जीएसटी दरों और स्लैब में सुधार की वजह से रोजमर्रा की चीजों की कीमत घटेगी। इससे आम परिवार की सालाना लगभग 50 हजार रुपये तक बचत होगी। वहीं छत्तीसगढ़ में किसानों को भी बड़ा फायदा होगा। यहां हर साल 30-35 हजार ट्रैक्टर बिकता है। कृषि उपकरणों पर जीएसटी 5% हो जाने से ट्रैक्टर खरीदने पर 25000 से 65000 रुपये बचेंगे। इससे प्रदेश के किसानों को सालाना लगभग 200 करोड़ रुपये की बचत होगी। वहीं छत्तीसगढ़ को आर्थिक सुधार और बेहतर प्रबंधन के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में 6200 करोड़ रुपए मिले हैं। जीएसटी में बदलाव से होने वाले फायदों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस की। सीएम साय ने कहा कि जीएसटी अब ‘गुड एंड सिंपल’ टैक्स हो गया है। इसका छत्तीसगढ़ को विशेष लाभ होने वाला है। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को फायदा होगा। बस्तर और सरगुजा के तेंदूपत्ता और लघु वनोपज पर टैक्स घटने से संकलनकर्ताओं की आय बढ़ेगी। कोयले पर सेस हटाने से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को लाभ होगा। तेल, साबुन, टूथपेस्ट, पनीर, सिलाई मशीन, ट्रैक्टर समेत हार्वेस्टर, ट्रैक्टर टायर, बागवानी मशीन, खाद बनाने की मशीन, जैव कीटनाशक, मेंथॉल, सिंचाई मशीनों, कृषि मशीनरी, ड्रिप इरीगेशन सिस्टम, स्प्रिंकलर पर अब सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा। इससे किसानों का पैसा बचेगा। वहीं ट्रैक्टर के टायर में ही 7 हजार रुपये की बचत होगी। आयकर में ऐतिहासिक छूट के बाद जीएसटी सुधार से देश के 150 करोड़ लोगों का जीवन खुशहाल होगा। कांग्रेस ने लगाए थे 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस ने देश में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू किए थे। प्रत्यक्ष कर की बातें करें तो आयकर की दर तो एक समय अधिकतम 97.5 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। पिछले वर्ष 12 लाख सालाना की आय को टैक्स फ्री कर दिया गया। नये सुधार से सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा पर कर समाप्त करने का फैसला ऐतिहासिक है।
जीएसटी सुधार:साय ने कहा – परिवारों के 50 हजार बचेंगे, किसानों को 200 करोड़ रु. का फायदा

















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