आंदोलन की चेतालनी – तीन साल पहले शहीद स्मारक में चौपाटी खोलने स्मार्ट सिटी ने तीन करोड़ खर्च किए, अब निजी एजेंसी को देने की तैयारी, विरोध में उतरे सेनानी परिवार और कांग्रेसी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों की स्मृति में वर्ष 2000 में निर्मित शहीद स्मारक भवन के व्यावसायिकरण को लेकर विरोध शुरू हो गया है। रायपुर नगर निगम संचालन और मेंटनेंस के लिए भवन को निजी एजेंसी को देने की तैयारी कर रहा है। इसे लेकर स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार वाले और बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने भवन के व्यावसायिक उपयोग होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है। नगर निगम 35 से 40 हजार रुपए प्रतिदिन के शुल्क पर भवन को किराए पर देता है।
भवन की कुछ विशेषताएं कमाई करेगा निगम
साल में 5 से 20 लाख रुपए की आमदनी हो रही है और खर्च लगभग 40 से 45 लाख रुपए हो रहा है। नगर निगम इसी अंतर को कम करने के लिए भवन के संचालन का जिम्मा निजी एजेंसी को देने की तैयारी में है। पूर्व में भी 2019-20 में भवन की छत पर चौपाटी शुरू करने की तैयारी थी। कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, डिप्टी सीएम से मिला स्वतंत्रता संग्राम उत्तराधिकारी संघ पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व एमआईसी सदस्य श्रीकुमार मेनन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेताओं ने दोपहर में शहीद स्मारक भवन पहुंचकर भवन के व्यावसायिक उपयोग को लेकर विरोध जताया। इन्होंने चेतावानी देते हुए कहा कि यदि भवन का व्यावसायिक उपयोग होता है तो राज्य शासन, जिला प्रशासन और नगर निगम को बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन भी इसके विरोध में खड़ा हो चुका है। उन्होने उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मिलकर अपना विरोध जताया है। संगठन के अध्यक्ष मुरली खंडेलवाल और अरुण दुबे ने कहा कि यह भवन स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मारक है। इसे राष्ट्रीय धरोहर बनाया जाए। इसे आय का स्रोत बनाना उचित नहीं है।
सीधी बात – मीनल चौबे, महापौर रायपुर हम भवन को और आकर्षक बनाएंगें क्या शहीद स्मारक का व्यावसायिक उपयोग करेंगी?
-नहीं, ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है। हम भवन को और आकर्षक और सुंदर बनाना चाहते हैं।
प्रदर्शन हो रहे हैं, आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं?
-स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार वालों की भावना के खिलाफ कोई काम नहीं करेंगे।
फिर कांग्रेसियों ने आज प्रदर्शन क्यों किया?
-वे राजनीति कर रहे हैं। कांग्रेस ने कई निर्णय लिए जो महापुरुषों के सम्मान में नहीं लिए जाने चाहिए थे।
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