‘जय गौ-माता’ कहकर चापड़ से काट डाली उंगली:मोटिवेशनल स्पीकर थे आदेश सोनी, 10,000 पुलिसवालों-कैदियों को दी ट्रेनिंग; कहा-कायर नहीं हूं, सजा मंजूर है

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आदेश सोनी नाम के शख्स ने ‘गौ माता की जय’ बोलकर चापड़ से अपनी उंगली काट डाली। आदेश का कहना है कि गौ-माता को इंसाफ नहीं मिल रहा। हमें बलिदान देना पड़ेगा। इससे सरकार को गाय की पीड़ा महसूस होगी। उंगली काटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भास्कर डिजिटल की टीम ने आदेश सोनी का बैकग्राउंड पता किया। आदेश कभी जेलों में कैदियों को मेंटल हेल्थ पर स्पीच देते थे। दस हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को स्ट्रेस मैनेजमेंट पर ट्रेनिंग दे चुके हैं। इसके साथ ही डांस कोरियोग्राफर भी थे।लेकिन 2017 में हुए एक वाकये ने आदेश की जिंदगी बदल दी।दैनिक भास्कर ने आदेश सोनी बातचीत की। आदेश ने बताया गौ माता को ‘राज्य माता’ घोषित करने के लिए सरकार को 5 लाख पत्र लिखे गए। लेकिन कुछ नहीं हुआ। गौ-अभयारण्य प्रोजेक्ट भी अधर में लटक गया। उन्होंने कहा- सरकार के रवैये से हताश होकर अपनी उंगली काटी। सरकार को गायों का दर्द महसूस कराने के लिए बलिदान दिया है। आदेश ने ये भी कहा कि पहला अंग तो अपना गया, अब दूजा अंग गौ हत्यारों का जा सकता है। पढ़िए ये इंटरव्यू … पहले ये तस्वीरें देखिए… सवाल: गाय को राज्य माता घोषित नहीं करने पर अपनी उंगली काट ली, इसे खुद किस नजरिए से देखते हैं? जवाब: मुझे मालूम है कि मैंने जो किया वह गलत है। अपराध की श्रेणी में आता है। इन सब बातों को मैं समझता हूं, जानता हूं। बावजूद विवशता के कारण यह कदम उठाना पड़ा। गौ माता को काटा जा रहा है। मैं सरकार के पास गया, मैंने मदद मांगी। सब कुछ किया जो कर सकता था, लेकिन राज्य में गौ हत्या रुक ही नहीं रही है। 5 लाख पत्र सीएम को लिखे गए। गौ माता को राजमाता घोषित करने के लिए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जो हुआ उसके लिए प्रदेश सरकार भी जिम्मेदार है। सवाल: आपने पुलिसवालों को मेंटल हेल्थ पर ट्रेनिंग दी, कोरियोग्राफर भी थे, फिर गौ सेवा की ओर कैसे आना हुआ ? जवाब: 2017 में अक्टूबर महीने में मैं, अपनी निजी समस्याओं के चलते सुसाइड करने के लिए घर से 140 की रफ्तार में कार लेकर निकला। इसी बीच मुझे एक छोटा बिल्ला दिखाई दिया। मैंने कार रोकी तो उसकी हालत काफी खराब थी। सुसाइड से मेरा ध्यान हटकर बिल्ले की ओर चला गया। उसे लेकर मैं अपने घर गया। मुझे लगा कि भगवान ने मुझे दूसरा मौका दिया। इसके बाद मैंने मोटिवेशनल स्पीकर वाली लाइफ, इवेंट मैनेजमेंट, कोरियोग्राफी सब छोड़ दी। भगवत गीता पढ़ने लगा। इसके बाद मेरा मन गौ सेवा की ओर चला गया। सवाल: आपने मांग पूरी नहीं होने पर उंगली काटने की बात कही थी, फिर काटी, आगे ऐसी चर्चा है कि अब आप अपना सिर कटवा देंगे ? जवाब: मैं कायर नहीं हूं। मैं अपनी गर्दन नहीं कटवा रहा हूं। मैंने अपनी उंगली इसलिए काटी, ताकि लोगों को कटने का दर्द महसूस हो। मैं आत्मदाह नहीं करूंगा, न ही अपना सिर कटवाऊंगा, लेकिन सरकार अब भी नहीं जागी तो पहला अंग अपना गया, अब दूजा अंग गौ हत्यारों का जा सकता है। सवाल: आप गैर कानूनी कदम उठाने की बात कर रहे हैं, ये एमेच्योर बात है ? जवाब: मैंने गीता में पढ़ी है। अपनी शारीरिक मां की , गौ मां की और देश की रक्षा में की गई हिंसा सत्कर्म की श्रेणी में आते हैं। मैं नहीं होना चाहता मेच्योर, कोई बच्चा अपनी मां के लिए जिद करना कैसे छोड़ दे। सवाल: एक झटके में कोई कानून नहीं बनता, आप रेजिड क्यों हो रहे हैं, इस तरह की जिद सही है क्या ? जवाब: हमने सरकार के सामने तीन मांगें रखी थीं। एक भी पूरी नहीं हुई। ढाई साल पहले विधानसभा चुनाव के दौरान हमने गौ-अभयारण्य की फाइल आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था। गृहमंत्री विजय शर्मा ने इसे मंज़ूरी भी दे दी थी। उन्होंने मुझे कवर्धा बुलाया। हमने कवर्धा से लगभग 7 किलोमीटर दूर एक गांव में 120 एकड़ जमीन भी देखी। मैं दो साल कवर्धा में रहा। सवाल: जब सरकार के साथ सब सही चल रहा था तो अचानक क्या हुआ ? जवाब: 24 अक्टूबर 2024 को मैंने सारे मंत्रियों को एक लेटर लिखा। इसमें यह उल्लेख किया गया था कि काम करने में क्या चुनौती आ रही है? सरकार सिर्फ दो से तीन करोड़ में अभ्यारण बनाना चाहती थी। मैंने कहा कि बजट लाना होगा, लेकिन बजट कभी आया नहीं और काम रुक गया। 2. दूसरी बात, हमने उन रास्तों पर गौ सेवा पुलिस तैनात करने की बात कही थी, जहां गौ तस्करी ज़्यादा होती है। ऐसे कुल 18 पॉइंट थे। ज्यादातर पुलिस बल नक्सल ऑपरेशन में लगा रहता है, इसलिए यह भी संभव नहीं था। 3. सरकार को एक और ऑफर दिया गया कि आप गौठान को गोधाम कर दीजिए, लेकिन सरकार ने गोधाम के नाम पर गौ माता का अपमान कर दिया। यहां कृत्रिम गर्भाधान की ट्रेनिंग चल रही है। लिखा गया था कि गौ सेवकों को मानदेय दिया जाएगा, लेकिन योजना में जहां पर इसका जिक्र है, ब्रेकेट में लिखा हुआ है प्राइवेट कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता। गौ सेवा करने के लिए हम लोगों को कृत्रिम गर्भाधान करना होगा। ये पाप होगा। सवाल: सरकार को साइड में रखते हैं, हिंदू धर्म के लोग गौ माता के लिए क्या सेंसिटिव हैं ? जवाब: लोग शादियों में लाखों-करोड़ों खर्च कर रहे हैं। बड़े-बड़े पंडाल लग रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि इस तरह के खर्चों की कोई आवश्यकता है। ये खर्च दिखावटी हैं। मान लेते हैं कि अगर बहुत ज्यादा जरूरी भी है, तब भी तो सब कुछ कम बजट में भी हो सकता है। इस बजट में लगने वाले करोड़ों रुपयों का कुछ अंश भी गौ माता के नाम पर हिंदू भाई दान करेंगे, तो गौ सेवा के लिए काफी होगा। सवाल: आपकी पत्नी है, बेटा है, एक अच्छा परिवार है, वह लोग जब आप इस तरह की हरकत करते हैं तो फिर कैसे डील करते हैं ?
जवाब: मेरे घर में मेरी इस हरकत से सभी लोग दुखी हैं। मेरी पत्नी ने बुरे वक्त पर भी मेरा साथ दिया है। मेरी पत्नी देवी जैसी है। मैंने कई बार अपनी इस गलती के लिए उनसे माफी मांगी है। मैं जानकर भी एक अपराधी किस्म की हरकत में इन्वॉल्व हो गया। हालांकि यह जरूरी हो चुका था। परिवार समाज या कानून उसके लिए मुझे जो भी सजा देगा वह मुझे स्वीकार होगा। …………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़ें ‘गौ-माता की जय’ बोलकर युवक ने काटी अपनी उंगली VIDEO: बोला-इंसाफ नहीं मिल रहा, बलिदान देना पड़ेगा; मुंगेली में कारोबारी ने बछड़े पर चढ़ाई कार राजधानी रायपुर में रविवार देर शाम एक युवक ने चापड़ से खुद के हाथ की उंगली काट ली। घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। युवक ऐसा करने से पहले बार-बार “गौ माता की जय” का नारा लगाता है। कहता है कि गौ-माता को इंसाफ नहीं मिल रहा, अब हमें बलिदान देना पड़ेगा। पढ़ें पूरी खबर…

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