छत्तीसगढ़ में HSRP लगाने की डेडलाइन निकल चुकी है, लेकिन 85% से ज्यादा गाड़ियां अब भी बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) के सड़कों पर दौड़ रही हैं। हैरानी की बात ये है कि नियम लागू कराने वाले अफसर और जनप्रतिनिधि खुद इसका पालन नहीं कर रहे। दुर्ग में संयुक्त कलेक्टर, निगम आयुक्त, नगर निगम सभापति, भिलाई निगम अपर आयुक्त, अपर कलेक्टर, एसडीएम, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, पुलिस विभाग के ज्यादातर वाहन और यहां तक कि DFO की गाड़ी में भी अब तक HSRP नहीं लगाई गई है। प्रदेश में 2019 से पहले की गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगाने के आदेश दिए गए थे। 15 अप्रैल 2025 इसकी आखिरी तारीख थी। पहले ये तस्वीरें देखिए- 2019 से पहले की सभी गाड़ियों में HSRP अनिवार्य सरकार ने साफ आदेश दिया था कि 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना जरूरी है। विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाए, अपीलें कीं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने की स्थिति में 500 से लेकर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसको लेकर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग दोनों ही इस पर कार्रवाई कर सकते हैं। सिर्फ 13% वाहनों में लग सके प्रदेश के 52 लाख 48 हजार 476 पुराने वाहनों में से केवल 7 लाख 9 हजार 829 गाड़ियों पर ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई गई है। यानी सिर्फ 13.52% वाहनों में ही नियम का पालन हुआ है। इतने बड़े अभियान के बावजूद यह आंकड़ा यह दिखाता है कि HSRP को लेकर अब भी अवेयरनेस की जरूरत है। अन्य जिलों के मुकाबले दुर्ग की स्थिति थोड़ी बेहतर दुर्ग जिले में 6 लाख 16 हजार 961 पुराने वाहनों में से अब तक केवल 1 लाख 27 हजार 897 पर HSRP लग सकी है। यह सिर्फ 20.73% है। बाकी करीब 80% वाहन अब भी बिना HSRP के दौड़ रहे हैं। इनमें अफसरों और नेताओं की गाड़ियां भी शामिल हैं। अफसर बोले- मैनपॉवर की कमी अफसरों का कहना है कि मैनपॉवर की कमी है, इसलिए काम की रफ्तार धीमी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब बड़े अफसरों की गाड़ियों में ही एचएसआरपी नहीं है, तो फिर सामान्य व्यक्ति पर किस तरह कड़ाई की जा सकेगी। अफसरों की पुरानी गाड़ियों में भी लगे HSRP- एसएल लकड़ा दुर्ग के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एसएल लकड़ा ने कहा कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट 1 अप्रैल 2019 से पहले के वाहनों में लगवाना है। शासकीय वाहन हो या फिर वीआईपी वाहन सभी में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। कई सरकारी गाड़ियों में HSRP लग चुकी हैं, अगर नहीं लगी है तो इसे विभागीय बैठक और टीएल (टाइम लिमिट) की बैठक में बोला जाएगा कि जितने भी अधिकारी हैं। जिनके पास 2019 के पहले की गाड़ी हैं तो वे अपने वाहनों में एचएसआरपी लगवाएंगे। क्या है हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट एक विशेष तरह की नंबर प्लेट होती है, जिसे वाहनों की सुरक्षा और ट्रैकिंग के लिए सरकार ने अनिवार्य किया है। यह प्लेट, पुराने नंबर प्लेट से ज्यादा सुरक्षित होती है। रजिस्ट्रेशन प्लेट में लग रहा इतना खर्च सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के निर्देश पर नियम लागू अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है। वाहन स्वामी सुरक्षित रहे और उनकी गाड़ी की मॉनिटरिंग हो सके, इसलिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाया जा रहा है इसे लेकर राज्य सरकार ने इसकी अधिसूचना पहले जारी की थी। ………………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट का रजिस्ट्रेशन जारी:2019 से पहले की गाड़ियों में नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य, नहीं लगाने पर लगेगा फाइन छत्तीसगढ़ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य हो गया है। 1 अप्रैल 2019 से पहले की गाड़ियों में इसे अनिवार्य कर दिया गया है। इसे नहीं लगाने पर ट्रैफिक पुलिस चालानी कार्रवाई भी करेगी। HSRP लगाने के लिए परिवहन विभाग ने मेसर्स रियल मेजॉन इंडिया लिमिटेड और रोसमर्टा सेफ्टी सिस्टम लिमिटेड को अधिकृत किया है। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ के 86% वाहनों में नहीं लगी HSRP:डेडलाइन खत्म, कलेक्टर, आयुक्त, DFO और जनप्रतिनिधियों की गाड़ियां भी बिना हाई-सिक्योरिटी प्लेट के दौड़ रही

















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