गजेंद्र-खुशवंत-राजेश के मंत्री बनने की इनसाइड स्टोरी:मंत्रिमंडल में जातीय,बिहार-चुनाव इफेक्ट, राजेश की एंट्री से कटे अमर-मूणत, दिग्गजों को कुर्सी नहीं मिलने की वजह

छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री समेत अब 14 मंत्री हो गए हैं। बुधवार को राजभवन में दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब और अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल ने मंत्री पद की शपथ ली। नए चेहरों से OBC, SC और वैश्य समाज के वोटर्स को साधा गया है। साय मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि पुराने दिग्गजों को दरकिनार कर नई पीढ़ी को मौका मिला है। भाजपा 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर नई टीम तैयार की है। इससे आगामी चुनावों में बीजेपी को फायदा मिलेगा। वहीं सीनियर लीडर्स की बात करें तो पुन्नूलाल मोहिले 6 बार के विधायक, अमर अग्रवाल 5 बार, अजय चंद्राकर 5 बार, राजेश मूणत 4 बार, विक्रम उसेंडी 4 बार, धरमलाल कौशिक 4 बार और लता उसेंडी 3 बार की विधायक समेत कई दिग्गजों को किनारा किया गया। इनमें से कई नेताओं ने कुर्सी के लिए दिल्ली तक एड़ी चोटी एक की, फिर भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली। इस रिपोर्ट में पढ़िए क्यों बनाए गए मंत्री, क्यों दिग्गजों को नहीं मिली जगह समेत सभी सवालों के जवाब… अब पढ़िए 3 नए मंत्री बनाने की वजह गजेंद्र यादव के मंत्री बनने के पीछे का समीकरण, OBC और बिहार कनेक्शन भाजपा ने दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाया है। उनकी पृष्ठभूमि संघ से जुड़ी है। वे प्रांत संघचालक बिसराराम यादव के बेटे हैं। मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद अब छत्तीसगढ़ में यादव समाज को प्रतिनिधित्व देकर भाजपा सीधे बिहार पर नजर गड़ाए है। बिहार की 2023 जातिगत गणना में यादवों की आबादी 14.26 प्रतिशत दर्ज की गई थी, इसलिए भाजपा चाहती है कि राष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश जाए कि पार्टी यादव समाज को सत्ता में भागीदारी दे रही है। यही वजह है कि गजेंद्र यादव को साय मंत्रिमंडल में जोड़ा गया। MLA खुशवंत साहेब के मंत्री बनाने का कहानी, SC वोट बैंक को साधने की कोशिश आरंग से विधायक गुरु खुशवंत साहेब सतनामी समाज के प्रभावशाली चेहरा हैं। संत गुरु बालदास के उत्तराधिकारी होने के नाते उनका सीधा प्रभाव वोट बैंक पर पड़ता है। 2013 में बालदास के समर्थन से भाजपा को फायदा हुआ था, जबकि 2018 में कांग्रेस का समर्थन करने से भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा। अब खुशवंत को मंत्री बनाकर भाजपा एससी समाज को मजबूती से साधना चाहती है। यही वजह है कि सतनामी समाज से आने वाले खुशवंत साहेब को साय कैबिनेट में लाया गया, ताकि मिशन 2028 में बीजेपी को नुकसान उठाना न पड़े। अब जानिए राजेश अग्रवाल को क्यों बनाया गया मंत्री ? अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल कांग्रेस के दिग्गज टीएस. सिंहदेव को हराकर सुर्खियों में आए। वे वैश्य समाज से आते हैं। रायपुर सांसद बनने के बाद बृजमोहन अग्रवाल के मंत्री पद से हटने से इस वर्ग का प्रतिनिधित्व खत्म हो गया था। अब राजेश को मंत्री बनाकर भाजपा ने यह संदेश दिया है कि व्यापारी समाज को सत्ता में अहमियत मिलेगी। MLA राजेश अग्रवाल के अलावा, वैश्य समाज से MLA अमर अग्रवाल, MLA राजेश मूणत भी आते हैं, लेकिन भाजपा ने पहली बार विधायक बने राजेश अग्रवाल को मंत्री बनाकर पीढ़ी बदलने का मैसेज दिया है।

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