हिस्ट्रीशीटर जोश के जीजा ने बीएसपी कर्मचारी पर किया हमला:भिलाई में गाली-गलौज से मना करने पर तलवार से किया अटैक, पुलिस ने निकाला जुलूस

छत्तीसगढ़ के भिलाई के सेक्टर-5 इलाके में बीएसपी कर्मचारी पर दो बदमाशों ने तलवार से जानलेवा हमला कर दिया। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर दोनों का जुलूस भी निकाला। दोनों आरोपियों में एक कुख्यात बदमाश अमित जोश का जीजा है। बतादें कि पिछले साल दुर्ग पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अमित जोश को एनकाउंटर में मार गिराया था। मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र के सेक्टर-5 का है। घटना रात करीब 10:15 बजे की है। चंद्रकांत वर्मा (35) बीएसपी के कर्मचारी हैं। वो सेक्टर-5 मार्केट में सामान लेने पहुंचे थे। दुकानें बंद हो चुकी थीं, इसलिए वे पास की पान दुकान पर खड़े थे। तभी नशे में धुत दो बदमाश वहां आए और दुकान बंद होने पर गाली-गलौज करने लगे। वे लोग बेवजह के चंद्रकांत से भी गाली गलौज करने लगे। चंद्रकांत ने विरोध किया, तो दोनों बदमाश भड़क गए। गाली-गलौज से मना किया तो तलवार किया हमला उनमें से एक ने कार से सिल्वर रंग की तलवार निकाली और हमला कर दिया। चंद्रकांत ने हाथों से वार रोकने की कोशिश की, लेकिन तभी दूसरे युवक ने पीछे से उनके सिर पर तलवार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल चंद्रकांत मौके से भाग कर सेक्टर-9 हॉस्पिटल पहुंचा। घायल अवस्था में ही उसने अपने दोस्त सौरभ शुक्ला और भिलाई नगर थाना प्रभारी को फोन किया तो वे भी अस्पताल पहुंचे। फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं। निगरानीशुदा बदमाश अमित जोश का जीजा है हमलावर पुलिस जांच में पता चला कि हमलावर कोई और नहीं, बल्कि इलाके के हिस्ट्रीशीटर लकी जॉर्ज और यशवंत नायडू हैं। लकी जॉर्ज भिलाई के निगरानीशुदा बदमाश अमित जोश का जीजा है, जिसकी मौत पिछले साल पुलिस एनकाउंटर में हुई थी। अमित जोश के खिलाफ दुर्ग भिलाई के अलग-अलग थानों में मारपीट और गंभीर अपराधों में करीब 35 मामले दर्ज थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों का निकाला जुलूस भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रात में ही आरोपियों को पकड़ लिया। अगले दिन सीन रिक्रिएशन के लिए दोनों आरोपियों का जुलूस भी निकाला गया। चंद्रकांत के दोस्त ने ने कहा- सेक्टर-5 सुरक्षित नहीं चंद्रकांत के दोस्त सौरभ शुक्ला ने कहा कि सेक्टर-5 अब बिल्कुल सुरक्षित नहीं रहा। उन्होंने बताया कि ये दोनों आरोपी पहले भी अवैध कब्जों में शामिल रहे हैं। पुलिस और बीएसपी प्रशासन ने कई बार इनके कब्जे हटाए, लेकिन जेल से छूटने के बाद फिर उसी जगह लौटकर आपराधिक गतिविधियों में लग जाते हैं। कौन है अमित जोश कुख्यात बदमाश अमित जोश पिछले साल जुलाई में भिलाई के ग्लोब चौक में हुए गोली कांड का मुख्य आरोपी था। रात करीब 1:30 बजे तीन लोगों को गोली मारी थी। हमले में दो लोग घायल थे। वारदात के बाद चार आरोपी फरार थे। इन पर 35 हजार का इनाम भी था। अमित जोश निगरानीशुदा बदमाश था। उसके खिलाफ दुर्ग-भिलाई के अलग-अलग थानों में मारपीट और गंभीर अपराधों में करीब 35 मामले दर्ज थे। दुर्ग पुलिस को गोली कांड के बाद लगातार फरार चल रहे अमित जोश के भिलाई में होने की सूचना मिली थी। फरार आरोपी को गिरफ्तार करने ACCU ने कई जगह पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान टीम को कुख्यात आरोपी के भिलाई के जयंती स्टेडियम के पास होने की सूचना मिली थी। एसीसीयू मौके पर पहुंची थी तो पुलिस से उसका आमना-सामना हो गया। जोश ने पुलिस की एक टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी। इस दौरान आरोपी अमित जोश ने भागते हुए पुलिस पर 6-7 राउंड गोलियां चलाई थी। इसके बाद पुलिस ने जवाब में 16 राउंड फायरिंग की, इसमें से आरोपी को तीन गोलियां लगी जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई थी। ……………………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें हिस्ट्रीशीटर जोश पर 15-16 फायर..बदन में धंसी 8 गोलियां:रायपुर में इसी तरह मारा गया था बमबाज मुन्ना; एनकाउंटर की इनसाइड स्टोरी 8 नवंबर को भिलाई में पुलिस ने कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अमित जोश को एनकाउंटर किया। 9 तारीख को शव का पोस्टमॉर्टम हुआ, पता चला कि अमित जोश के शरीर में 8 गोलियां लगी हैं। इनमें से कुछ गोलियां DSP क्राइम की हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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