे से नेशनल हाईवे को भी क्रास करते हैं। माड़ से अंतागढ़ होते हुए दुधावा विश्रामपुरी तक होते हुए गरियाबंद पहुंचते हैं। इस बार भी पुलिस को इलाके में क्रासिंग की सूचना मिली थी। गरियाबंद व कांकेर जिले के 500 पुलिस जवानों ने एक साथ आपरेशन चलाया और नक्सलियों को घेर लिया।
मुठभेड़:गोलियों की तड़तड़ाहट सूनकर किसान खेत छोड़ गांव की ओर भागे

















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