छत्तीसगढ़ में आज (गुरुवार) से मानसून एक बार फिर से गति पकड़ सकता है। खासकर दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में मानसूनी एक्टिविटी तेज रहेगी। मौसम विभाग ने एहतियातन बस्तर, कांकेर, सूरजपुर, कोरिया, सुकमा, रायगढ़, कोरबा सहित 19 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं आज भी सरगुजा-सूरजपुर सहित 7 जिलों में बारिश के बाद बाढ़ आने की आशंका जाहिर की गई है। सेंट्रल पार्ट के 14 जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो सूरजपुर, बलौदाबाजार और बलरामपुर जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है। बलौदाबाजार में एक गांव टापू में तब्दील हो गया। धमतरी जिले में बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं तापमान की बात करें तो बुधवार को सबसे अधिक टेंपरेचर 32 डिग्री सेल्सियस रायपुर और सबसे कम न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया। इन जिलों में बाढ़ का खतरा मौसम विभाग ने आज भी 7 जिलों सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, रायगढ़, कोरिया, कोरबा और बलरामपुर में बारिश के बाद अचानक बाढ़ आने आउटलुक सर्कुलर जारी किया है। खेत में काम कर रही महिला पर गिरी बिजली इससे पहले बुधवार को धमतरी जिले में बिजली गिरने से लताबाई साहू (35) की मौत हो गई। वह रोपाई करने खेत गई हुई थी, तभी गरज चमक के साथ तेज बारिश हुई। वहीं प्रमोतिन निर्मलकर और ममता साहू घायल हैं। मामला रुद्री थाना क्षेत्र क्षेत्र सोरम गांव का है। बलौदाबाजार में गांव टापू में तब्दील बलौदाबाजार में लगातार बारिश से 600 आबादी वाला कौआडीह गांव टापू में तब्दील हो गया है। कौआडीह नाला उफान पर है। जिससे वटगन-खरतोल मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क पर 2-3 फीट ऊपर पानी बह रहा है। वाहनों का आना-जान पूरी तरह रुक गया है। बारिश के कारण स्कूल भी बंद हैं। कई खेत पानी में डूब गए हैं। बारिश के बाद झरनों की सुंदरता तस्वीरों में देखिए लंबा रह सकता है मानसून मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है। बेमेतरा में 671.8 मिमी बरसा पानी जुलाई का पहला पखवाड़ा बारिश के लिहाज से काफी अच्छा रहा। अब तक प्रदेश में 405.3 मिमी बारिश हो गई है। यह औसत से 6 प्रतिशत ज्यादा है। कोंडागांव, बेमेतरा और सुकमा को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हो चुकी है। अब तक बलरामपुर में सबसे ज्यादा 671.8 मिलीमीटर पानी बरसा है। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ
19 जिलों में यलो अलर्ट…7 में बाढ़ का खतरा:कोरबा-रायगढ़, कांकेर जिले भीगेंगे, बलौदाबाजार में टापू बना गांव,धमतरी में बिजली गिरने से महिला की मौत

















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