परिवहन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने 9 स्कूलों में जाकर उन बसों की जांच की जो फिटनेस कैंप में शामिल नहीं हुई थीं। जांच के दौरान 10 बसों में खामियां मिलने पर 34 हजार रुपए की पेनाल्टी लगाई गई। ये वही वाहन हैं जिन्हें पहले जांच के लिए नहीं लाया गया था। विभाग ने ऐसे 106 बसों को पहले ही ब्लैकलिस्ट किया था। सुप्रीम कोर्ट कमेटी द्वारा तय 16 बिंदुओं पर इन बसों की जांच की गई। बीते दिनों विभाग ने इन बसों की जांच की और खामियां मिलने पर उन्हें सुधारने के निर्देश दिए। स्कूलों के संचालन शुरू होने के बाद जिले में स्कूल बसों की फिटनेस जांच के लिए शिविर लगाया गया था। हालांकि रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या अधिक थी, लेकिन गिने-चुने स्कूल ही जांच के लिए पहुंचे। दूर-दराज के ब्लॉकों में भी कैंप लगाए गए ताकि सभी बसों की जांच हो सके। मिनी स्टेडियम में दो से तीन बार शिविर लगाया गया, लेकिन केवल 49 बसें ही शामिल हुईं। इनमें से 18 बसें अनफिट पाई गईं और 3 ड्राइवरों को मोतियाबिंद की शिकायत मिली। 16 बिंदुओं पर हुई वाहनों की जांच तीन दिन तक चले शिविर में वाहनों की 16 बिंदुओं पर जांच की गई। इस दौरान जिले की 106 बसें कैंप में शामिल नहीं हुईं। जांच में 5 स्कूलों के 10 वाहन अनफिट पाए गए। इनमें से 2 वाहनों से मासिक शुल्क भी वसूला गया। कुल मिलाकर 93,989 रुपए की चालानी कार्रवाई की गई। उड़नदस्ता टीम स्कूलों में जाकर वाहनों की जांच कर रही
उड़नदस्ता स्कूलों में जाकर कर रहा जांच जिला परिवहन अधिकारी अमित कश्यप ने बताया कि फिटनेस कैंप में शामिल नहीं होने वाले वाहनों को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने को कहा गया था। इसके बाद भी शामिल नहीं होने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया। अब उड़नदस्ता टीम स्कूलों में जाकर इन वाहनों की जांच कर रही है। 9 स्कूलों की 34 बसों की जांच की गई, जिसमें 8 स्कूलों की बसों में खामियां मिलीं और 2 स्कूलों से मासिक टैक्स वसूला गया।
34 स्कूल बसों की जांच:10 में मिलीं कमियां, 93 हजार जुर्माना

















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