नि:शुल्क एचपीवी टीकाकरण की इन्वेस्टिगेशन:सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने HPV वैक्सीन जरूरी; 3 साल में सिर्फ घोषणा, गाइडलाइन नहीं बनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2022 में नि:शुल्क एचपीवी टीकाकरण (वैक्सीनेशन) की घोषणा की थी। यह वैक्सीन 9 से 14 साल आयुवर्ग की बेटियों को लगनी है, जो इन्हें भविष्य में बच्चेदानी के मुंह के कैंसर (सर्वाइकल) से बचाएगी। पीएम की घोषणा के 3 साल बाद भी टीकाकरण अभियान को लेकर न कोई गाइड-लाइन जारी हुई है और न राज्यों को इसके शुरू होने की कोई पुख्ता सूचना दी गई। उधर, आम बजट 2024 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी टीकाकरण को सक्रिय रूप से ‘बढ़ावा’ देने की बात कही थी। मगर, आज तक इसका कोई बजट निर्धारित नहीं किया गया है। इस जीवन रक्षा अभियान में देरी की वजह जानने के लिए भास्कर ने पड़ताल की। छत्तीसगढ़ उन 6 राज्यों में से एक है, जहां टीकाकरण सबसे पहले शुरू होगा। खुलासा हुआ है कि इस अभियान से केंद्र पर अरबों रुपए का वित्तीय भार आएगा। तो इसका पूरा भार केंद्र उठाएगा या फिर 60:40 के अनुपात में भार साझा होगा? टीकाकरण की गाइडलाइन क्या होगी? सबसे अहम की वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्रा. लि​. से सीधे खरीदी जाएगी, जिस प्रकार कोरोना इमरजेंसी में खरीदी गई थी या फिर खरीदी टेंडर प्रक्रिया के तहत होगी? केंद्र इन सभी मुद्दों पर विचार विर्मश कर रहा है। हालांकि 24 जनवरी 2023 को केंद्रीय गृहमंत्री ने सीरम द्वारा बनाई गई मेड इन इंडिया एचपीवी वैक्सीन लांच की थी, जिसकी कीमत तब महज 200 रुपए/डोज बताई गई थी। बता दें कि 2 साल पहले राष्ट्रीय टीकाकरण सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) ने सर्वाइकल कैंसर को रोकने यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (यूआईपी) में एचपीवी वैक्सीन को शामिल करने की सिफारिश की थी। 25% सर्वाइकल कैंसर के मरीज, जो सेकंड-थर्ड स्टेज में पहुंचते हैं अस्पताल इंदिरा गांधी रीजनल कैंसर इंस्टीट्यूट रायपुर में पीजी स्टूडेंट एंड रिसर्चर डॉ. विनय साहू के मुताबिक महिलाओं में मुंह के कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर सर्वाधिक डायग्नोस हो रहा है। यहां सालाना औसतन 5,000 नए कैंसर मरीज डायग्नोस होते हैं। इनमें 25 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के होते हैं, जो सेकंड या थर्ड स्टेज में पहुंचते हैं। लांसेट आंकोलॉजी की रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में सर्वाइकल कैंसर के सर्वाधिक मरीज हैं। ये हैं सर्वाइकल कैंसर के लक्षण प्रोडक्शन जारी है: सीरम भास्कर से बातचीत में सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा- वैक्सीन का प्रोडक्शन जारी है। केंद्र से बातचीत के बाद जो तय होगा,आपको बताएंगे। संभव है कि अगले वर्ष 2026 में वैक्सीन इंट्रोड्यूज हो। “केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एचपीवी टीकाकरण को लेकर अप्रैल 2026 में मास्टर ट्रेनर्स के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा है। इसमें राज्य से प्रतिनिधि भेजे जाएंगे। इसके बाद केंद्र से जो दिशा-निर्देश जारी होंगे, उस पर काम होगा।”
-​डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं “एचपीवी वैक्सीनेशन को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। हां, वित्त मंत्री ने जरूर इसकी घोषणा की है। मगर, अभी तक बतौर राष्ट्रीय टीकाकरण अधिकारी मुझे इससे ज्यादा जानकारी नहीं है।” -डॉ. पवन कुमार, अतिरिक्त आयुक्त, प्रभारी राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान एचपीवी वायरस के बारे में जानें
एचपीवी वायरसों का एक ग्रुप है। यह संक्रमण, या फिर यौन संबंध के जरिए एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता है। संक्रमण के 15 साल बाद तक भी कैंसर के लक्षण दिखाई नहीं देते। वैक्सीन के जरिए शरीर में एंटीबॉडी बनेगी, जो वायरस को प्रिवेंट करेगी। मगर, शादी के बाद वैक्सीन से ज्यादा स्क्रीनिंग जरूरी है। साथ ही जागरूकता भी। भास्कर एक्सपर्ट- डॉ. प्रदीप चंद्राकर, प्रोफेसर, कैंसर रोग विभाग, डॉ. आंबेडकर अस्पताल

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