11 जिलों में यलो अलर्ट…5 दिन बिजली गिरने की आशंका:छत्तीसगढ़ में सामान्य से 65% कम बारिश, राजनांदगांव सबसे गर्म और पेंड्रा सबसे ठंडा

छत्तीसगढ़ में पिछले 36 घंटों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। कोरिया के सोनहत में भारी बारिश (70 मिमी) दर्ज की गई है। वहीं अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 34 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 20.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मध्यम बारिश के साथ बिजली और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके अलावा, 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य भाग में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। आज यानी रविवार की बात करें तो मौसम विभाग ने बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा, मुंगेली, कोरिया, सूरजपुर समेत 11 जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अलर्ट जारी किया है। मानसून में गिरावट की वजह से पिछले 9 दिनों में छत्तीसगढ़ में सामान्य से लगभग 65% कम बारिश हुई है। 1 से 9 अगस्त के बीच 119.8MM पानी बरसना चाहिए था, लेकिन अब तक केवल 42.4MM पानी ही बरसा है। बलरामपुर में सबसे ज्यादा बारिश, बेमेतरा में सबसे कम 1 जून से अब तक 669.5 मिमी बारिश हो चुकी है। बलरामपुर में सबसे ज़्यादा 1101.1 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा में सबसे कम 331.4 मिमी बारिश हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 595.7 मिमी, बलौदाबाजार में 557.6 मिमी और गरियाबंद में 537.0 मिमी बारिश हुई है। महासमुंद में 543.2 मिमी और धमतरी में 520.1 मिमी बारिश हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 689.9 मिमी, मुंगेली में 689.1 मिमी, रायगढ़ में 807.5 मिमी, जांजगीर-चांपा में 875.1 मिमी, कोरबा में 723.5 मिमी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 647.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 597.5 मिमी और सक्ती में 735.5 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 522.1 मिमी, कबीरधाम में 485.9 मिमी, राजनांदगांव में 563.9 मिमी, बालोद में 628.2 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 814.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 464.7 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 498.5 मिमी, सूरजपुर में 829.3 मिमी, जशपुर में 751.7 मिमी, कोरिया में 768.7 मिमी और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 719.3 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड की गई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 775.8 मिमी, कोंडागांव में 498.6 मिमी, नारायणपुर में 677.6 मिमी, बीजापुर में 815.4 मिमी, सुकमा में 504.7 मिमी, कांकेर में 661.6 मिमी, दंतेवाड़ा में 700.3 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। जून से जुलाई के बीच 623.1 MM मिलीमीटर बारिश प्रदेश में 1 जून से 30 जुलाई तक कुल 623.1 MM मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 558MM के करीब बारिश का अनुमान लगाया था। यानी अनुमान से 12 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। वहीं सिर्फ जुलाई महीने की बात करें तो कुल 453.5 मिमी बारिश हुई है। पिछले 10 सालों में सिर्फ 2 बार ही जुलाई में बारिश का आंकड़ा 400MM पार हुआ है। 2023 में जुलाई माह में प्रदेश में सबसे ज्यादा 566.8MM पानी बरसा था। इससे पहले 2016 में 463.3MM पानी गिरा था। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ

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