कांग्रेस शासनकाल में हुए भारतनेट-2 परियोजना के सभी कामों का अब ऑडिट करवाया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकारी उपक्रम टेलीकम्युनिकेशन कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) को सौंपी गई है। चिप्स ने टीसीआईएल को जिम्मा दिया है कि वे टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (टीपीएल) के 5540 पंचायतों में किए गए कामों की जांच करें। कहां क्या समस्या है और ग्राम पंचायतों को लाइव करने में कितना खर्च आएगा, इसका ब्यौरा भी सौंपे। साथ ही चिप्स ने भारत सरकार को पत्र लिखकर यह मांग की है कि टाटा से 167 करोड़ की जो अमानत राशि जब्त की गई है, उससे ही यह मरम्मत कार्य करवाने की अनुमति दी जाए। बता दें कि दैनिक भास्कर ने भारतनेट घोटाले की तीन कड़ियां उजागर कीं। इसमें बताया कि कैसे टाटा ने एक साल पहले बनी गैलेक्सी सेनर्जी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 275 करोड़ रुपए का काम दे दिया। चिप्स से 400 करोड़ की फाइलें भी गायब हैं। भाजपा-कांग्रेस ने जांच की मांग की : कांग्रेस के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने केंद्रीय दूरसंचार मंत्री को पत्र लिख मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि टीपीएल को किए गए अतिरिक्त भुगतान की वसूली की जाए। वसूली की कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए। वहीं भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने मुख्यमंत्री काे पत्र लिखकर इसे प्रदेश का एक बड़ा भ्रष्टाचार बताया है। उन्होंने सीएम से मांग की है कि टाटा को दिए गए एक-एक पैसे की जांच होनी चाहिए। ऐसे होगा टाटा के काम का ऑडिट {पंचायतों में जमीन के नीचे बिछे फाइबर को खोदकर चेक किया जाएगा। {डेढ़ मीटर के नीचे फाइबर बिछनी थी, कितनी गहराई में बिछी, इसकी जांच होगी। {राउटर किस स्थिति में है, मेंटनेंस से काम हो जाएगा या चेंज करना पड़ेगा। {यूपीएस काम कर रहे हैं या खराब हो चुके हैं, कहां यूपीएस मौजूद ही नहीं हैं। {जहां-जहां का कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिला है, वहां काम हुआ भी है या नहीं। {एक-एक पंचायत की रिपोर्ट बनेगी कि उसे लाइव करने में क्या करना होगा। टाटा ने कहा- मामला कोर्ट में टाटा के प्रोजेक्ट हेड मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि भारतनेट परियोजना में लगाए आरोप गलत हैं। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। हमने सभी तथ्य व अभिलेख न्यायिक मंच के समक्ष प्रस्तुत कर दिए हैं। कंपनी कानूनी प्रक्रिया में सहयोग कर रही है। भारतनेट-2 परियोजना का काम समय से पूरा नहीं हो पाया। टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा अनुबंध की शर्तों को पूर्ण ना करने के कारण एजेंसी की अमानत राशि जब्त कर ली गई। सम्पूर्ण कार्य का ऑडिट भारत सरकार के उपक्रम से करवाया जा रहा है। भारत सरकार को हमने प्रस्ताव भेजा है कि जब्त राशि का उपयोग मरम्मत कराने मैं करने की अनुमति दी जाए। -प्रभात मलिक, सीईओ, चिप्स
सरकारी संस्था करेगी टाटा के काम का ऑडिट:कांग्रेस शासनकाल में हुए भारतनेट-2 प्रोजेक्ट की जांच शुरू

















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