छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हाथियों का आतंक जारी है। वन मंडल कटघोरा में इस समय 67 हाथी अलग-अलग झुंड में विचरण कर रहे हैं। इनमें से 66 हाथी शुक्रवार (12 सितंबर) को केंदई रेंज में देखे गए हैं। झुंड में नन्हे शावक भी हैं। 9 सितंबर को केंदई के सखोदा परिसर में 26 हाथियों के दल में एक नए शावक ने जन्म लिया है। वहीं, हाथियों ने गयामाड़ा गांव में अमृतलाल मंझवार के कच्चे मकान को तोड़ दिया। घटना शुक्रवार रात की है। बताया जा रहा है परिवार घर में सो रहा था। हाथियों की आहट सुनकर वे एक कमरे में छिपकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। हाथी काफी देर तक आसपास घूमते रहे और घर में रखा धान भी खा गए। धान की फसल को नुकसान पसान रेंज में एक दंतैल हाथी सड़क किनारे धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है। सूरजपुर से पिछले हफ्ते 12 हाथी यहां पहुंचे हैं। हाथियों का दूसरा झुंड लालपुर और कोरबी क्षेत्र में भी देखा गया है। ग्रामीण पिछले कई दिनों से रात भर जागकर (रतजग्गा) अपनी सुरक्षा कर रहे हैं। हाथियों के डर से वे न तो सो पा रहे हैं और न ही खेती कर पा रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। हाथी मित्र दल हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने में जुटा है। वन विभाग ने ड्रोन से हाथियों की निगरानी भी की है।
कोरबा में 67 हाथियों के झुंड ने तोड़ा मकान:परिवार ने कमरे में छिपकर बचाई जान; झुंड में 4 दिन का नन्हा शावक भी शामिल

















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