राज्य सरकार ने अब मुक्तिधामों की बुनियादी जरूरतों की सुध ली है। प्रदेश के सभी मुक्तिधामों में बिजली, पानी, शेड और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुक्तिधामों में महिलाओं और पुरुषों के लिए दो अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे। साफ-सफाई पर भी सरकार सख्ती के मूड में है। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को 15 दिनों के अंदर साफ-सफाई कराने और इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजने के लिए कहा है। इसके लिए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के साथ ही सभी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग के लिए निकायों में एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा। इन सुविधाओं के लिए जिला खनिज न्यास मद, सीएसआर, निकाय निधि एवं 15वें वित्त आयोग आदि मदों की राशि का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, मुक्तिधामों में बुनियादी सुविधाएं न होने को हाई कोर्ट ने गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। रहंगी के इस मुक्तिधाम से लौटे थे चीफ जस्टिस, संज्ञान लेकर शुक्रू की सुनवाई दरअसल, पिछले महीने बिलासपुर हाई कोर्ट के जीफ चस्टिस अंतिम संस्कार में शामिल होने बिल्हा तहसील के रहंगी ग्राम पंचायत पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने देखा कि मुक्तिधाम के चारों ओर कोई बाउंड्रीवाल नहीं थी। साथ ही आसपास गंदगी की भरमार थी। सॉलिड वेस्ट मैनेंजमेंट का शेड मुक्तिधाम के बगल में था। शौचालय न होने के साथ ही बिजली, शेड, बैठने की व्यवस्था, मुक्तिधाम तक जाने के लिए अप्रोच रोड जैसी बुनियादी सुविधाएं भी वहां नहीं थी। मुक्तिधाम की दयनीय स्थिति को देखकर उन्होंने इसका स्वतः संज्ञान लिया। साथ ही इस मामले को पीआईएल मानकर सुनवाई की और शासन को सुधार के निर्देश दिए। भास्कर नॉलेज दरअसल, सम्मानजनक मृत्यु और अंतिम संस्कार सभी नागरिकों का मौलिक अधिकार है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में इसका उल्लेख है।
जागा विभाग:बदइंतजामी से मुक्त होंगे मुक्तिधाम नोडल अफसर नियुक्त किए जाएंगे

















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