बालोद में अतिथि प्रोफेसर ने की आत्महत्या:पति DGM पद पर प्रमोट होकर गए थे भिलाई,फोन नहीं उठाने पर तोड़ा दरवाजा; फांसी पर लटकी मिली

छत्तीसगढ़ के बालोद शहर के लीड कॉलेज में अतिथि प्रोफेसर रहीं डॉ. अर्पिता चतुर्वेदी (43) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। उनका शव दल्ली राजहरा के वार्ड क्रमांक 1 के बीएसपी क्वार्टर नंबर 7 में फंदे से लटका मिला। घटना मंगलवार शाम की है। अर्पिता के पति अजय चतुर्वेदी लगातार उन्हें फोन कर रहे थे। लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। कई बार प्रयास के बाद भी बात नहीं होने पर उन्होंने राजहरा पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजा तोड़ा गया तो अर्पिता फंदे से लटकी हुई मिली। अतिथि प्रोफेसर थीं, हाल ही में दोबारा मिला था नियुक्ति पत्र डॉ. अर्पिता चतुर्वेदी पहले बालोद महाविद्यालय में बायोटेक्नोलॉजी विषय की अतिथि प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थीं। कुछ समय पहले उनकी सेवाएं समाप्त हो गई थीं, लेकिन हाल ही में उन्हें पुनः अतिथि प्राध्यापक के तौर पर बुलाया गया था। पति DGM के पद पर हाल ही में प्रमोट हुए पति अजय चतुर्वेदी बीएसपी की माइंस यूनिट में अधिकारी हैं। 15 दिन पहले ही उन्हें प्रमोशन मिला और भिलाई स्थित नंदनी माइंस में डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) के पद पर पदस्थ किए गए हैं। प्रमोशन के बाद वह भिलाई शिफ्ट हो गए थे। जबकि अर्पिता दल्ली राजहरा में अकेली रह रही थी। फॉरेंसिक टीम और अधिकारी मौके पर पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। राजहरा एसडीएम सुरेश साहू, सीएसपी चित्रा वर्मा और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल की जांच की गई। शव का पोस्टमार्टम के बाद बुधवार दोपहर में दल्लीराजहरा में ही अंतिम संस्कार किया गया। आत्महत्या का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं पुलिस को अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। न ही आत्महत्या के पीछे कोई ठोस वजह सामने आई है। दल्लीराजहरा टीआई रविशंकर पांडेय ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच कर आत्महत्या के कारणों का खुलासा किया जाएगा। अभी प्रारंभिक जांच चल रही है। परिजन और परिचितों का बयान बाकी है।

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