बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों में सुधार के लिए सभी स्कूलों में अब मेंटर शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। ये मेंटर उन्हीं स्कूलों के शिक्षक होंगे, जो छात्रों को उत्तर लेखन का अभ्यास कराएंगे और परीक्षा के दौरान समय प्रबंधन सिखाएंगे। इस पहल के तहत हर बच्चे को मेंटर शिक्षक की निगरानी में नियमित अभ्यास कराया जाएगा, ताकि परीक्षा का डर खत्म हो और लेखन कौशल बेहतर बने। बिलासपुर संभाग के सभी स्कूलों में कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं के लिए यह व्यवस्था लागू की जाएगी। हर शिक्षक को छात्रों की संख्या के अनुसार समूह सौंपा जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी स्कूल की पांचवीं कक्षा में 12 छात्र और 4 शिक्षक हैं, तो हर शिक्षक को 3-3 छात्रों की जिम्मेदारी दी जाएगी। समूह का निर्धारण उपस्थिति पंजी के क्रम से होगा। वरिष्ठ शिक्षक को पहले तीन छात्रों का समूह दिया जाएगा और अगले दिन अगला समूह दूसरे शिक्षक को। मेंटर शिक्षक रोज एक घंटे छात्रों से उत्तर लेखन का अभ्यास कराएंगे। रोज तीन से चार प्रश्नों का लेखन कराया जाएगा। एक दिन एक विषय का, दूसरे दिन दूसरे विषय का अभ्यास होगा। सप्ताह में सभी विषयों को कवर किया जाएगा। छात्रों को एक दिन पहले प्रश्न दिए जाएंगे ताकि वे घर से तैयारी कर सकें। इसके लिए हर विषय की अलग कॉपी तैयार की जाएगी। उत्तर लेखन के तरीके सिखाने के साथ ही, पिछले साल सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इससे बच्चे समझ सकेंगे कि उत्तर पुस्तिका को बेहतर तरीके से कैसे लिखा जा सकता है। मूल्यांकन में कक्षा के श्रेष्ठ छात्रों का लेंगे सहयोग कक्षा 12वीं में संकायवार (विज्ञान, वाणिज्य, कला) छात्रों का समूह बनाकर विषय-विशेष व्याख्याताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। यदि किसी संकाय में 30 छात्र हैं, तो उन्हें तीन शिक्षकों के बीच समान रूप से विभाजित किया जाएगा। मूल्यांकन कार्य में कक्षा के पांच श्रेष्ठ छात्रों का सहयोग लिया जाएगा। शिक्षकों की जवाबदेही भी तय शिक्षकों की जवाबदेही भी तय की गई है। जिन स्कूलों का परीक्षाफल 50% से कम रहेगा, उनके प्राचार्य और संबंधित विषय शिक्षक की समीक्षा कर चेतावनी दी जाएगी। दो साल परिणाम 50% से कम रहने पर एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जा सकेगी या दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कमजोर छात्रों लिए 25 प्रश्नों का तैयार होगा प्रश्नपत्र सेट कमजोर छात्रों की पहचान कर उनके लिए 25-25 प्रश्नों के सेट तैयार किए जाएंगे। इन प्रश्नों का बार-बार अभ्यास कराया जाएगा ताकि वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। यह अभ्यास जनवरी और फरवरी में होगा। इन्हीं दो महीनों में दो-दो प्री-बोर्ड परीक्षाएं भी ली जाएंगी। प्रश्न पत्र एक सप्ताह पहले दिए जाएंगे।
बिलासपुर: स्कूलों में शुरू होगा:बोर्ड का रिजल्ट सुधारने अब हर छात्र को मिलेगा मेंटर, अभ्यास भी कराएंगे

















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