बिजली गिरी, इकलौता चिराग बुझा:स्कूल के मैदान में फुटबॉल खेल रहे 10वीं के छात्र पर गिरी आकाशीय बिजली, मौत

अमलीडीह स्थित सेंट जोसेफ स्कूल के खेल मैदान में आकाशीय बिजली गिरने से एक छात्र की मौत हो गई। घटना बुधवार दोपहर 12:50 बजे की है, जब बच्चे मैदान में फुटबाल और वॉलीबाल खेल रहे थे। इसी दौरान बादल गरजने लगे और बिजली गिरी। मैदान में फुटबाल खेल रहा कक्षा 10वीं का छात्र प्रभात साहू (16) इसकी चपेट में आ गया। मैदान में मौजूद अन्य छात्रों को भी करंट जैसा झटका महसूस हुआ। सभी दौड़कर प्रभात के पास पहुंचे। स्कूल स्टाफ ने उसे उठाया और नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्कूल में तत्काल छुट्टी घोषित कर दी गई। माता-पिता का इकलौता बेटा था प्रभात: हवलदार शिवशरण साहू झारखंड निवासी है। चौथी बटालियन में तैनात शिवचरण परिवार के साथ राजेन्द्र नगर स्थित विजेता कॉम्प्लेक्स में क्वार्टर में रहते हैं। पिछले साल ही उनकी प्रतिनियुक्ति पर एसीबी-ईओडब्ल्यू में हुई। घटना के समय वे ड्यूटी पर थे और रायपुर केंद्रीय जेल गए थे। तभी उन्हें फोन आया और वे अस्पताल पहुंचे। प्रभात उनका इकलौता बेटा था। उनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी कॉलेज में पढ़ती है और छोटी बेटी प्रभाव के साथ ही सेंट जोसेफ स्कूल में पढ़ती है। प्रभात पिछले दस दिनों से पैर के दर्द से परेशान था और स्कूल भी नहीं जा पा रहा था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि प्रभात का अंतिम संस्कार गुरुवार को झारखंड स्थित पैतृक गांव में किया जाएगा। आईजी, एसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे:
घटना की सूचना मिलने पर आईजी अमरेश मिश्रा, एसीबी-ईओडब्ल्यू के दोनों एसपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और शिवशरण साहू से मुलाकात की। आईजी ने परिजनों से बात की और घटना की जांच के निर्देश दिए। साथ ही स्कूल में लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच करने को कहा गया है। प्रभात के क्लासमेट योगेश ने बताया कि आसमान से आग का गोला जैसा कुछ नीचे गिरा। किसी को कुछ समझ नहीं आया। करंट जैसा लगा और प्रभात वहीं गिर गया। स्कूल के सुरक्षा गार्ड मनीष सिन्हा ने बताया कि वह गेट पर खड़ा था। जब बिजली कड़की, तो वह डर गया और पसीना-पसीना हो गया। उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे बिजली उसी के ऊपर गिरी हो। 9 साल पहले यूनिवर्सिटी में गिरी थी बिजली: 2016 में खरोरा स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी में आकाशीय बिजली गिरने से एक छात्र की मौत हो गई थी। अगस्त 2025 में भी गाज गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। आंखों देखी ऐसा लगा जैसे करंट का झटका लगा हो छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के हवलदार शिवशरण साहू का इकलौता बेटा प्रभात साहू दसवीं ‘सी’ सेक्शन का छात्र था। बुधवार सुबह उसका हिंदी विषय का टेस्ट था। टेस्ट के बाद ‘सी’ सेक्शन के 35 छात्र खेल मैदान में आ गए। जबकि अन्य कक्षाओं में पढ़ाई जारी थी। प्रभात अपने साथियों के साथ फुटबाल खेल रहा था। कुछ छात्र वॉलीबाल खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक बादल गरजने लगे। छात्रों को अंदर जाने के लिए कहा गया। इसी बीच तेज गरज के साथ बिजली गिरी। सभी छात्र डरकर कक्षा की ओर दौड़े। मुझे भी करंट जैसा झटका महसूस हुआ। अन्य छात्रों ने भी यही महसूस किया। जब पलटकर देखा तो प्रभात मैदान में अचेत पड़ा हुआ था। मैं दौड़कर उसकी ओर गया और उसे उठाने की कोशिश की। उसका चेहरा, सीना और पेट बुरी तरह झुलस गया था। अन्य स्टाफ और छात्र भी दौड़कर आए। प्रभात को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। प्रभात की बहन भी हमारे स्कूल में पढ़ती है। उसे बुलाया गया। फिर उसने अपनी बड़ी बहन को बुलाया। इसके बाद माता-पिता पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज के बाद प्रभात को मृत घोषित कर दिया।
-जैसा कि प्रत्यक्षदर्शी शिक्षक मनीष धामेचा ने भास्कर को बताया एक्सपर्ट व्यू : ऊंची बिल्डिंग या ऊंचाई वाले स्थानों पर गिरती है बिजली आमतौर पर बिजली ऊंचाई वाले स्थानों या ऊंची बिल्डिंग में गिरती है। शहर में ज्यादातर ऊंची बिल्डिंगों में तड़ित चालक यंत्र लगा होता है। अगर 40 मीटर में तड़ित चालक यंत्र है, फिर भी बिजली गिरी है तो मौके को देखना पड़ेगा। जब भी बिजली गिरने की स्थिति पैदा होती है हमारी ओर से किसानों को यही सलाह दी जाती है कि वे कहीं खड़े न हों, बल्कि उखड़ू बैठ जाएं। -डॉ. गायत्री वाणी कांचीभ, मौसम वैज्ञानिक

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