मोबाइल पर गिरी बिजली…धमाके में UP के युवक की मौत:रायपुर में छत पर खेल रहे थे गेम, बलरामपुर में 2 लोगों ने तोड़ा दम

छत्तीसगढ़ के रायपुर और बलरामपुर में शनिवार शाम बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हैं। रायपुर में छत पर गेम खेलते वक्त आकाशीय बिजली गिरी, जिससे मोबाइल ब्लास्ट हो गया। धमाके में UP के एक युवक ने दम तोड़ दिया, जबकि 2 लोग झुलस गए। वहीं बलरामपुर जिले में कुछ लाेग खेत में काम कर रहे थे, तभी बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हैं। घायलों को शंकरगढ़ सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज चल रहा है। घटना शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के बेलसर गांव की है। पहली घटना: रायपुर में मोबाइल पर गिरी बिजली रायपुर के खम्हारडीह थाना क्षेत्र के भावना नगर में 3 युवक घर की छत पर मोबाइल पर गेम खेल रहे थे। शनिवार दोपहर करीब 1 बजे बिजली हाथ में रखे मोबाइल पर गिर गई, जिससे मोबाइल जोरदार धमाके के साथ फट गया। ब्लास्ट में सन्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से झुलस गए। घायल युवकों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि मृत युवक सन्नी UP के गोरखपुर जिले के हेमधापुर गांव का रहने वाला था। वह मजदूरी करने छत्तीसगढ़ आया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। दूसरी घटना: खेत में काम करते समय नाबालिग समेत दो की मौत वहीं दूसरा मामला बलरामपुर के शंकरगढ़ के ग्राम बेलसर का है। यहां कुछ लाेग खेत में काम कर रहे थे, तभी उन पर आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में मनेश्वर अगरिया (18) और सुवेश्वर नगेशिया (37) की मौत हो गई। बाकी 6 घायलों को शंकरगढ़ सीएचसी में प्राथमिक इलाज कराया गया। शंकरगढ़ थाना प्रभारी जितेंद्र जायसवाल ने बताया कि, पुलिस ने दोनों मृतकों का शव पंचनामा के बाद रविवार को पोस्टमॉर्टम कराया। उसके बाद परिजनों को सौंपा गया। घायलों में संतोष तिग्गा (40), सुशीला तिग्गा (35), संतोष अगरिया (24), धनेश्वर अगरिया (19), लोखनाथ (55) और मनरखन (25) शामिल हैं। सभी ग्राम बेलसर के रहने वाले हैं। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ

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