हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाई तो दशहरा बाद से घर आएगा तीन हजार तक का ई-चालान

राजधानी समेत राज्यभर में ऐसा पहली बार होगा जब हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाने वालों के घरों में सीधे ई-चालान भेजा जाएगा। लगातार अपील और चेतावनी के बाद भी लोग नए नंबर प्लेट नहीं लगा रहे हैं। इस वजह से यह फैसला लिया गया है। एचएसआरपी नंबर प्लेट नहीं लगाने वाले दोपहिया वालों को 1000, चारपहिया वालों को 2000 और ट्रक-बस समेत भारी मालवाहक वाहन वालों को 3000 रुपए का जुर्माना देना होगा। ऑनलाइन चालान भेजने का काम दशहरा के बाद शुरू कर दिया जाएगा। अभी त्योहारी सीजन होने की वजह से नए नंबर लगाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग 75 फीसदी तक कम हो गई है। नंबर प्लेट लगाने वाली कंपनी से मिले आंकड़ों के अनुसार केवल रायपुर शहर में हर दिन औसतन 4000 नए नंबर प्लेट लगाने के ऑर्डर मिल रहे थे, लेकिन अभी इसकी संख्या घटकर करीब 800 हो गई है। इसी तरह राज्यभर में रोजाना लगभग 7000 ऑर्डर और नंबर प्लेट फिट किए जा रहे थे। लेकिन यह संख्या भी घटकर 2500 के आसपास रह गई है। नंबर प्लेट बदलवाने की रफ्तार सुस्त होने की वजह से परिवहन विभाग के अफसरों को फटकार भी लग रही है। यही कारण है कि अब एचएसआरपी नंबर प्लेट के लिए सख्ती बरती जाएगी। राज्य में अभी तक 15 फीसदी भी नंबर प्लेट नहीं बदले जा सके छत्तीसगढ़ में नंबर प्लेट बदलने का काम 1 अप्रैल से शुरू किया गया है। राज्यभर के सभी जिलों में 52 लाख 48 हजार 476 नंबर प्लेट बदलने हैं। लेकिन अभी तक केवल 10 लाख 52 हजार 343 नंबर प्लेट ही बदले गए हैं। यह आंकड़ा मात्र 14.2 फीसदी ही है। छह महीने में इतनी सुस्त रफ्तार से काम होने की वजह से परिवहन विभाग के अफसर भी परेशान हैं। यही वजह है कि पहले लोगों को सड़कों पर रोककर टोकन दिए गए। लेकिन ये तरीका भी कारगर नहीं रहा। यही वजह है कि अब ई-चालान भेजने का फैसला लिया गया है। विवाद होता है, इसलिए सड़क पर नहीं कर रहे चालान
हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट नहीं लगाने वालों से सड़क पर जुर्माना वसूल किया जा रहा था। लेकिन लोग इसे लेकर विवाद करते थे। इसके बाद से ही सड़क पर जांच और जुर्माना करने का काम बंद कर दिया गया। इसी तरह का विवाद हेलमेट को लेकर भी होता था। इसके बाद बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों को सीधे ई-चालान भेजा जाने लगा। इसके बाद हेलमेट लगाने वालों की संख्या ज्यादा बढ़ी। लोग ही जागरूक नहीं हो रहे हैं
हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए लोगों को कई तरह की सुविधाएं दी जा रही है। शिविरों में भी आसानी से इसे लगा सकते हैं। लगातार कोशिशों के बाद भी लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। इस वजह से अब ऑनलाइन चालान करने का फैसला किया गया है।
– आशीष देवांगन, आरटीओ रायपुर
आर्डर नहीं मिल रहे इसलिए मांग की
पिछले एक माह में नए नंबर प्लेट लगाने के लिए मिलने वाले ऑर्डर 75% तक कम हो गए हैं। एचएसआरपी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है। इसके बावजूद लोग इस नियम को नहीं मान रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को इसके लिए ठोस सिस्टम बनाना ही होगा।
– आशीष मिश्रा, स्टेट हेड रियल मेजॉन कंपनी

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