NTPC-हादसे की इनसाइट स्टोरी…68-फीट ऊंचाई से गिरकर 2 मौत:मजदूर बोले-पहले ही बताया था स्ट्रक्चर कमजोर,प्रबंधन ने नहीं सुनी; हेलमेट-जैकेट से कैसे होगी सुरक्षा

एशिया के सबसे बड़े पावर प्लांट और 9 रत्नों में से एक बिलासपुर के सीपत स्थित NTPC प्लांट में बुधवार को भीषण हादसा हो गया। प्लांट की यूनिट-5 में मेंटनेंस के दौरान प्री-एयर हीटर प्लेटफॉर्म टूट गया। जिससे 12 मजदूर 68 फीट ऊंचाई पर काम करते समय नीचे गिर गए। इस हादसे में 2 मजदूरों की मौत हो गई। जबकि, 3 मजदूर घायल हैं। दैनिक भास्कर की टीम घटना स्थल पर पहुंची। मजदूरों ने बातचीत में बताया कि, प्लेटफार्म पर क्षमता से अधिक भार होने की वजह से यह हादसा हुआ। मजदूरों ने कहा कि हेलमेट-जैकेट से सुरक्षा कैसे होगी। प्रबंधन ने लापरवाही बरती है। कमजोर स्ट्रक्चर की जानकारी देने के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। मजूदरों ने प्लांट में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती ने बताया कि, हादसा कैसे हुआ इसकी जांच कराई जाएगी। वहीं, एएसपी राजेंद्र जायसवाल का कहना है कि, श्रमिकों के साथ ही जिम्मेदारों का बयान दर्ज किया जाएगा। जांच में लापरवाही पाई जाएगी, तो दोषियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। हादसे के बाद की ये तस्वीरें देखिए… अब जानिए कैसे हुआ हादसा दरअसल, सीपत के NTPC प्लांट में 500 मेगावाट के यूनिट-5 में मेंटेनेंस का काम चल रहा था। बुधवार सुबह 9 बजे से मजदूर यहां काम कर रहे थे। इस दौरान करीब 6 से ज्यादा मजदूर प्री AIR हीटर प्लेटफॉर्म पर ऊपर चढ़े थे। बॉक्स पर लोहे के एंगल रख रहे थे। तभी अचानक पूरा स्ट्रक्चर भरभराकर गिर गया। जिससे मेंटेनेंस के काम में लगे 6 से ज्यादा मजदूर करीब 21 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिर गए। जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर स्ट्रक्चर में दब गए। हादसे के बाद प्रबंधन के लोगों ने स्टाफ की मदद से मजदूरों को बाहर निकाला। इस हादसे में सीपत थाना क्षेत्र के पोड़ी गांव निवासी श्याम साहू (25) की मौत हो गई। जबकि, 4 मजदूर घायल हो गए। अब गुरुवार को इलाज के दौरान प्रताप सिंह की भी मौत हो गई। मजदूर बोले- कमजोर था स्ट्रक्चर, जानकारी देने के बाद भी नहीं दिया ध्यान श्रमिक देव कुमार साहू ने बताया कि, सुरक्षा मानकों में गंभीर चूक हुई है। जिस AIR हीटर प्लेटफॉर्म में खड़े होकर मजदूर ऊंचाई पर काम कर रहे थे, उसका स्ट्रक्चर कमजोर था। श्रमिकों ने प्रबंधन को इसकी जानकारी दी थी। जैकेट-हेलमेट के भरोसे कैसे होगी सुरक्षा एक और श्रमिक ने बताया कि, NTPC प्रबंधन सुरक्षा को लेकर ध्यान ही नहीं दिया जाता। जिस जगह पर मजदूर काम कर रहे थे, वहां बास्केट पर लोहा डाला जा रहा था। जिसके ओवरलोड से स्ट्रक्चर गिर गया। मजदूरों को सुरक्षा उपकरण देने में भी केवल खानापूर्ति की जा रही है। मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। रोते-बिलखते रहे परिजन फिर भी प्रबंधन ने नहीं दी जानकारी इस हादसे की खबर मिलते ही मजदूरों की मां, पत्नी समेत कई परिजन प्लांट के गेट पर पहुंच गए। सभी अपनों का हाल जानने के लिए परेशान होते रहे। सुरक्षा कर्मियों से बार-बार अंदर जाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी हालत सामान्य होने की जानकारी देते रहे। लेकिन परिजन उन्हें देखे बिना उनकी बात मानने को तैयार नहीं थे। इस दौरान गेट के बाहर खड़े परिजन के आंसू थम नहीं रहे थे। घंटों इंतजार के बाद एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती ने आकर स्थिति स्पष्ट किया। फिर भी परिजन अपनों का हाल जानने और उन्हें देखने के लिए बेताब नजर आ रहे थे। प्रबंधन के रवैए से भड़का आक्रोश, सड़क पर उतरे लोग प्रबंधन के उदासीन और असहयोगात्मक रवैए के बाद एनटीपीसी के मटेरियल गेट पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी करते हुए हंगामा मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ सड़क पर उतर आई। इस दौरान महिलाएं सड़क पर बैठ गई और चक्काजाम कर दिया। पुलिस उन्हें समझाइश देने का प्रयास करती रही। लेकिन लोगों ने उनकी एक नहीं सुनी। बाद में संयुक्त कलेक्टर, एडिशनल एसपी और तहसीलदारों ने आकर समझाइश ​दी। साथ ही प्रबंधन से बात करने का भरोसा दिलाया। तब भी लोग सड़क से हटने के लिए तैयार नहीं हुए। टेंडर पर चल रहा मेंटेनेंस का काम एनटीपीसी यूनिट-5 के बॉयलर में 10 दिन पहले मेंटेनेंस शुरू हुआ था। इसके लिए मेसर्स गोरखपुर कन्स्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर दिया गया है, जो स्थानीय मजदूरों से काम करा रही थी। अधिकांश मजदूर सीपत क्षेत्र के आसपास के थे। इनमें ग्राम पोड़ी के लोगों की संख्या अधिक थी। घटना की खबर मिलने पर उस गांव से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे थे। हादसे के समय 10-12 मजदूर छज्जे की सफाई में लगे थे। श्याम साहू ऊपरी हिस्से में काम कर रहा था। वहीं से गिरने से उसकी जान चली गई। हादसे से जुड़ी ये तस्वीरें भी देखिए… चक्काजाम के चलते वाहनों की लगी कतार इस हादसे के बाद बड़ी संख्या में मजदूरों के परिजनों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। जिसके चलते करीब 8 घंटे तक यातायात बाधित रही। इस दौरान राहगीर परेशान होते रहे। गाड़ियों की कतार लगी रही। हालांकि, बाद में गाड़ियों को डायवर्ट रूट से भेजा गया। मजदूर की मौत पर मुआवजा, पत्नी को नौकरी का वादा हादसे के बाद जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और प्रबंधन की बैठक हुई। इसमें मृतक के परिजनों को एनटीपीसी और ठेकेदार की ओर से 5-5 लाख रुपए मुआवजा देने का निर्णय लिया गया। वहीं, पत्नी को संविदा पर अर्धकुशल पद पर रोजगार देने पर सहमति बनी। अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपए मदद देने का निर्णय लिया गया। घायल प्रताप की अपोलो में मौत गंभीर रूप से घायल प्रताप सिंह का इलाज एनटीपीसी प्रबंधन के खर्च पर अपोलो अस्पताल में कराने का निर्णय हुआ। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बैठक में एसडीएम पैकरा, तहसीलदार सोनू अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य अरुणा सूर्या के प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश सूर्या, पोड़ी के सरपंच सूर्यप्रकाश सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। ………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़ें… बिलासपुर NTPC-प्लांट में 1 मौत, 4 मजदूर घायल:मेंटेनेंस के दौरान टूटा हीटर-प्लेटफॉर्म, मृतक की पत्नी को 10 लाख मुआवजा और नौकरी मिलेगी, चक्काजाम खत्म छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के NTPC सीपत प्लांट में बुधवार को बड़ा हादसा हुआ है। प्लांट की यूनिट-5 में मेंटनेंस के दौरान प्री-एयर हीटर प्लेटफॉर्म टूट गया। हादसे में 1 मजदूर की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हो गए। इनमें से एक की हालत गंभीर है। पढ़ें पूरी खबर… बिलासपुर NTPC में हादसा: सीपत प्लांट में बॉयलर फटा, ब्लास्ट से पेंट हाउस की छत क्षतिग्रस्त, 500 मेगावाट की यूनिट ठप; अफसर बोले- दो दिन में फिर हो जाएगी शुरू छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सीपत स्थित NTPC प्लांट में 4 साल पहले ब्लास्ट हो गया था। धमाका इतना तेज था कि पेंट हाउस की छत उड़ गई थी। वहीं 500 मेगावाट की यूनिट ठप हो गई थी। हालांकि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई थी। बताया जा रहा है कि प्लांट में बॉयलर लीकेज होने के कारण ऐसा हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…

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