खैरागढ़ बना टापू, 3 नदियों का पानी घुसा, ड्रोन-VIDEO:वाटरफॉल से गिरा युवक, खैरागढ़-दुर्ग में 2 बहे; रायपुर-रायगढ़ समेत 8 जिलों में अलर्ट

खैरागढ़ में पिछले 3 दिनों से मूसलाधार बारिश के बाद 3 नदियों का पानी शहर में घुस गया, जिससे कलेक्ट्रेट के सामने इतवारी बाजार डूब गया। इससे 3 दिन तक 5000 से ज्यादा की आबादी परेशान रही। वहीं बलौदाबाजार के धसगुड़ जलप्रपात में रील बनाने के चक्कर में एक युवक 40 फीट ऊंचाई से गिर गया। खैरागढ़ और दुर्ग में बाढ़ में दो युवक बह गए, जो अब भी लापता हैं। वहीं इस बीच मौसम विभाग ने आज, सोमवार को प्रदेश के बलौदाबाजार, रायपुर, कबीरधाम, सरगुजा, रायगढ़, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर इन 8 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। यहां भारी बारिश के साथ बिजली गिर सकती है। अन्य जिलाें में मौसम सामान्य रहेगा। पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के बाद 2 दिन राहत रहेगी। 30 जुलाई के बाद मानसून फिर रफ्तार पकड़ेगा। पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। बस्तर और दुर्ग संभाग के कुछ जगहों पर भारी बारिश हुई है। 28 दिन में 430 मिलीमीटर पानी बरसा पिछले 28 दिन की बात करें तो प्रदेश भर में 430MM बारिश हो चुकी है। आखिरी पांच दिनों यानी 23 जुलाई से 27 जुलाई तक 129.5MM बारिश औसतन दर्ज की गई है। दरअसल, आखिरी के दस सालों में सिर्फ दो बार ही जुलाई माह में बारिश का आंकड़ा 400MM पार हुआ है। साल 2023 में जुलाई माह में प्रदेश में सबसे ज्यादा 566.8MM पानी बरसा था। इससे पहले साल 2016 में 463.3MM पानी गिरा था। इस लिहाज से पिछले 10 साल में दूसरी बार ही प्रदेश में इतनी बारिश रिकार्ड की गई है। रायपुर की बात करें तो प्रदेश में इस महीने अब तक 426.2MM पानी बरस चुका है। डैम का पानी शहर में घुसा पिछले दिनों हुई बारिश से कई जिलों में बाढ़ के हालात बन रहे। खैरागढ़ में मुसका, पिपरिया और आमनेर नदी में बाढ़ की वजह से प्रधानपाठ बैराज डैम का पानी घुसने से शहर का एक हिस्सा डूब गया। पानी घरों में भी घुस गया। पानी 5-10 फीट ऊपर था, जिससे शहरवासी परेशान रहे। डूबे शहर का ड्रोन वीडियो भी सामने आया है, जिसमें चारों ओर पानी ही पानी दिख रहा है। वाटरफॉल से नीचे गिरा युवक वहीं बलौदाबाजार जिले के धसगुड़ जलप्रपात पर एक युवक 40 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गया। हादसे में उसके शरीर की चार हड्डियां टूट गईं। 26 जुलाई को निखिल साहू (18 साल) अपने दोस्तों के साथ घूमने पहुंचा था, तभी नहाने के दौरान घटना हुई। इसका लाइव वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है सभी दोस्त मस्ती कर रहे थे। तभी निखिल रील बनाने के लिए टॉप में चढ़कर छलांग लगाने वाला था। इस दौरान बैलेंस बिगड़ने से वह सीधे नीचे गिर गया। उसके पसली में सबसे ज्यादा चोट आई है। दुर्ग जिले में 3 लोगों को बचाने के चक्कर में बहा युवक दुर्ग जिले में लगातार बारिश हो रही है। नदी-नाले उफान पर हैं। कुम्हारी थाना क्षेत्र के रामपुर चोरहा नाला में 35 वर्षीय राकेश बंजारे बह गया। बताया जा रहा है कि बाढ़ में फंसे 3 लोगों को बचाने के लिए नाले में कूदा था, लेकिन वह बह गया। पेंटिंग का काम करता था। स्टॉप-डैम का रिटर्निंग वॉल बहा पिछले दिनों रायगढ़ में भारी बारिश से कुरकुट नदी पर बने स्टॉप डैम का रिटर्निंग वॉल बह गया। रिटर्निंग वॉल टूटने से घरघोड़ा के कारीछापर से घरघोड़ी सहित 4 गांव का संपर्क टूट गया। अब कारीछापर आने 5 किलोमीटर के सफर के लिए लोगों को 30 किमी घूम कर आना पड़ रहा है। इसके अलावा लैलूंगा ब्लॉक के ग्राम पंचायत चिराईखार में पुलिया बह गई। जिससे चिराईखार से कोल्हियापारा, मनिहार पारा, भदरापारा का संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों के आने-जाने का यह एकमात्र रास्ता था। प्रदेश में 599 मिलीमीटर पानी बरसा छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 599.6 मिलीमीटर औसत वर्षा हो चुकी है। अब तक बलरामपुर जिले में सबसे ज्यादा 929.5 मिमी पानी बरसा है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 299.8 मिमी पानी गिरा है। लंबा रह सकता है मानसून मानसून के केरल पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून है। इस साल 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून के लौटने की सामान्य तारीख 15 अक्टूबर है। अगर इस साल अपने नियमित समय पर ही लौटता है तो मानसून की अवधि 145 दिन रहेगी। इस बीच मानसून ब्रेक की स्थिति ना हो तो जल्दी आने का फायदा मिलता सकता है। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ

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