छत्तीसगढ़ के कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले में गुरुवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रिश्वतखोरी के खिलाफ छापेमारी की। कोरबा में ACB के अफसरों ने टीचर विनोद कुमार सांडे को 2 लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़ा है। वहीं जांजगीर-चांपा जिले में तहसील ऑफिस के क्लर्क वीरेंद्र तुरकाने को 17,500 रुपए घूस लेते पकड़ा गया है। टीचर ने ट्रांसफर रोकने के बदले रिश्वत की मांग की थी। वहीं जांजगीर-चांपा में पटवारी ने जमीन में बहन का नाम हटाने के लिए पैसे की मांग की थी। दोनों मामले में पीड़ितों ने बिलासपुर एसीबी से शिकायत की थी। इसके बाद ACB की टीम ने कार्रवाई की है। पहला मामला-कोरबा में ट्रांसफर रोकने के लिए मांगी रिश्वत कोरबा में एसीबी बिलासपुर ने एक शिक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। माध्यमिक शाला बेला में पदस्थ शिक्षक विनोद कुमार सांडे को शिकायतकर्ता के घर से 2 लाख रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया गया। दरअसल, रामायण पटेल प्राथमिक शाला बालको केसला के प्रधान पाठक हैं। उनकी पत्नी उसी स्कूल में शिक्षक है। माध्यमिक शाला बेला में पोस्टेड टीचर विनोद कुमार सांडे ने रामायण पटेल से कहा कि उसकी पत्नी का ट्रांसफर दूर के स्कूल में हो सकता है। डीईओ और बीईओ से पहचान बताकर ट्रांसफर रुकवाने का दावा किया लेकिन अगर वह चाहता है कि ट्रांसफर नजदीकी स्कूल ओमपुर में हो, तो उसे 2 लाख रुपए रिश्वत देने होंगे। विनोद खुद को डीईओ और बीईओ से पहचान वाला बताकर रामायण पटेल से ट्रांसफर रुकवाने का दावा कर रहा था। लेकिन रामायण रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने आरोपी टीचर को रंगे हाथों पकड़वाने की योजना बनाई। शिकायतकर्ता के घर से आरोपी शिक्षक रंगे हाथों पकड़ाया रामायण पटेल ने बिलासपुर एसीबी से शिक्षक की शिकायत की। शिकायत के बाद एसीबी ने मामले की जांच की और शिकायत सही पाई गई। इसके बाद एसीबी बिलासपुर की टीम ने शिक्षक को ट्रैप करने की योजना बनाई। एसीबी ने प्लान के तहत आरोपी शिक्षक विनोद सांडे को शिकायतकर्ता के कोरबा स्थित घर पर 2 लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की। रिश्वत की राशि जब्त कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। दूसरा मामला- जमीन से बुआ का नाम हटाने रिश्वत लेते पकड़ाया दूसरा मामला जांजगीर-चांपा जिले का है। जांजगीर के पुराना चंदनिया पारा निवासी सत्येंद्र कुमार राठौर ने बिलासपुर एसीबी से पटवारी कार्यालय जांजगीर में तैनात बालमुकुंद राठौर के खिलाफ शिकायत की। सत्येंद्र ने शिकायत में बताया कि ग्राम पुटपुरा में उसकी 4 एकड़ पुश्तैनी जमीन है। इस जमीन में उसकी दो बुआ के नाम भी है। इस जमीन के खाता में ंदोनों बुआ का नाम हटाने के लिए उसने पटवारी कार्यालय में आवेदन दिया था। इस काम के लिए सत्येंद्र पटवारी दफ्तर के चक्कर काट रहा था, लेकिन पटवारी हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर काम टाल देता था। पीड़ित ने बिलासपुर ACB से शिकायत की आखिर में पटवारी ने इस काम के एवज में 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। इससे परेशान होकर सत्येंद्र ने बिलासपुर ACB से शिकायत की। शिकायत की पुष्टि के बाद ACB ने पटवारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। एसीबी ने शिकायतकर्ता सत्येंद्र को केमिकल युक्त नोट देकर पटवारी कार्यालय भेजा। जैसे ही पटवारी ने 20 हजार रुपए लिए, ACB की टीम ने तुरंत रेड कर दी और पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ACB थाना प्रभारी योगेश कुमार राठौर ने बताया कि आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है। ………………………………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें छत्तीसगढ़ ACB रेड…14 महीने में 26 रिश्वतखोर पकड़ाए:इनमें पटवारी से लेकर CMO तक, रायगढ़ में सबसे ज्यादा केस, कोरबा दूसरे नंबर पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 14 महीने में 26 अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते ट्रैप किया है। सबसे ज्यादा कार्रवाई रायगढ़ जिले में हुई है। यहां 6 महीने में ही 7 अफसर-कर्मचारी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ में रिश्वत के खिलाफ ACB की कार्रवाई:कोरबा में शिक्षक 2 लाख लेते रंगेहाथों पकड़ाया, जांजगीर-चांपा में पटवारी 20 हजार कैश के साथ अरेस्ट

















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