अफगानिस्तान-पाकिस्तान-पंजाब और दिल्ली से ड्रग्स लाकर रायपुर में बेचने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। एक महीने के अंदर पुलिस अधिकारियों ने ड्रग्स बेचने के मामले में 30 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों से पुलिस ने करोड़ों का ड्रग्स बरामद किया है। पैडलर्स पर पुलिस के मुखबिर नज़र रखे हुए हैं। शनिवार की शाम पुलिस ने 3 और डीलरों को पकड़ा है। जिनके नाम हर्ष, मोनू और दीप बताए जा रहे हैं। इन आरोपियों के पास से पुलिसकर्मियों ने ड्रग्स बरामद किया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। रायपुर पुलिस जल्द पूरे मामले का खुलासा करेगी। आरोपियों से गाड़ी भी बरामद आरोपियों से पूछताछ कर रहे विवेचना अधिकारियों ने बताया कि, आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा गाड़ी भी बरामद की गई है। आरोपी रायपुर में ड्रग्स कब से बेच रहे थे? ये ड्रग्स कहां का है? किस सिंडिकेट से आरोपी जुड़े हैं? इन सब सवालों का जवाब अफसर तलाश रहे हैं। अफसरों का कहना है कि आरोपियों के सिंडिकेट में कुछ सफेदपोश लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रायपुर में क्या-क्या बिक रहा? रायपुर पुलिस 2025 से अब तक नशा बेचने वाले 550 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ये आरोपी रायपुर में गांजा, एमडीएमए, एलएसडी, ओजी (विदेशी गांजा), हेरोइन, नशे की गोलियां, अफीम, कफ सिरप बेचते और उसे लाते हुए पकड़े गए। इन आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि ये आरोपी ओडिशा से गांजा और महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब-हरियाणा से ड्रग्स लाते और उन्हें रायपुर समेत कई जिलों में बेचते हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्यों में यह आरोपी नशीली सामग्री पहुंचाते हैं। रायपुर के होटलों, पब और फार्म हाउस में आयोजित प्राइवेट पार्टियों में ड्रग्स को कोडवर्ड के सहारे बेचा जा रहा है। ये सब बातें पुलिस की जांच में पहले भी सामने आ चुकी हैं। राजधानी में बढ़ी ड्रग्स की खपत जानकारों के अनुसार, रायपुर में क्लब और नाइट पार्टियों के कल्चर के चलते ड्रग्स की खपत बढ़ी है। अलग-अलग सिंडिकेट के सदस्य इलाके बांटकर इस काम को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के हत्थे रायपुर में सक्रिय दो गिरोह चढ़ चुके हैं। इन गिरोह के 30 से ज्यादा आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन गिरोह के सदस्यों के अकाउंट में करोड़ों का ट्रांजेक्शन मिला है। यह पैसा रायपुर जिले के अलग-अलग इलाकों से ट्रांसफर हुआ है। जिन लोगों ने आरोपियों के अकाउंट में पैसा जमा किया है, उनकी जानकारी पुलिस जुटा रही है। अब विस्तार से जानिए ड्रग्स नेटवर्क की पूरी कहानी… दरअसल, इंटरनेशनल ड्रग्स नेटवर्क की कमान पंजाब के गुरदासपुर निवासी लवजीत सिंह उर्फ बंटी के हाथ में थी। शुरुआती इनपुट के अनुसार, लवजीत पाकिस्तान के तस्करों से सीमा पार से ड्रग्स मंगवाता था।माल अवैध तरीके से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करवाया जाता था। इंटरनेशनल बॉर्डर से पंजाब के सीमावर्ती जिलों में ड्रग्स को छिपाया जाता था। पंजाब में ही लवजीत का प्रमुख बेस था, यहीं से वह ड्रग्स की ‘थोक सप्लाई’ भारत के अन्य राज्यों में करता था। इसमें से एक छत्तीसगढ़ का नाम भी है। कम्युनिकेशन के लिए वर्चुअल नेटवर्क, विदेशी नंबर, नेट कॉलिंग और वीडियो शेयरिंग जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए आरोपी नेट कॉलिंग का इस्तेमाल करते थे, जिसमें अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल नंबर उपयोग किए जाते। वॉट्सऐप, टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर वीडियो कॉल, लाइव लोकेशन और फोटो शेयर कर ग्राहकों को सामान की डिलीवरी कन्फर्म की जाती थी। इससे न केवल एजेंसियों की निगरानी से बचा जाता, बल्कि पहचान छिपाकर तेजी से नेटवर्क बढ़ाया जा रहा था। भारत के अलग-अलग राज्यों में भी सप्लाई की बात सामने आ रही है। रायपुर में ‘सप्लाई हब’, कमल विहार था ठिकाना पंजाब से आने के बाद हेरोइन को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कमल विहार सेक्टर-4 स्थित एक फ्लैट में स्टोर किया जाता था। इस घर का मालिक और स्थानीय सरगना सुवित श्रीवास्तव था, जो न केवल लवजीत से माल रिसीव करता था, बल्कि आगे सप्लाई के लिए स्थानीय नेटवर्क तैयार कर चुका था। यह स्पॉट इस नेटवर्क का मेन लॉजिस्टिक हब बन गया था, जहां माल पहुंचने के बाद छिपाकर अलग-अलग थोक डीलरों और पेडलर्स तक भेजा जाता था। इसके लिए यहां हर किसी का काम फिक्स था, किसे कौन सा काम करना है। ट्रांजेक्शन सिस्टम, म्यूल एकाउंट्स और कैश फ्लो का ट्रैप पुलिस के मुताबिक पैसों के लेन-देन के लिए गिरोह ने म्यूल एकाउंट्स बनाए थे। ऐसे बैंक अकाउंट जिनका उपयोग केवल ट्रांजेक्शन के लिए किया जाता है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपए के लेन-देन के डिजिटल सबूत मिले हैं। इसके साथ ही क्रिप्टोकरेंसी, UPI और नकद माध्यमों से भी भुगतान होने की भी बात कही जा रही है। इन खातों का संचालन रायपुर से बाहर बैठे सदस्य कर रहे थे, ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो जाए। इससे नशे का कारोबार चलता रहे और आरोपी पकड़े न जाएं। ……………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… दैनिक भास्कर के बताए ठिकानों से पकड़ाए आरोपी दैनिक भास्कर ने 25 जुलाई को ‘रायपुर के होटल में ड्रग्स चाटती लड़की का VIDEO:500 के नोट पर कोकीन डालकर लाइन बनाई; केक-चॉकलेट और जालिम कोड वर्ड से बिक रहा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। शहर के किन इलाकों में क्या नशीली सामग्री बिक रही है। इसकी जानकारी दी गई थी। पढ़ें पूरी खबर रायपुर के होटल में ड्रग्स चाटती लड़की का VIDEO:500 के नोट पर कोकीन डालकर लाइन बनाई; केक-चॉकलेट और जालिम कोड वर्ड से बिक रहा रायपुर में एक युवती के ड्रग्स लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो गंज थाना क्षेत्र स्थित एक नामी होटल का बताया जा रहा है। ढाई मिनट के इस वीडियो में एक युवती कमरे के भीतर ड्रग्स लेते हुए नजर आ रही है। पढ़ें पूरी खबर…
रायपुर में ड्रग्स सिंडिकेट के 3 और आरोपी गिरफ्तार:दिल्ली से ड्रग्स बेचने आए थे, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा; कई सफेद पोश रडार पर

















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