धमतरी के गौशाला मैदान में 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। यह आयोजन रामलीला मंचन के बाद हुआ, जिसकी प्रस्तुति 25 वर्षों से रामलीला मंडली द्वारा दी जा रही है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में धूमधाम से मनाया गया। धमतरी नगर निगम द्वारा प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी गौशाला मैदान में रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, शहर के गणमान्य नागरिक और आसपास के क्षेत्रों से लोग शामिल हुए। गौशाला मैदान में लगभग एक घंटे तक रामलीला का मंचन हुआ। धमतरी से सटे ग्राम अछोटा के रामलीला समूह ने भगवान श्री राम और रावण के बीच युद्ध का मंचन किया। कार्यक्रम के अंत में भगवान श्री राम की आरती की गई, जिसके बाद नाभि चक्र से रावण के पुतले का दहन किया गया। रावण दहन देखने आए लोगों ने अछोटा के रामलीला समूह की प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने बताया कि यह दिन असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है, जिसे धमतरी के नागरिक धर्म की नगरी के रूप में मनाते हैं। लोगों ने इस दिन सभी को बुराई छोड़कर अच्छाई के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उपस्थित लोगों ने यह भी बताया कि इस वर्ष रावण का पुतला काफी ऊंचा बनाया गया था। कई लोगों ने कहा कि इस सांस्कृतिक आयोजन को हर किसी को जानना चाहिए और प्रतिवर्ष रामलीला तथा रावण दहन कार्यक्रम में शामिल होकर इसका लाभ उठाना चाहिए। रामलीला समूह में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले कलाकार ने कहा कि वे अहंकारी रावण को जलाने के लिए उपस्थित हुए थे। उन्होंने बताया कि उनका समूह प्रतिवर्ष यह प्रस्तुति देता है और सभी मनुष्यों को एक साथ मिलकर अपने भीतर के अहंकार रूपी रावण को जलाने का प्रयास करना चाहिए। महापौर रामु रोहरा ने बताया कि लोग साल भर से इस अहंकारी और अधर्मी रावण के खात्मे का इंतजार कर रहे थे, जो समय पर पूरा हुआ। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 15 साल बाद इस बार रावण का पुतला स्थानीय स्तर पर बनवाया गया था, जिसकी जनता ने काफी सराहना की है।
धमतरी में 40 फीट रावण का दहन:रामलीला के बाद नाभिचक्र से जला, गूंजे जय श्री राम के नारे

















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