सरगुजा में दंतैल हाथी ने ली 4 की जान:पहले घर लौट रहे बाप-बेटी को पटककर मारा, महिला को रौंदा; फिर बुजुर्ग को कुचला

सरगुजा जिले में ग्राम पंचायत चिरगा के बेवरा में एक दंतैल हाथी ने 4 लोगों की जान ले ली। बुधवार (30 जुलाई) की शाम बाप-बेटी अपने खेत में रोपा लगाकर लौट रहे थे, तभी पीछे से आए हाथी ने उन्हें पटक-पटककर मार डाला। इसी दिन सुबह इसी हाथी ने ग्राम बकिला में एक महिला को भी रौंदा। दोनों मामला लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र का है। गुरुवार यानि आज सुबह ग्राम देवगढ़ के सीतापुर वन परिक्षेत्र में दूसरे दंतैल ने एक बुजुर्ग ग्रामीण को कुचल दिया। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। तीन अलग-अलग हमले में 4 की मौत हुई है। तीनों घटनाएं 24 घंटे के अंदर की है। पहली घटना- हाथी ने बाप बेटी की जान ली जानकारी के मुताबिक, लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत चिरगा अंतर्गत ग्राम बेवरा में 30 जुलाई की शाम करीब 7 बजे राम कोरवा (60 साल) और उसकी बेटी प्यारी (35 साल) खेत से रोपा लगाकर लौट रहे थे, तभी एक जंगली हाथी से सामना हो गया। दोनों हाथी के करीब पहुंच गए। दोनों ने भागने की कोशिश की। हाथी ने दोनों को दौड़ाया और पटककर कुचल दिया। घटना में दोनों की जान चली गई। इसकी सूचना देर रात वन विभाग के अधिकारियों और लुण्ड्रा पुलिस को दी गई। दूसरी घटना- महिला को रौंदा ग्राम बकिला में 30 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे महिला सनमेत बाई अपने पति नेहरू कंवर के साथ घर में थी। उसी समय हाथी पहुंच गया। हाथी से बचने के लिए दोनों विपरीत दिशा में भागे। तभी हाथी ने दौड़ाकर महिला को कुचल दिया। पति ने भागकर किसी तरह जान बचाई। तीसरी घटना- बुजुर्ग को कुचलकर मारा तीसरी घटना लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र से 65 किलोमीटर दूर सीतापुर वन परिक्षेत्र की है। जहां ग्राम देवगढ़ में ग्रामीण मोहर साय सैराम (55 साल) सुबह 6 बजे अपने खेत गया था। जहां उसका सामना 2 हाथियों से हो गया। उसी में से एक नर हाथी ने मोहर साय को कुचलकर मार डाला।​​​​​​ दूरस्थ इलाके की घटना हाथी के हमले में पिता-पुत्री की मौत की खबर मिलने पर सरगुजा DFO अभिषेक जोगावत, वन विभाग के अधिकारियों के साथ पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जहां घटना हुई है, वह दूरस्थ इलाका है। जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में लुण्ड्रा में आतंक मचा रहा हाथी बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र से भटककर पहुंचा है। हाथी धौरपुर से होते हुए लुण्ड्रा, चेंद्रा, उदारी, असकला होते हुए चिरगा पहुंचा था। देवगढ़ में हाथी के हमले की पहली घटना वनकर्मियों ने बताया कि दोनों हाथी 30 जुलाई की रात 2.30 बजे तक ग्राम ललितपुर में थे। उनकी निगरानी की जा रही थी। रात करीब ढ़ाई बजे के बाद हाथियों का पता नहीं चला। दोनों हाथी रात में ललितपुर से देवगढ़ पहुंच गए। देवगढ़ में हाथियों के हमले की यह पहली घटना है। मौत के बाद किया अलर्ट लुंड्रा क्षेत्र में उत्पात मचा रहे हाथी की निगरानी में लापरवाही के बाद यह घटना हुई। वहीं, चिरगा पहुंचने पर विभाग ने ग्रामीणों को अलर्ट नहीं किया था। वनविभाग के कर्मियों ने 4 की मौत के बाद आसपास के आधा दर्जन गांवों के लोगों को अलर्ट किया है। …………………………. हाथी के हमले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रायगढ़ में हाथी के हमले से 3 की मौत: मासूम को पटक-पटककर मार डाला, महिला को खेत में कुचला; घर ढहने से दबा ग्रामीण छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथी के हमले से 3 लोगों की जान चली गई। 22 जुलाई की रात ग्राम गोसाईडीह और मोहनपुर में हथिनी और उसके शावक ने जमकर उत्पात मचाया। मामला लैलूंगा रेंज का है। पढ़ें पूरी खबर…

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