देशभर में 2 अक्टूबर यानी आज विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक ऐसा रावण भी है, जिसकी सुरक्षा के लिए 24 घंटे जवान बंदूक लेकर तैनात हैं। WRS कॉलोनी में 24 सितंबर से 4 CAF (छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स) जवानों की तैनाती की गई। ये जवान अलग-अलग शिफ्ट में रावण की सुरक्षा कर रहे हैं। नेशनल क्लब के संस्थापक जी.स्वामी ने बताया कि रावण के निर्माण के समय से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना जरूरी होता है। यही कारण है कि जवानों की ड्यूटी लगती है। WRS मैदान में इस साल 110 फीट ऊंचे रावण का पुतला जलाया जाएगा। रावण दहन के बाद 30 मिनट तक आतिशबाजी होगी। बंगाल से टीम बुलाई गई है। मैदान रेलवे ट्रैक के पास होने के कारण सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। रेलवे ट्रैक के किनारे 200 से ज्यादा RPF, GRP और जिला पुलिस बल के जवान तैनात रहेंगे। गुरुवार दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक बिलासपुर और नागपुर से आने वाली ट्रेनें हॉर्न बजाते हुए 15-20 की स्पीड में गुजरेंगी। लोको पायलट जरूरत पड़ने पर गाड़ी को रोक भी कर सकता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल रामेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे। पहले देखिए ये तस्वीरें- 110 फीट के दशानन रायपुर के WRS का दशहरा प्रदेश भर में फेमस है। इस साल यहां 110 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। रावण के साथ मेघनाथ, कुंभकर्ण के पुतले बनाए जाते हैं। दशहरा आयोजन में रावण का पुतला बनाने में करीब 1 महीना लगता है। कॉलोनी के आसपास रहने वाले युवकों की टीम इसे तैयार करती है। 30 मिनट तक होगी आतिशबाजी WRS के मैदान में दशहरा आयोजन में आतिशबाजी बेहद खास होती है। रावण दहन के बाद यहां 30 मिनट तक आतिशबाजी होती है। पूरा आसमान पटाखों की रंगीनियों से सज उठता है। मैदान में भी अलग-अलग आकृतियों में सजाकर पटाखे जलाए जाते हैं। अनार दानों की ऐसी लड़ी सजाई जाती है, जैसे लगता हो शोलों के झरने बरस रहे हो। इस बार बंगाल से आतिशबाजों की टीम बुलाई गई है। ये टीम इलेक्ट्रॉनिक ट्रिगर से मैदान में पटाखों को जलाएगी। लोगों को आतिशबाजी का मेगा शो देखने को मिलेगा। 55 सालों से हो रहा आयोजन WRS मैदान के कार्यक्रम की जानकारी देते नेशनल क्लब के जी.स्वामी ने बताया कि 55 सालों से यहां भव्य दशहरा कार्यक्रम होता रहा है। इस बार 110 फीट के रावण का दहन होगा। सुरक्षा के लिहाज से यह सारे बंदोबस्त किए गए हैं। रेलवे ट्रैक करीब होने की वजह से उसे बैरिकेड किया गया है। ताकि दर्शक सुरक्षित रहें। साथ ही फायर सेफ्टी और पुलिस टीमें भी तैनात रहेगी। रेलवे ट्रैक पर तैनात रहेंगे 200 जवान WRS कॉलोनी मैदान रेलवे ट्रैक के पास है। ऐसे सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ट्रैक के किनारे 200 से ज्यादा RPF, GRP और जिला पुलिस बल तैनात रहेंगे। बता दें कि 8 साल पहले दशहरा कार्यक्रम के दौरान अमृतसर में हुए हादसे के बाद से यहां भी विशेष सतर्कता बरती जाती है। रायपुर रेलवे स्टेशन से रोजाना 112 यात्री ट्रेनें और करीब 100 मालगाड़ियां गुजरती हैं। शाम के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ जाती है। आज भी RPF के जवान माइक से लगातार एनाउंस करते रहेंगे। ताकि कोई रेलवे ट्रैक के पास ना जाए। गुरुवार दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक बिलासपुर और नागपुर से आने वाली ट्रेनें हॉर्न बजाते हुए 15-20 की स्पीड में गुजरेंगी, ताकि ट्रैक से गुजरने वाले लोग सतर्क हो जाएं। लोको पायलट जरूरत पड़ने पर गाड़ी को रोक भी कर सकता है। ट्रैक के किनारे होने के कारण यह रावण दहन स्थल काफी संवेदनशील है। रायपुर का 200 साल पुराना दशहरा आयोजन WRS कॉलोनी के अलावा रायपुर के रावण भाठा का दशहरा लगभग 200 साल पुराना है। यहां साल में एक बार विजयादशमी के मौके पर बालाजी की पालकी निकलती है। दूधाधारी मठ के महंत द्वारा यहां पर दशहरा उत्सव की शुरुआत की गई थी। बालाजी की पालकी नगर भ्रमण करते हुए रावण भाठा मैदान पहुंचती है। रावण वध के बाद बालाजी की पालकी लोगों को आशीर्वाद देते हुए वापस मठ पहुंचती है। इस बार यहां 60 फीट का रावण का पुतला बनाया गया है। वहीं 50-50 फीट के कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले बनाए गए हैं। रायपुर के इन मैदानों में भी आयोजन रायपुर के बीटीआई ग्राउंड, सुंदर नगर ग्राउंड, सरजूबांधा तालाब, भनपुरी काला मैदान, छत्तीसगढ़ नगर, बोरियाखुर्द, बीरगांव जैसे प्रमुख मैदानों के अलावा कॉलोनियों में भी रावण दहन किया जाएगा।
रायपुर में 110-फीट के दशानन के लिए बंदूकधारी जवान तैनात:4 शिफ्ट में 24 घंटे पहरा, ट्रेनें धीमी चलेंगी; 30 मिनट तक आतिशबाजी

















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