रायपुर के होटल में ड्रग्स लेते युवती का VIDEO:500 के नोट पर कोकीन डालकर लाइन बनाई; जानिए कौन सप्लाई कर रहा नशे का सामान

रायपुर में एक युवती के ड्रग्स लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो गंज थाना क्षेत्र स्थित एक नामी होटल का बताया जा रहा है। ढाई मिनट के इस वीडियो में एक युवती कमरे के भीतर ड्रग्स का सेवन करते हुए नजर आ रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती 500 रुपए के नोट का उपयोग करते हुए पाउडर (संभावित MDMD/कोकीन) की लाइन बनाती है और फिर उसे चाटती है। इस दौरान युवती किसी से फोन पर भी बात कर रही है। यह पूरी घटना कमरे के बाहर से मोबाइल से बनाए वीडियो में रिकॉर्ड की गई है। वीडियो सामने आने के बाद यह बात स्पष्ट है कि होटल कारोबारी नशेड़ियों, जुआरियों और संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने वाले लोगों को होटल का कमरा नियमों को दरकिनार करके किराए पर दे रहे हैं। पुलिस की समझाइश और सख्ती के बाद भी कारोबारी नियम तोड़ रहे हैं। MDMA ड्रग्स कितना खतरनाक है? निगरानी और कार्रवाई क्यों जरूरी? कैसे कोडवर्ड के सहारे नशीली सामग्री बेची जा रही है। रायपुर में कहां-कहां नशे का सामान मिल रहा है? कौन कहां से सप्लाई कर रहा है? इस रिपोर्ट में विस्तार से पढ़िए… पहले देखिए ये तस्वीरें- पहले जानिए क्या है MDMA ड्रग्स, ये कितना खतरनाक है MDMA यानी ​​​​​​मिथाइलीनडाइऑक्सी मेथाम्फेटामाइन (MDMA) या मेफेड्रोन या एक्सटेसी। एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की कथित गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती और जया शाह के वॉट्सऐप चैट से इसकी चर्चा शुरू हुई। इसके एक ग्राम की कीमत करीब 15 हजार रुपए है। नशा करने वालों के बीच इसके और भी कोड नेम है। इसे लेने के बाद दिमाग में नशा चढ़ता है। मदहोशी आती है। अधिकतर लोग इसे मस्ती के लिए लेते हैं। ज्यादा मात्रा में एक साथ लेने पर यह जान के लिए खतरा तक बन सकती है। इन केसों से समझे निगरानी और कार्रवाई क्यों जरूरी केस: 1- ड्रग्स के ओवरडोज से मौत रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र के वाल्मीकी नगर में 24 जून को मंदीप सिंह नाम के युवक का शव सड़क पर पड़ा मिला। मंदीप को अपनी क्रेटा कारोबारी संतोष मिश्रा फेक कर गया था। पुलिस ने जांच की और कारोबारी संतोष मिश्रा को हिरासत में लिया। उसने बताया कि वो अपनी महिला मित्र साधना और मंदीप के साथ कार से घूम रहा था। मंदीप ने नशीला इंजेक्शन अपनी नशों में लगाया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। डर के कारण वो मंदीप को वाल्मिकी नगर में फेंक कर फरार हो गया। केस: 2- मां ने नशेड़ी बेटे की थी शिकायत रायपुर के तेलीबांधा निवासी युवक यश (परीवर्तित नाम) को ड्रग्स की लत लग गई थी। ड्रग्स ना मिलने के कारण वो परिजनों को प्रताड़ित करता था। आरोपी अपने नशे की लत को पूरा करने के लिए कोरियर से ड्रग्स मंगवाता था। युवक की मां ने 2023 में थाना पहुंचकर अपने बेटे की शिकायत तेलीबांधा पुलिस में की। पुलिस ने केस दर्ज किया, तो सिंडिकेट का खुलासा हुआ। अब पढ़िए रायपुर शहर में क्या-क्या बिक रहा रायपुर पुलिस 2025 से अब तक नशा बेचने वाले 550 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ये आरोपी रायपुर में गांजा, एमडीएमए, एलएसडी, ओजी (विदेशी गांजा) हेरोइन, नशे की गोलियां, अफीम, कफ सिरप को बेचते और उसे लाते हुए पकड़े गए। इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला, कि ये आरोपी ओडिशा से गांजा और महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब-हरियाणा से ड्रग्स लाते और उनको रायपुर सहित अन्य जिलो में बेचते हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्यों में इन आरोपियों द्वारा नशीली सामग्री पहुंचाई जाती है। रायपुर के होटलों, पब और फॉर्म हाउसों में आयोजित प्राइवेट पार्टियों में ड्रग्स को कोडवर्ड के सहारे बेचा जा रहा है। ये सब बात पुलिस की जांच में पहले भी सामने आ चुकी है। इन कोडवर्ड के सहारे बिक रही नशीली सामग्री रायपुर में नशे का सामान कहां-कहां मिल रहा वीआईपी रोड (ड्रग्स), भाठागांव (ड्रग्स), टाटीबंध (चिट्‌टा), हीरापुर (चिट्‌टा), नया रायपुर (ड्रग्स), कालीबाड़ी चौक(ड्रग्स/ गांजा), संजय नगर (गांजा), मौदहापारा (ड्रग्स /गांजा /गोली), आश्रम(गांजा), कोटा(गांजा), उरला(गांजा), बीरगांव (गांजा), खमतराई (गांजा/टेबलेट), सिविल लाइन (गांजा), गुढ़ियारी (गांजा /सीरप /गोली), खम्हारडीह(गांजा /सीरप /गोली), सड्‌डू (गांजा /सीरप /गोली), विधानसभा (गांजा /सीरप /गोली), कबीर नगर (चिट्‌टा)। कौन कहां से कर रहा सप्लाई दिल्ली से नाइजीरियन गैंग, महाराष्ट्र से जिचकर गैंग के सदस्य छत्तीसगढ़ के ड्रग पैडलर्स को ड्रग्स और गोलियों की सप्लाई कर रहा है। नाइजीरियन गैंग के सरगना को मेम्बर्स भूतनाथ और जिचकर गैंग के सदस्य को भाऊ के नाम से संबोधित करते हैं। रायपुर में चंदू नाम का युवक नाइजीरियन गैंग से आई ड्रग्स को खपा रहा है। ड्रग्स को क्रिस्टल के नाम से बेचा जा रहा है और प्रति ग्राम इसकी कीमत 8 से 10 हजार रुपए है। ये गैंग भाटागांव, नया रायपुर, वीआईपी रोड में सक्रिय है। रायपुर में गिरफ्तार हो चुके प्रोफेसर गैंग (ऑनलाइन ऐप बनाकर ड्रग्स बेचने वाले आरोपी जो एडवांस पैसा लेकर बाद में सप्लाई देते थे) की तर्ज पर ये नशीली सामग्री लोगों को मुहैय्या करवा रहा है। चंदू के सिंडिकेट में युवतियां भी शामिल है। नशे के कारण बढ़ रहे अपराध रायपुर सहित प्रदेश भर में मामूली विवाद पर चाकूबाजी, लूट, मारपीट, हत्या और घरेलू हिंसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अधिकांश घटनाओं में आरोपी नशे के आदी पाए गए हैं।

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