छत्तीसगढ़ के रायपुर में हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने से मौतों के आंकड़े में इजाफा हुआ है। हेलमेट नहीं लगाने की वजह से पिछले 7 महीने में 214 लोगों ने जान गंवाई है, जबकि 150 से ज्यादा को गंभीर चोट आई है। कुछ लोगों को ब्रेन हेमरेज भी हुआ, जो अभी अस्पताल में हैं। इसी तरह सीट बेल्ट नहीं लगाने की वजह से 20 से ज्यादा लोगों की जान गई है। इसमें अधिकांश कार ड्राइवर हैं। यह आंकड़े ट्रैफिक डीएसपी सतीश सिंह ठाकुर ने दिए हैं। पुलिस और परिवहन विभाग लोगों से लगातार सीट बेल्ट और हेलमेट लगाने की अपील कर रहा है। रोज चालानी कार्रवाई कर रहे हैं। इसके बाद भी लोग इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। उल्टा इसका तोड़ भी निकाल लिया गया है। कार चालक या उसमें सवार लोग सीट बेल्ट नहीं लगाने के लिए बक्कल का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्योंकि जब तक सीट बेल्ट नहीं लगाएंगे कार में अलार्म बजते रहता है। इससे बचने के लिए लोग बक्कल लगा रहे हैं। इससे कार में अलार्म नहीं बजता है। यही जानलेवा साबित हो रहा है। इसे देखते हुए रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने 23 अगस्त को सभी शो रूम संचालक, ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी और कार एसेसरीज कारोबारियों को चिट्ठी लिखी है। उनसे अपील की है कि सीट बेल्ट बक्कल न बेचें और नई मोपेड- बाइक खरीदने वालों को दो हेलमेट जरूर दें। साढ़े 7 महीने में 413 लोगों की मौत जनवरी 2025 से 15 अगस्त तक साढ़े 7 महीने में रायपुर में 1310 सड़क हादसे हुए हैं। इसमें 413 लोगों की जानें गईं, जबकि 880 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। करीब 210 दुपहिया में हादसा हुआ। दुपहिया सवार 214 की जान गई, जिन्होंने हेलमेट नहीं लगाया था। जबकि 150 से ज्यादा घायल हुए हैं। 12 कार का एक्सीडेंट हुए हैं। उसमें सवार 20 लोगों की जान गई हैं। शो रूम में अभी भी लापरवाही, नहीं दे रहे हेलमेट भास्कर की टीम बाइक के शो रूम भी गई। वहां नई बाइक के साथ हेलमेट देना अनिवार्य किया गया है। लेकिन अधिकांश जगह हेलमेट नहीं दिया जा रहा है। बाइक चालक नया हेलमेट खरीदना नहीं चाह रहे हैं। वे बाहना कर रहे हैं कि उनके पास घर पर हेलमेट है। नया हेलमेट लेकर क्या करेंगे। शो रूम में एक हेलमेट 800 रुपए से 3000 रुपए तक बेचा जा रहा है। हेलमेट नहीं पहने वालों को रोज ई-चालान पुलिस ने हेलमेट नहीं लगाने वालों को रोकना-टोकना बंद कर दिया है। अब पुलिस सीधा कार्रवाई कर रही है। शहर के भीतर बिना हेलमेट के बाइक-मोपेड चलाने वाले औसतन 350 लोगों को रोज ई-चालान जा रहा है। पहली बार में 500 रुपए, दोबारा पकड़े गए तो 1000 रुपए भेजा रहा है। हर बार राशि दोगुनी हो रही है। पुलिस रोजाना 1200 लोगों को ई-चालान करती है। इसमें 350 सिर्फ हेलमेट पर है। कैमरे में सीट बेल्ट का पता नहीं चल पाता, इसलिए सड़कों पर रोककर कार्रवाई की जा रही है। जानिए क्या कह रहे भास्कर एक्सपर्ट ? अधिवक्ता विक्रम शर्मा का कहना है कि, मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 19बी के तहत चारपहिया चलाते समय सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। इसी तरह हेलमेट लगाना भी अनिवार्य है। अगर कोई चारपहिया चलाते समय सीट बेल्ट और दुपहिया चलाते समय हेलमेट नहीं लगाता है तो यह अपराध है। इसका उपयोग करना जरूरी है, यह हादसे में जान की सुरक्षा करता है। बक्कल बेचने पर लगे रोक- डीएसपी ट्रैफिक डीएसपी सतीश सिंह ठाकुर का कहना है कि, ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी, कार एसेसरी, शो रूम संचालकों को सीट बक्कल और हेलमेट को लेकर चिट्ठी लिखी गई है। उनकी बैठक भी ली गई है। क्योंकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है।
हेलमेट-सीट बेल्ट नहीं लगाए…रायपुर में 7 महीने में 234 मौतें:अलार्म बंद करने बक्कल का इस्तेमाल, SSP बोले- मोपेड-बाइक खरीदने पर मिले 2 हेलमेट

















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