SBI ऑफिस में सर्विस-मैनेजर की विदाई में शराब पार्टी, VIDEO:बीजापुर के नए भवन में शराब पी,रातभर डांस किया, मैनेजर बोले-असुविधा के लिए खेद है

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में विदाई पार्टी रखी गई, जहां जमकर शराब पार्टी और नाच-गाना हुआ। नेशनल हाईवे 63 ओल्ड बस स्टैंड के पास बैंक को हाल ही में नया भवन अलॉट हुआ है, वहां रविवार देर रात शाखा के सर्विस मैनेजर की विदाई पार्टी रखी गई थी। उनका ट्रांसफर रायपुर हो गया है। इस दौरान पार्टी में बैंक स्टाफ ने शराब पी और डीजे की धुन पर देर रात तक डांस किया। इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पार्टी में इतना शोर था कि मुख्य सड़क तक आवाजें सुनाई दे रही थीं। जिससे आसपास के लोग परेशान हो गए। कई राहगीरों ने भी देर रात बैंक भवन से आ रही तेज़ आवाजों को लेकर हैरानी जताई। हालांकि, इसकी किसी ने कहीं कोई शिकायत नहीं की है। तस्वीरों में देखिए शराब पार्टी के कुछ दृश्य… मैनेजर बोले- किसी को दिक्कत हुई तो हमें खेद है बीजापुर SBI शाखा के मैनेजर अभय प्रताप सिंह ने पार्टी की पुष्टि करते हुए कहा कि, यह सिर्फ एक विदाई पार्टी थी, किसी को परेशान करना उद्देश्य नहीं था। अगर किसी को दिक्कत हुई तो हमें खेद है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि, शराब पार्टी के लिए कोई अनुमति या लाइसेंस लिया गया था या नहीं। न ही शराब परोसने से साफ इनकार किया। आबकारी अधिकारी बोले- यह हमारे दायरे से बाहर आबकारी उप निरीक्षक वतन चौधरी ने बताया कि, ऐसी कोई जानकारी उन्हें घटना के दिन तक नहीं मिली थी। अगर सार्वजनिक स्थल पर शराबखोरों का मामला होता तो आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती थी। स्टेट बैंक के परिसर में पार्टी की सूचना है। उन्होंने कहा कि, स्टेट बैंक भवन बैंक प्रबंधन के तहत आता है। इस वजह से यह आबकारी विभाग के दायरे से बाहर आता है। रही बात शोरगुल और हुल्लड़ की तो मामला लॉ एंड ऑर्डर से जुड़ा है, जो पुलिस विभाग के अधीन आएगा। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए- समाजसेवी वरिष्ठ समाजसेवी राजीव गांधी ने कहा कि, बैंक जैसे सार्वजनिक संस्था के कर्मियों का यह बर्ताव गलत है। सड़क किनारे सरकारी भवन में शराब पीना और डांस करना निंदनीय है। अफसरों को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यह कृत्य बैंक कर्मियों को शोभा नहीं देता- कांग्रेस पूर्व कांग्रेस नगरपालिका अध्यक्ष बेनहूर रावतिया ने कहा कि, यह पूरी तरह ग़लत है। इस तरह का कृत्य बैंक कर्मियों को शोभा नहीं देता। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। बैंक प्रबंधन को ध्यान रखना चाहिए की ऐसा दोबारा न हो। जो जिम्मेदार हैं उन पर उचित कार्रवाई की जाए। कर्मचारियों को अपने दायरे में रहकर काम करना चाहिए।

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