2.5 में चपरासी-4 लाख में बाबू-की पोस्ट बेच रहे थे:मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा दिया, दुर्ग में 70 लाख ठगने वाले बाप-बेटा गिरफ्तार

दुर्ग जिले में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले बाप-बेटे को अंजोरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लोगों को मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे की उगाही करते थे। इसके लिए उन्होंने बकायदा रेट भी फिक्स कर रखा था। चपरासी की नौकरी का रेट ढ़ाई लाख और बाबू की नौकरी का रेट 4 लाख रुपए तय था। जबकि आरोपी खुद पहले दुर्ग के वेटनरी कॉलेज में कर्मचारी था। रिटायर होने के बाद लोगों को मंत्रालय में नौकरी दिलाने के नाम पर चूना लगा रहा था। ठगी की रकम से आरोपियों ने कुथरेल में 12 लाख का प्लॉट खरीदा था। पांच लाख रुपए लेकर भी बेटे-दामाद की नहीं लगाई नौकरी दरअसल, बालोद के रहने वाले संतराम देशमुख (54) की वेटरनरी कॉलेज अंजोरा में सरकारी क्वार्टर में रहने वाले भेषराम से हुई। उसने संतराम को बताया कि मंत्रालय में अरुण मेश्राम साहब से उनकी अच्छी बनती है। उसने अपने बेटे रविकांत की नौकरी भी लगाई है। इस बात से झांसे में आकर संतराम ने जून 2022 में बेटे और दामाद की नौकरी के लिए आरोपियों को ढाई-ढाई लाख रुपए दे दिए। इसके साथ ही दोनों के सभी दस्तावेज भी दे दिए। लेकिन पैसे लेने के बाद आरोपी उसे गुमराह और टालमटोल करते रहे। अपने साथ ठगी का एहसास होने पर संतराम ने 3 सितंबर को अंजोरा थाने में केस दर्ज करवाया। मामला दर्ज होने के बाद खुलने लगीं परतें आरोपी बाप-बेटे राजनांदगांव निवासी अरुण मेश्राम के साथ मिलकर लगातार लोगों को झांसा देकर वसूली कर रहे थे। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच में और परतें खुलीं तो पुलिस को कई अन्य पीड़ितों की जानकारी मिली। तीसरा आरोपी अरुण अब तक फरार है। पुलिस उसकी खोजबीन में जुटी हुई है। दुर्ग के बस स्टैंड पर पकड़ाए बाप-बेटे एक मामला दर्ज होने पर अन्य पीड़ित भी सामने आए। लोमश देशमुख और हेमंत साहू समेत कई लोगों ने आरोपियों पर ठगी का आरोप लगाया। सबूतों और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और आरोपी बाप-बेटे को दुर्ग के बस स्टैंड से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि ये किसी काम से दुर्ग आए थे, पुलिस को इसकी सूचना मिली तो पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने पर दोनों ने कबूला कि अब तक वे 12 से ज्यादा लोगों से करीब 70 लाख रुपए की ठगी कर चुके हैं। दोनों ने अपने हिस्से के 20 लाख रुपए में से 12 लाख रुपए का प्लॉट ग्राम कुथरेल में खरीदा और बाकी रकम खर्च कर दी। प्लॉट की रजिस्ट्री, बैंक पासबुक और डायरी जब्त ASP पदमश्री तंवर ने बताया कि आरोपियों ने अब तक 12 लोगों से करीब 70 लाख रुपए ऐंठने की बात कबूली है। पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदे गए प्लॉट की रजिस्ट्री, बैंक पासबुक और डायरी जब्त कर ली है। इस पूरे नेटवर्क का तीसरा आरोपी अरुण मेश्राम अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। अरुण मेश्राम को मंत्रालय में बड़ा अफसर बताकर ही बाप बेटे ने लोगों से पैसे वसूले हैं। पुलिस ने आरोपी भेषराम देशमुख (62) और उसके बेटे रविकांत (32) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। ………………………….. ठगी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पटवारी की नौकरी लगवाने के नाम पर 15 लाख ठगे:दुर्ग में 6 किस्त में लिए पैसे, फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर भी दिया, 1 गिरफ्तार छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी की गई है। ठगों ने अधिकारियों ने जान पहचान बताकर 15 लाख रुपए ऐंठ लिए और फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर भी दिया। हालांकि, पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *