श्रीकृष्ण-जन्मोत्सव पर मंदिरों में गूंजा जय कन्हैया लाल की:दर्शन के लिए उमड़ी भीड़, 1100 किलो मालपुए का भोग; CM ने बच्चों को खिलाए लड्डू

रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। देशभर के साथ छत्तीसगढ़ में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। प्रदेशभर के श्रीकृष्ण मंदिरों को सजाया गया है। मंदिरों के साथ ही अलग-अलग जगहों पर देर रात तक भजन-कीर्तन का दौर जारी रहा। कई जगहों पर मटकी फोड़ के आयोजन किए गए। रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन टेंपल में जन्माष्टमी महोत्सव चल रहा है। जैतूसाव मठ में भगवान को 1100 किलो मालपुए का भोग लगाया गया। इसके अलावा सरगुजा, बिलासपुर और रायगढ़ में भी कृष्ण जन्माष्टमी की धूम रही। सरगुजा में भक्त हरिनाम कीर्तन की धुन पर झूमते हुए “हरे कृष्ण-हरे राम” के महामंत्र में डूबे हुए दिखाई दिए। अलग-अलग शहरों में मटकी फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। देखिए श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तस्वीरें- रायपुर में CM हाउस में मनाई गई कृष्ण जन्माष्टमी रायपुर स्थित सीएम हाउस में कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। इस दौरान सीएम ने बच्चों को लड्डू खिलाए और चॉकलेट बांटी। वहीं, समता कॉलोनी स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर में सुबह दुग्धाभिषेक से अनुष्ठान की शुरुआत हुई। सिटी कोतवाली में भी जन्माष्टमी मनाई गई। यहां कारागार में ठाकुरजी का जन्म हुआ। वासुदेव टोकरी में उन्हें लेकर बाहर आए। श्रीकृष्ण के जयकारे के बीच उन्हें सदर बाजार के गोपाल मंदिर लाया गया। रायपुर के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व भक्ति और उल्लास का अद्भुत नजारा पेश कर रहा है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर में उमड़ पड़ी रही। भक्तगण हरिनाम कीर्तन की धुन पर झूमते हुए “हरे कृष्ण-हरे राम” के भजन में डूबे रहे। जैतूसाव और दूधाधारी मठ में उत्सव रायपुर के जैतूसाव मठ में मालपुआ बनाया गया है। पुरानी बस्ती के श्री जैतुसाव मठ में शनिवार रात 8 बजे से भजन संध्या की शुरुआत हो गई थी। रात 12 बजे जन्म आरती हुई। भगवान को 11 क्विंटल मालपुआ और 51 किलो पंजीरी का भोग चढ़ाया गया। रविवार को दोपहर 1 बजे राजभोग आरती कर शाम 5 बजे से प्रसाद वितरण किया जाएगा। वहीं, दूधाधारी मठ में प्रसाद के लिए धनिया की पंजीरी तैयार की गई। बिलासपुर में श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे लोग बिलासपुर में लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव पर मंदिरों में भक्ति और उल्लास का माहौल छा गया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिरों में घंटा-घड़ियाल और जयकारों की गूंज सुनाई दी। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर दर्शन के लिए उमड़ पड़े। जन्मोत्सव के बाद से शहर के मंदिरों में लगातार भजन-कीर्तन होते रहे। भक्तजन मधुर भजनों और संकीर्तन पर झूमते हुए श्रीकृष्ण की भक्ति में डूबे नजर आए। पूरा वातावरण कृष्ण प्रेम और भक्ति रस से सराबोर हो गया। राजनांदगांव जन्माष्टमी का पर्व उल्लास राजनांदगांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व उल्लास और भक्ति भाव से मनाया गया। शहर के विभिन्न श्रीकृष्ण मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तजन भजन-कीर्तन और संकीर्तन में शामिल होकर दिनभर कृष्ण भक्ति में सराबोर रहे। जैसे ही घड़ी ने रात 12 बजाए, पूरे शहर में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम मच गई। मंदिरों में “जय श्रीकृष्ण” और “राधे-राधे” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। भक्तजन भक्ति भाव में लीन होकर जन्माष्टमी का पर्व आनंद और श्रद्धा के साथ मनाते नजर आए। अंबिकापुर में जन्माष्टमी की रौनक अंबिकापुर के ऐतिहासिक राधा वल्लभ मंदिर में जन्माष्टमी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्ति गीतों और कीर्तन से मंदिर परिसर गूंज उठा है और भक्तजन श्रीकृष्ण के दर्शन कर पुण्य लाभ लिया। मंदिर में विशेष सजावट की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। शहरभर में जन्माष्टमी को लेकर उल्लास का माहौल रहा। राधा वल्लभ मंदिर में ठीक रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मनेंद्रगढ़ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी मनेन्द्रगढ़ में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। शहर के मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और हर कोई भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन दिखाई दिया। भजन-कीर्तन और संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर सभी प्रमुख मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। भक्तजन भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए और देर रात तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन चलता रहा। जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धा और उल्लास का अनोखा संगम देखने को मिला। मुंगेली में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मुंगेली में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। जिलेभर के मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष आयोजन किए गए हैं। श्री राधा कृष्ण मंदिर में भजन संध्या का आयोजन हुआ, जहां समन्वय कला परिषद के कलाकारों ने मनमोहक भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। वहीं आगर खेल परिसर में यादव समाज की ओर से दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 35 फीट ऊंचाई पर क्रेन से बांधी गई हांडी को तोड़ने की चुनौती युवाओं ने स्वीकार की। कोंडागांव में भगवान श्रीकृष्ण ने चम्मच से पिया दूध छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में जन्माष्टमी पर एक अनोखी घटना सामने आई। जहां मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिनेश डे (CMO) के घर स्थापित लड्डू गोपाल की मूर्ति को, जब दूध का भोग लगाया गया, तो कटोरे में रखा दूध धीरे-धीरे कम होने लगा। इस घटना के बाद दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रीकृष्ण का दूध पीने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं यह दृश्य देखते ही घर में मौजूद लोग भावविभोर हो गए और “राधे-राधे”, “जय श्रीकृष्ण” और “बांके बिहारी की जय” के जयकारे लगाने लगे। कुछ ही देर में यह खबर पूरे मोहल्ले में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग उस घर में दर्शन के लिए उमड़ पड़े। रायगढ़ में हल्की बारिश के बीच मटकी फोड़ प्रतियोगिता रायगढ़ में जन्माष्टमी के अवसर पर सुभाष चौक पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें हल्की बारिश के बीच मटकी फोड़ने वाली टीम के सदस्यों ने हाथ आजमाए, लेकिन काफी देर तक मटकी फोड़ने में सफल नहीं हो सके।

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